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  1. NSE IPO का इंतजार खत्म, 17 सितंबर से खुलेगा ₹22,561 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड समेत पूरी जानकारी

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NSE IPO का इंतजार खत्म, 17 सितंबर से खुलेगा ₹22,561 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड समेत पूरी जानकारी

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 11, 2026, 08:55 IST

सारांश

NSE के IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड रहेगा। NSE IPO में मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। पहले करीब 14.9 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है।

NSE IPO

NSE IPO के लिए लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। इस पब्लिक इश्यू के प्राइस बैंड से लेकर जरूरी डेट्स तक कई जानकारियां सामने आ गई हैं। यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए 17 सितंबर खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। कंपनी इसके जरिए कुल 22,561.57 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इश्यू के लिए ₹1700-₹1785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली 16 सितंबर को लगाई जाएगी। NSE की बाजार में लिस्ट होने की योजना पिछले 1 दशक से अटकी हुई थी। नए अपडेट्स के साथ अब इसकी लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है।

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NSE IPO का स्ट्रक्चर

NSE के IPO में नए शेयर जारी नहीं होंगे और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड रहेगा। NSE IPO में मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे। पहले करीब 14.9 करोड़ शेयर बेचने की योजना थी, लेकिन अब इसे घटा दिया गया है। इसी वजह से IPO का कुल आकार भी पहले अनुमानित करीब ₹30,000 करोड़ से कम हो गया है। NSE IPO के लिए लॉट साइज 8 शेयरों का रखा गया है। अपर प्राइस बैंड पर एक रिटेल निवेशक को इसमें कम से कम 14,280 रुपये का निवेश करना होगा।

जरूरी डेट्स

NSE IPO के जरूरी डेट्स की बात करें तो सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होने की उम्मीद है। वहीं रिफंड की प्रक्रिया 23 सितंबर को शुरू होगी। BSE और NSE पर इसके शेयरों की लिस्टिंग की संभावित तारीख 24 सितंबर तय की गई है।

SBI समेत कई शेयरधारकों ने घटाई हिस्सेदारी बिक्री

RHP के मुताबिक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अब करीब 1.60 करोड़ शेयर बेचने वाला है। पहले SBI ने 2.47 करोड़ शेयर बेचने की योजना बनाई थी। इसी तरह MS Strategic (Mauritius) Ltd ने अपनी प्रस्तावित बिक्री को 1.6 करोड़ शेयर से घटाकर 1.1 करोड़ शेयर कर दिया है। इसके अलावा Bank of Baroda, Stock Holding Corporation of India और General Insurance Corporation of India ने भी अपने प्रस्तावित शेयरों की बिक्री कम की है। RHP में SBI Capital Markets Ltd को नया सेलिंग शेयरहोल्डर बनाया गया है।

सबसे बड़ा नहीं होगा NSE का IPO

करीब ₹22,500 करोड़ के आकार के साथ NSE IPO भारत का सबसे बड़ा IPO नहीं होगा। अभी यह रिकॉर्ड Hyundai Motor India के पास है, जिसने ₹27,870 करोड़ का IPO लॉन्च किया था। हालांकि, NSE का IPO LIC के ₹21,000 करोड़ के IPO से बड़ा है, जो 2022 में आया था।

NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि IPO में नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर बेच रहे हैं। इसलिए IPO से मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगा, NSE को नहीं।

पिछले हफ्ते बाजार नियामक SEBI ने NSE को IPO लाने की मंजूरी दी थी। यह NSE के लिए एक बड़ा कदम है, क्योंकि एक्सचेंज की शेयर बाजार में लिस्टिंग की योजना करीब एक दशक से अटकी हुई थी। NSE की लिस्टिंग में देरी के पीछे कई नियामकीय मुद्दे रहे हैं, जिनमें को-लोकेशन विवाद भी शामिल है। अब SEBI की मंजूरी के बाद NSE के लंबे समय से रुके IPO और लिस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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