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  1. रेपो रेट बढ़ने का स्टॉक मार्केट पर क्या असर? ऑटो-रीयल एस्टेट धड़ाम, बैंक स्टॉक्स में दिखी बहार

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रेपो रेट बढ़ने का स्टॉक मार्केट पर क्या असर? ऑटो-रीयल एस्टेट धड़ाम, बैंक स्टॉक्स में दिखी बहार

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 07, 2026, 11:58 IST

सारांश

रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक स्टॉक्स में बढ़त देखी गई, क्योंकि ऊंची ब्याज दरों की वजह से बैंक लोन पर ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं, जिससे उनकी ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ सकती है।

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RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, Auto और Real Estate स्टॉक्स में गिरावट (Photo: Shutterstock)

आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया। आरबीआई ने ग्लोबल अनिश्चितता बढ़ने के साथ प्रमुख नीतिगत ब्याज दर रेपो को .25% बढ़ाकर 5.5% कर दिया। इसके साथ एमपीसी ने अपने रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘जरूरत के अनुसार सख्त’ करने का फैसला भी लिया। इसका मतलब है कि आरबीआई परिस्थितियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर नीतिगत दर में वृद्धि कर सकता है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने जब यह ऐलान किया इसके बाद ऑटो, रियल एस्टेट और दूसरे रेट-सेंसिटिव स्टॉक्स में गिरावट देखी गई, वहीं बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली।

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गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रही है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने की उम्मीद है और रियल जीडीपी (GDP) का अनुमान संशोधित करके 7.1% कर दिया गया है। मॉडुलस अल्टरनेटिव्स के CEO और CIO संदीप अग्रवाल ने कहा, 'क्रेडिट मार्केट पर इसका असर सिर्फ उधार लेने की लागत में तुरंत बढ़ोतरी तक ही सीमित नहीं रहेगा। ज्यादा ब्याज दरों वाले माहौल में कैश फ्लो की क्वॉलिटी, कर्ज चुकाने की क्षमता और सिक्योरिटी की मजबूती पर ज्यादा जोर दिया जाता है। प्राइवेट क्रेडिट के मामले में, इससे अनुशासित अंडरराइटिंग और स्ट्रक्चरिंग का महत्व और बढ़ जाता है, साथ ही उन बिजनेसों को चुनने में ज्यादा सावधानी बरती जाती है, जिनके फंडामेंटल मजबूत हों और जिनके कर्ज चुकाने की स्थिति साफ हो।'

बैंकिंग स्टॉक्स में दिखी तेजी

रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक स्टॉक्स में बढ़त देखी गई, क्योंकि ऊंची ब्याज दरों की वजह से बैंक लोन पर ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं, जिससे उनकी ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ सकती है। अगर लोन पर ब्याज दरें, डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दरों की तुलना में तेजी से बढ़ती हैं, तो बैंकों को बेहतर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का फायदा मिल सकता है, जिससे मुनाफा बढ़ सकता है। रेट बढ़ाने के ऐलान के बाद 14 स्टॉक्स वाले NIFTY Bank इंडेक्स में बढ़त हुई। वहीं, NIFTY PSU Bank इंडेक्स 0.81% बढ़कर ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि NIFTY प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी बढ़त देखी गई।

NIFTY Bank इंडेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले स्टॉक्स में कोटक महिंद्रा बैंक (1.68%), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (1.37%), फेडरल बैंक (1.31%), केनरा बैंक (1.04%) और पंजाब नेशनल बैंक (0.8%) शामिल थे। NIFTY PSU Bank इंडेक्स 1.08% बढ़कर 8,084.10 के इंट्राडे हाई लेवल पर पहुंच गया, जबकि NIFTY प्राइवेट बैंक इंडेक्स 0.44% बढ़कर 27,213.55 के दिन के हाई लेवल पर पहुंच गया।

ऑटो स्टॉक्स हुए धड़ाम

रेपो रेट पर फैसले के बाद, NIFTY ऑटो इंडेक्स लगभग 2% गिरकर 25,105.40 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इंडेक्स के सभी 15 स्टॉक्स नीचे ट्रेड कर रहे थे। इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स में अशोक लेलैंड (-2.75%), बजाज ऑटो (-2.54%), ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया (-2.27%), भारत फोर्ज (-1.88%) और हुंडई मोटर इंडिया (-1.83%) शामिल थे।

फाइनेंशियल सेक्टर के स्टॉक्स पर पड़ा क्या असर?

NIFTY फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स गिरकर 24,755.55 के इंट्राडे लो पर आ गया, जिसमें 20 में से 13 स्टॉक्स गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स में श्रीराम फाइनेंस (-1.77%), MFSL (-1.59%), चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी (-1.57%), SBI लाइफ इंश्योरेंस (-1.39%) और BSE (-1.28%) शामिल थे।

मणिपाल फिनटेक की CEO पूजा अभिषेक सिंह ने कहा, 'फिनटेक और NBFCs समेत लेंडर्स पर इसका तुरंत असर फंड की लागत में थोड़ी बढ़ोतरी के तौर पर दिखेगा। रेपो-लिंक्ड लोन लेने वालों की EMI या लोन की अवधि में बदलाव हो सकता है, जबकि नए रेट माहौल के हिसाब से बैंक डिपॉजिट रेट्स भी बढ़ा सकते हैं। लेंडर्स का फोकस लागत को मैनेज करने के साथ-साथ लेंडिंग रेट्स को कॉम्पिटिटिव बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने पर होगा कि कंज्यूमर्स और छोटे बिजनेस को क्रेडिट मिलता रहे।'

रियल एस्टेट स्टॉक्स भी लुढ़के

रियल एस्टेट स्टॉक्स में भी गिरावट देखी गई, NIFTY रियल्टी इंडेक्स लगभग 1.1% गिरकर 828.15 के लेवल पर आ गया। 10 में से 8 स्टॉक्स नीचे ट्रेड कर रहे थे। आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट (-1.59%), ब्रिगेड एंटरप्राइजेज (1.35%), प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स (-1.14%), गोदरेज प्रॉपर्टीज (-0.77%) और DLF (-0.62%) सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियां रहीं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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