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4 min read | अपडेटेड July 20, 2026, 15:14 IST
सारांश
आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 17% बढ़कर 2,604 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी की नेट सेल्स में भी 16% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है।

पहली तिमाही के शानदार नतीजों के बाद अल्ट्राटेक सीमेंट के प्रदर्शन से निवेशक गदगद। | Image: Shutterstock
आदित्य बिड़ला ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के बीच बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने सोमवार को अपनी बोर्ड मीटिंग के बाद वित्तीय नतीजे घोषित किए, जिसमें रेवेन्यू, नेट प्रॉफिट और सेल्स वॉल्यूम सभी मोर्चों पर तगड़ी बढ़त देखने को मिली है। कंपनी के इस मजबूत प्रदर्शन से साफ है कि मार्केट में सीमेंट की मांग लगातार बनी हुई है और कंपनी ने अपने ऑपरेशन्स को बहुत अच्छे तरीके से संभाला है। इस तिमाही में कंपनी की कमाई और मुनाफे ने निवेशकों को काफी खुश किया है।
अल्ट्राटेक सीमेंट द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहली तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड नेट सेल्स सालाना आधार पर 16% बढ़कर 24,465 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 21,040 करोड़ रुपये थी। वहीं अगर नेट प्रॉफिट की बात करें तो इसमें भी 17% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 2,604 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2,221 करोड़ रुपये रहा था। इसके अलावा कंपनी का ब्याज, डेप्रिसिएशन और टैक्स से पहले का प्रॉफिट यानी PBIDT भी पिछले साल के 4,591 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,146 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
कंपनी ने ऑपरेशन के मोर्चे पर भी इस तिमाही में बेहतरीन काम किया है। भारत के भीतर कंपनी की घरेलू सेल्स वॉल्यूम 13.1% बढ़कर 39.2 मिलियन टन रही है। देश में कंपनी की कुल क्षमता 200.1 मिलियन टन सालाना है, जिसमें से इस तिमाही में कैपेसिटी यूटिलाइजेशन यानी क्षमता का इस्तेमाल 81% रहा है। यह दिखाता है कि हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कमर्शियल कंस्ट्रक्शन सेक्टर में सीमेंट की भारी मांग बनी हुई है। ऑपरेटिंग एबिटा प्रति टन के हिसाब से भी सुधार देखने को मिला है और यह पिछले साल के 1,198 रुपये से बढ़कर 1,214 रुपये प्रति टन हो गया है। कंपनी की कुल ग्लोबल सीमेंट प्रोडक्शन कैपेसिटी अब 205.5 मिलियन टन सालाना तक पहुंच गई है।
अल्ट्राटेक सीमेंट ने अपने द्वारा अधिग्रहित की गई कंपनियों के बेहतर मैनेजमेंट और एकीकरण का भी प्रदर्शन किया है। कंपनी ने बताया कि द इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के अधिग्रहण के बाद वहां काम में तेजी से सुधार हुआ है। बेहतर कॉस्ट कंट्रोल और मार्केट में अच्छे तालमेल की वजह से इंडिया सीमेंट्स ने शानदार वापसी की है। इंडिया सीमेंट्स का नॉर्मलाइज्ड नेट प्रॉफिट इस तिमाही में 52 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पहले इसे 183 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था। इसके साथ ही इंडिया सीमेंट्स की सेल्स वॉल्यूम में भी 18.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है।
अल्ट्राटेक सीमेंट ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन पावर के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में 20 मेगावाट की वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम क्षमता की शुरुआत की है, जिससे इसकी कुल क्षमता बढ़कर 434 मेगावाट हो गई है। इसके अलावा कंपनी के पास 1.4 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता भी मौजूद है। इन दोनों को मिलाकर कंपनी के कुल पावर मिक्स में ग्रीन पावर की हिस्सेदारी इस तिमाही के अंत तक 47% हो गई है। माइनिंग ऑपरेशन के लिए कंपनी इलेक्ट्रिक भारी गाड़ियों का इस्तेमाल भी बढ़ा रही है ताकि कार्बन उत्सर्जन को कम किया जा सके। कंपनी को एसएंडपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में मेंबर के रूप में शामिल किया गया है।
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