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4 min read | अपडेटेड September 21, 2026, 18:30 IST
सारांश
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF लॉन्ग टर्म में सुरक्षित और बड़ा फंड बनाने का एक बेहतरीन ऑप्शन है। अगर आप PPF में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं, तो 30 साल बाद कंपाउंडिंग के दम पर आप 1.54 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं।

PPF में 1.5 लाख रुपये के सालाना निवेश से 30 साल में तैयार होगा 1.54 करोड़ रुपये का बड़ा फंड।
अपनी रिटायरमेंट को सुरक्षित करने और फ्यूचर के लिए बड़ा फंड तैयार करने के लिए सही जगह इन्वेस्ट करना बहुत जरूरी होता है। अगर आप बिना कोई रिस्क लिए करोड़पति बनना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF स्कीम आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है। PPF एक ऐसी स्मॉल सेविंग स्कीम है जो सरकारी सुरक्षा, गारंटीड रिटर्न और ट्रिपल टैक्स छूट का फायदा देती है। अगर आप इसमें हर साल अधिकतम लिमिट यानी 1.5 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट करते हैं और इसे 30 साल तक जारी रखते हैं, तो आप आसानी से 1.54 करोड़ रुपये का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आइए समझते हैं PPF की पूरी कैलकुलेशन और इसके नियम।
PPF स्कीम पर फिलहाल सरकार की ओर से 7.1% सालाना की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जिसकी कंपाउंडिंग सालाना आधार पर होती है। अगर आप हर साल की शुरुआत में PPF अकाउंट में 1.5 लाख रुपये डिपॉजिट करते हैं, तो 30 साल के दौरान आपका कुल इन्वेस्टमेंट 45 लाख रुपये होगा। इस 45 लाख रुपये के कुल जमा पर आपको 7.1% ब्याज दर के हिसाब से करीब 1,09,50,911 रुपये का सिर्फ ब्याज मिलेगा। इस तरह 30 साल पूरे होने पर आपकी मैच्योरिटी की कुल रकम 1,54,50,911 रुपये यानी करीब 1.54 करोड़ रुपये हो जाएगी। यह पावर ऑफ कंपाउंडिंग का ही कमाल है कि आपकी जमा रकम से दोगुने से भी ज्यादा आपको ब्याज मिल जाता है।
PPF अकाउंट का ओरिजिनल लॉक इन पीरियड 15 साल का होता है। यानी आपका अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है। 15 साल पूरे होने पर अगर आप 1.5 लाख रुपये का सालाना निवेश जारी रखते हैं, तो आपको 40.68 लाख रुपये का फंड मिलता है। हालांकि, अगर आपको 30 साल तक निवेश जारी रखना है, तो आपको 15 साल पूरे होने के बाद अपने अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए मैच्योरिटी से एक साल पहले फॉर्म जमा करके एक्सटेंशन की रिक्वेस्ट देनी होती है। 30 साल तक इन्वेस्टेड रहने के लिए आपको 15 साल के बाद 5-5 साल के तीन ब्लॉक एक्सटेंशन लेने होंगे।
PPF में मिलने वाले ब्याज का पूरा फायदा उठाने के लिए इन्वेस्टमेंट की तारीख का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। PPF के नियमों के अनुसार, हर महीने की 5 तारीख से लेकर महीने के आखिरी दिन के बीच में जो मिनिमम बैलेंस होता है, उसी पर ब्याज की कैलकुलेशन की जाती है। इसलिए अगर आप हर साल 1.5 लाख रुपये एकमुश्त जमा कर रहे हैं, तो आपको यह डिपॉजिट 5 अप्रैल से पहले ही कर देना चाहिए। ऐसा करने से आपको पूरे साल यानी 12 महीने का पूरा ब्याज मिलता है, जिससे आपकी मैच्योरिटी रकम और ज्यादा बढ़ जाती है।
PPF की सबसे बड़ी खासियत इसकी ट्रिपल टैक्स फ्री यानी EEE कैटेगरी है। इसका मतलब है कि इसमें सालाना 1.5 लाख रुपये तक के इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। सबसे बड़ी बात यह है कि 30 साल बाद मिलने वाली 1.54 करोड़ रुपये की पूरी मैच्योरिटी रकम पर भी आपको एक रुपये का भी टैक्स नहीं देना पड़ता है। सरकारी गारंटी होने के कारण आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है।
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