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  1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: इन निवेशकों के पास समय से पहले रिडेम्प्शन का मौका, मिलेगा 177% तक का रिटर्न

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: इन निवेशकों के पास समय से पहले रिडेम्प्शन का मौका, मिलेगा 177% तक का रिटर्न

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 20, 2026, 19:00 IST

सारांश

SGB 2020-21 Series X को 19 जनवरी 2021 को ₹5104 प्रति ग्राम के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। अब RBI ने इसका रिडेम्प्शन प्राइस ₹14,158 प्रति ग्राम तय किया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को प्रति ग्राम ₹9,054 का फायदा हुआ है।

Sovereign Gold Bond

Sovereign Gold Bond: निवेशक RBI की ओर से तय कीमत पर अपना पैसा वापस ले सकते हैं।

Sovereign Gold Bond: अगर आपने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश किया था और अब समय से पहले पैसा निकालने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने SGB 2020-21 Series X और SGB 2021-22 Series IV के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन का भाव ₹14,158 प्रति यूनिट (1 ग्राम) तय किया है। यानी इन दोनों सीरीज के निवेशक RBI की ओर से तय कीमत पर अपना पैसा वापस ले सकते हैं।
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177% से ज्यादा का रिटर्न

SGB 2020-21 Series X को 19 जनवरी 2021 को ₹5104 प्रति ग्राम के इश्यू प्राइस पर जारी किया गया था। अब RBI ने इसका रिडेम्प्शन प्राइस ₹14,158 प्रति ग्राम तय किया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को प्रति ग्राम ₹9,054 का फायदा हुआ है। यानी केवल सोने की कीमत बढ़ने से ही उन्हें करीब 177.4% का रिटर्न मिला है। इसमें बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है।

अगर आपने इस बॉन्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था और डिजिटल पेमेंट की थी, तो आपको प्रति ग्राम ₹50 की छूट मिली होगी। ऐसे में आपकी खरीद कीमत ₹5,054 प्रति ग्राम रही होगी। इस हिसाब से आपको ₹9,104 प्रति ग्राम का फायदा होगा, जो करीब 180.1% का रिटर्न है।

कीमत बढ़ने के अलावा ब्याज भी

Sovereign Gold Bond की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेशकों को सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने का फायदा ही नहीं मिलता, बल्कि इश्यू प्राइस पर 2.5% सालाना निश्चित ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज हर छह महीने में निवेशकों के बैंक खाते में जमा किया जाता है। यानी जिन निवेशकों ने यह बॉन्ड खरीदकर रखा, उन्हें पिछले पांच वर्षों में नियमित ब्याज भी मिलता रहा और अब गोल्ड की बढ़ी हुई कीमत का फायदा भी मिल रहा है।

Premature Redemption क्या होता है?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल होती है। हालांकि, निवेशकों को पूरी अवधि का इंतजार करना जरूरी नहीं है। नियमों के अनुसार 5 साल पूरे होने के बाद, ब्याज भुगतान (Interest Payment) की तारीख पर निवेशक चाहें तो अपना बॉन्ड समय से पहले RBI के पास रिडीम करा सकते हैं। इसे ही प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन कहा जाता है।

किन निवेशकों को मिलेगा पैसा?

RBI के अनुसार, SGB 2020-21 Series X 18 जुलाई 2026 से प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन के लिए पात्र हो गया था। लेकिन 19 जुलाई को छुट्टी होने की वजह से इसकी प्रक्रिया आज पूरी की जा रही है। वहीं, SGB 2021-22 Series IV का प्रीमैच्योर रिडेम्प्शन 20 जुलाई 2026 को निर्धारित है।

रिडेम्प्शन प्राइस कैसे तय होता है?

RBI रिडेम्प्शन प्राइस खुद तय नहीं करता। इसके लिए India Bullion and Jewellers Association (IBJA) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के औसत क्लोजिंग प्राइस को आधार बनाया जाता है। इसी गणना के आधार पर इस बार दोनों सीरीज के लिए ₹14158 प्रति यूनिट का रिडेम्प्शन प्राइस तय किया गया है। यह राशि सीधे निवेशक के बैंक खाते में जमा की जाती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। किसी भी फैसले से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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