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  1. सरकार लाई नया टैक्स संशोधन बिल, निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल पेमेंट तक होंगे कई बदलाव

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सरकार लाई नया टैक्स संशोधन बिल, निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल पेमेंट तक होंगे कई बदलाव

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 04, 2026, 19:14 IST

सारांश

सरकार का कहना है कि दुनिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल टेंशन, व्यापार में अनिश्चितता और सप्लाई चेन की चुनौतियों को देखते हुए ये बदलाव जरूरी हैं, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे।

Taxation and Other Laws (Amendment) Bill 2026

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए टैक्स छूट की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पेश किया। इस बिल का मकसद टैक्स नियमों को आसान बनाना, निवेश बढ़ाना, भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और कारोबार करने में आसानी लाना है। सरकार का कहना है कि दुनिया में चल रहे जियो-पॉलिटिकल टेंशन, व्यापार में अनिश्चितता और सप्लाई चेन की चुनौतियों को देखते हुए ये बदलाव जरूरी हैं, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे।

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आम लोगों पर क्या होगा असर?

यह बिल सीधे तौर पर हर टैक्सपेयर की आयकर दरों में बदलाव नहीं करता, लेकिन इसके जरिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिनका फायदा लंबे समय में आम लोगों को मिल सकता है। अगर देश में निवेश बढ़ता है, नई फैक्ट्रियां लगती हैं और उद्योगों का विस्तार होता है, तो रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने से विकास की रफ्तार भी तेज हो सकती है।

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए टैक्स छूट की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत विदेशी कंपनियों को भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने के लिए मशीनें, उपकरण और जरूरी सामान उपलब्ध कराने पर मिलने वाली टैक्स छूट अब 31 मार्च 2041 तक जारी रहेगी। पहले यह सुविधा 2030-31 तक ही थी।

इसके अलावा, जिन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनका दायरा भी बढ़ाया गया है। अब लैपटॉप, टैबलेट, सर्वर, स्मार्टवॉच, ईयरबड्स, वियरेबल डिवाइस और उनसे जुड़े एक्सेसरीज भी इसमें शामिल होंगे। इससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को और गति मिलने की उम्मीद है।

विदेशी निवेशकों को भी मिलेगी राहत

बिल में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को सरकारी बॉन्ड (Government Securities) से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर टैक्स छूट देने का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा और सरकार के लिए सस्ते में पूंजी जुटाना आसान होगा।

हीरा कारोबार और बिजनेस ट्रस्ट के लिए भी बदलाव

भारत को वैश्विक डायमंड ट्रेड का बड़ा केंद्र बनाने के लिए सरकार ने विदेशी डायमंड कंपनियों, ब्रोकर और नीलामी एजेंसियों को भी 2041 तक टैक्स छूट देने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, बिजनेस ट्रस्ट से जुड़े निवेशकों के लिए भी टैक्स नियम आसान किए जाएंगे, जिससे उन्हें डिविडेंड पर मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ बेहतर तरीके से मिल सकेगा।

डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए क्या बदलेगा?

बिल में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में भी संशोधन का प्रस्ताव है। इसके तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह कुछ इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों को अधिसूचित कर सके, जिन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगा सकेंगे। अगर यह लागू होता है, तो भविष्य में डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों को राहत मिल सकती है।

सरकार का क्या कहना है?

सरकार के मुताबिक, इस बिल का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना, निवेशकों का भरोसा बढ़ाना और भारत को मैन्युफैक्चरिंग व निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाना है। साथ ही, यह बिल पहले जारी किए गए इनकम टैक्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026 की जगह लेगा और उसमें किए गए प्रावधानों को कानूनी रूप देगा। कुल मिलाकर, सरकार का मानना है कि इन बदलावों से कारोबार, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जिसका फायदा लंबे समय में आम लोगों तक भी पहुंचेगा।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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