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  1. NPS Charges: e-NPS से अकाउंट खोलने पर बच सकता है PoP चार्ज, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

पर्सनल फाइनेंस

NPS Charges: e-NPS से अकाउंट खोलने पर बच सकता है PoP चार्ज, 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 17:06 IST

सारांश

अगर किसी निवेशक ने अपना NPS अकाउंट e-NPS के जरिए खोला है और आगे भी e-NPS या D-Remit के जरिए योगदान करता है, तो उसे PoP चार्ज नहीं देना होगा। यह निवेशकों के लिए बड़ी राहत है।

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NPS अकाउंट खोलने पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS और NPS Lite में Point of Presence यानी PoP के जरिए लिए जाने वाले चार्ज में बदलाव किया है। नया चार्ज स्ट्रक्चर 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। चार्ज की रकम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन PFRDA ने यह साफ कर दिया है कि NPS अकाउंट आपने किस माध्यम से खोला है, उसके आधार पर यह तय होगा कि आपको PoP चार्ज देना है या नहीं।

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e-NPS से अकाउंट खोलने वालों को फायदा

अगर किसी निवेशक ने अपना NPS अकाउंट e-NPS के जरिए खोला है और आगे भी e-NPS या D-Remit के जरिए योगदान करता है, तो उसे PoP चार्ज नहीं देना होगा। यह निवेशकों के लिए बड़ी राहत है। दूसरी तरफ, अगर NPS अकाउंट शुरुआत में PoP के जरिए खोला गया था, तो बाद में योगदान करने के लिए e-NPS या D-Remit का इस्तेमाल करने से PoP चार्ज से छुटकारा नहीं मिलेगा। ऐसे निवेशक पर तय PoP चार्ज लागू रहेगा।

1 अक्टूबर से कितना चार्ज लगेगा?

PFRDA के नए नियमों के तहत NPS और NPS Lite के लिए PoP चार्ज को एक समान किया गया है। NPS अकाउंट खोलने पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज लगेगा। यह रकम सामान्य तौर पर ₹50 प्रति तिमाही के हिसाब से यूनिट कैंसल करके वसूली जाएगी। पूरी तरह डिजिटल और बिना आमने-सामने की प्रक्रिया के NPS ऑनबोर्डिंग पर ₹100 का कम चार्ज लागू हो सकता है। हालांकि, इसकी शर्तें PFRDA तय करेगा।

NPS पर 0.20% सालाना चार्ज

निवेशकों को अपने NPS के AUM यानी कुल निवेश पर 0.20% सालाना PoP चार्ज देना होगा। यह रकम सीधे अलग से नहीं काटी जाएगी, बल्कि NPS के NAV के जरिए एडजस्ट होगी और PoP को हर तिमाही भुगतान किया जाएगा।

दिलचस्प बात यह है कि चार्ज की रकम लगभग पहले जैसी ही है। ₹200 ऑनबोर्डिंग चार्ज, ₹100 तक का डिजिटल ऑनबोर्डिंग चार्ज और 0.20% सालाना AUM चार्ज में बदलाव नहीं हुआ है। Dormant अकाउंट पर सालाना PoP charge नहीं लगेगा। NPS में न्यूनतम योगदान भी पहले की तरह ऑनबोर्डिंग के समय ₹250 और बाद में ₹10 रहेगा।

सभी NPS स्कीम पर एक समान नियम

PFRDA ने पहले कॉमन स्कीम्स और मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत आने वाली स्कीमों में अंतर रखा था। अब इस अंतर को हटाकर NPS और NPS Lite की सभी संबंधित स्कीमों के लिए standardised PoP चार्ज स्ट्रक्चर लागू किया गया है। MSF के बाद एक PRAN को कई Pension Fund Managers और अलग-अलग स्कीमों से जोड़ा जा सकता है। इससे निवेशक अलग-अलग फंड और एसेट क्लास में अपना पैसा बांट सकते हैं।

निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?

निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि NPS अकाउंट खोलने का माध्यम अहम है। अगर शुरुआत से e-NPS का इस्तेमाल किया जाए और योगदान भी e-NPS या D-Remit से किया जाए, तो PoP charges से बचा जा सकता है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और CRA Q3 FY2026-27 से चार्ज की कटौती शुरू करेंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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