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ITR Last Date: खत्म नहीं हुई है सबकी डेडलाइन, जानिए 31 अगस्त से 30 नवंबर तक किसे मिलेगी छूट

Upstox

4 min read | अपडेटेड August 03, 2026, 16:13 IST

सारांश

आयकर रिटर्न दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा बीत चुकी है, लेकिन सभी टैक्सपेयर्स के लिए पोर्टल बंद नहीं हुआ है। बिजनेस और प्रोफेशनल्स समेत कई लोगों के पास अभी भी रिटर्न भरने का समय बाकी है। जानिए किन लोगों को 31 अगस्त, 31 अक्टूबर और 30 नवंबर तक की मोहलत मिली है।

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कुछ कैटेगरी के टैक्सपेयर्स के पास अभी भी है समय।

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सभी टैक्सपेयर्स के लिए यह मौका पूरी तरह बंद हो गया है। अगर आप सोच रहे हैं कि आपकी डेडलाइन निकल गई है और अब भारी पेनाल्टी देनी पड़ेगी, तो पहले यह जान लें कि सरकार ने अलग-अलग तरह के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की हुई है। वित्त अधिनियम 2026 के बाद असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए कई कैटेगरी के लोगों को 31 जुलाई के बाद भी रिटर्न भरने की पूरी छूट मिलती है। अब कुछ लोगों को 31 अगस्त, कुछ को 31 अक्टूबर और कुछ को 30 नवंबर तक बिना किसी परेशानी के आईटीआर दाखिल करने का समय दिया गया है।

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किन लोगों के लिए थी 31 जुलाई की डेडलाइन

31 जुलाई 2026 की आखिरी तारीख केवल उन व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs) और अन्य लोगों के लिए रखी गई थी, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट कराना जरूरी नहीं होता है। इसमें मुख्य रूप से वेतनभोगी यानी सैलरी पाने वाले कर्मचारी, पेंशनधारक और सामान्य टैक्सपेयर शामिल हैं, जिनकी आय ऐसी किसी कैटेगरी में नहीं आती जिसके लिए आगे की तारीख तय की गई हो। अगर इस कैटेगरी का कोई व्यक्ति 31 जुलाई तक अपना रिटर्न नहीं भर पाया है, तो वह अब भी बिलेटेड रिटर्न जमा कर सकता है। हालांकि ऐसे मामलों में लेट फीस, बकाया टैक्स पर ब्याज और रिफंड मिलने में थोड़ी देरी जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

नई डेडलाइन का क्या है गणित?

वित्त अधिनियम 2026 के तहत पहली बार बिजनेस या फिर किसी प्रोफेशन से कमाई करने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त 2026 की अलग समय सीमा तय की गई है, जिनके खातों का टैक्स ऑडिट कराना जरूरी नहीं है। इसमें धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत प्रिजम्पटिव टैक्सेशन स्कीम को चुनने वाले योग्य कारोबारी और प्रोफेशनल्स भी शामिल हैं, जो आमतौर पर ITR-3 या फिर ITR-4 दाखिल करते हैं। दूसरी तरफ जिन टैक्सपेयर्स या कारोबारियों के खातों का कानून के मुताबिक टैक्स ऑडिट होना जरूरी है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 रखी गई है। इसके अलावा ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के तहत रिपोर्ट जमा करने वाले बड़े टैक्सपेयर्स को अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का पर्याप्त समय दिया गया है।

अगर आपकी डेडलाइन भी छूट जाए तो क्या होगा

अगर कोई टैक्सपेयर अपनी तय की गई समय सीमा तक भी ITR जमा नहीं कर पाता है, तो उसके लिए भी विकल्प मौजूद है। वह व्यक्ति आयकर अधिनियम की धारा 139(4) के तहत 31 दिसंबर 2026 तक या फिर असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, अपना बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकता है। हालांकि तय समय के बाद रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस भरनी पड़ती है, बकाया टैक्स पर ब्याज लगता है, रिफंड आने में समय लगता है और कुछ तरह के घाटे को अगले सालों में आगे ले जाने यानी कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा नहीं मिलती है। वित्त अधिनियम 2026 के तहत संशोधित यानी रिवाइज्ड रिटर्न भरने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। वहीं अपडेटेड रिटर्न यानी ITR-यू दाखिल करने का समय 24 महीने से बढ़ाकर 48 महीने कर दिया गया है, जो तय शर्तों और एक्स्ट्रा टैक्स पेमेंट के साथ लागू होता है।

ITR जमा करने से पहले इन बातों को न भूलें

अपनी कैटेगरी के अनुसार रिटर्न भरने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। रिटर्न भरने से पहले अपनी कुल कमाई का मिलान फॉर्म 26एएस, एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी AIS और टैक्सपेयर इन्फॉर्मेशन समरी यानी TIS से जरूर कर लें। अगर आंकड़ों में कोई अंतर दिखे तो उसे पहले ही ठीक कर लें। यदि कोई सेल्फ असेसमेंट टैक्स बाकी निकल रहा है तो रिटर्न जमा करने से पहले उसका भुगतान कर दें। इसके अलावा ITR सबमिट करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करना बिल्कुल न भूलें। इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप किसी भी तरह के नोटिस, रिफंड की देरी और दूसरी कानूनी समस्याओं से आसानी से बच सकते हैं।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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