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  1. Hormuz Strait पर टेंशन, बुधवार को गुजरे सिर्फ 7 जहाज, लेकिन वैल्यू बाइंग से बाजार को मिला सपोर्ट

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Hormuz Strait पर टेंशन, बुधवार को गुजरे सिर्फ 7 जहाज, लेकिन वैल्यू बाइंग से बाजार को मिला सपोर्ट

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 11:41 IST

सारांश

बुधवार को कुल 7 जहाज Hormuz Strait से गुजरे हैं, जबकि मंगलवार को यह संख्या 12 थी। पिछले 10 दिनों का औसत लगभग 14 जहाज प्रतिदिन था। इसका मतलब है कि बुधवार का आंकड़ा औसत से काफी कम है।

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शेयर बाजार में कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी एक बड़ी वजह है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 10 सितंबर को भारी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। आज शुरुआती कारोबार में BSE Sensex में 146 अंकों की तेजी नजर आई और यह 74,910.96 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि यह तेजी बरकरार नहीं रह सकी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय BSE Sensex में 44 अंकों की गिरावट थी और यह 74718.89 के स्तर पर आ गया था। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 15 अंकों की कमजोरी के साथ 23416.50 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज की उतार-चढ़ाव के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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अमेरिका-ईरान तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बरकरार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी एयर बेस पर रात भर हुए ईरानी हमले में अमेरिका के कई मिलिट्री एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है। इस हमले में एक अमेरिकी A-10 “Warthog” विमान को नुकसान पहुंचा और उसका एक पंख निकल गया। जॉर्डन ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। इनमें से 18 को मार गिराया गया, जबकि 2 खाली/निर्जन इलाके में गिरीं। अमेरिका ने हमले से बचाव के लिए 30 से ज्यादा मिसाइलें इस्तेमाल कीं।

रिपोर्ट के मुताबिक ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिका ने ईरान के पांच टैंकरों पर हमला किया। इसके जवाब में IRGC ने दावा किया कि उन्होंने आठ टैंकरों और दो युद्धपोतों पर हमले किए, जिसमें जॉर्डन का बेस भी शामिल था।

क्रूड ऑयल में तेजी जारी, तेल सप्लाई की चिंता

जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच कच्चे तेल के भाव में तेजी अभी भी जारी है और इसने 100 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100.48 डॉलर प्रति बैरल पर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कुल 7 जहाज Hormuz Strait से गुजरे हैं, जबकि मंगलवार को यह संख्या 12 थी। पिछले 10 दिनों का औसत लगभग 14 जहाज प्रतिदिन था। इसका मतलब है कि बुधवार का आंकड़ा औसत से काफी कम है। तेल सप्लाई से जुड़ी चिंताओं ने बाजार का सेंटीमेंट खराब किया है। ध्यान रहे कि कुछ जहाज अपना ट्रैकिंग सिग्नल बंद करके भी गुजर सकते हैं, इसलिए वास्तविक संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

शेयर बाजार में कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली भी एक बड़ी वजह है। बीते कारोबारी दिन यानी 09 सितंबर को FIIs ने करीब 583 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके पहले 08 सितंबर को भी विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे थे। बता दें कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर रुपये की वैल्यू पर भी पड़ता है।

रुपये में कमजोरी

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे गिरकर 95.33 पर आ गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंचने से भारत के इम्पोर्ट बिल को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और डॉलर की लगातार मांग का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी पड़ा। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.15 पर खुला और फिर गिरकर 95.33 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 25 पैसे की गिरावट है।

वैल्यू बाइंग से मिला सपोर्ट

बाजार में आज हल्की तेजी के लिए वैल्यू बाइंग एक बड़ी वजह रही। 1 सितंबर से अब तक Sensex में करीब 2.78 फीसदी या 2137 अंकों की गिरावट आ चुकी है। दूसरी तरफ Nifty 50 भी इस दौरान 616 अंक या 2.6 फीसदी टूट चुका है। लगातार बिकवाली के बाद अब बाजार में कई अच्छे शेयर कम कीमत पर मिल रहे हैं। यही वजह कि वैल्यू बाइंग के चलते बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।

बैंकिंग शेयरों में खरीदारी

आज के कारोबार में सेक्टर स्पेसिफिक तेजी से भी बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। आज कई बैंकिंग शेयरों में मजबूती नजर आ रही है। इसके चलते निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 1 फीसदी बढ़ गया है। वहीं प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी तेजी है। इसके अलावा निफ्टी मीडिया और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी बढ़त नजर आई। इसके चलते भी बाजार में आज हल्की बढ़त देखी गई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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