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  1. किन टैक्सपेर्स के लिए आज इनकम टैक्स फाइल करने की है लास्ट डेट, चूक गए तो लगेगा जुर्माना, जानें डीटेल

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किन टैक्सपेर्स के लिए आज इनकम टैक्स फाइल करने की है लास्ट डेट, चूक गए तो लगेगा जुर्माना, जानें डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 15:01 IST

सारांश

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 31 अगस्त को गैर-ऑडिट मामलों के लिए अंतिम तिथि तय की है। आज की डेडलाइन मिस करने पर करदाता 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं, लेकिन उन्हें सेक्शन 234F के तहत भारी जुर्माना और ब्याज देना होगा।

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गैर-ऑडिट बिजनेस और प्रोफेशनल्स के लिए आज 31 अगस्त आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख है।

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार अब तक 7.5 करोड़ से ज्यादा आईटीआर फाइल किए जा चुके हैं। अगर आप गैर-ऑडिट कैटेगरी में आते हैं और बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम कमाते हैं, तो आज 31 अगस्त 2026 आपके लिए ओरिजिनल ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख है। अगर आपने अभी तक अपना आईटीआर-3, आईटीआर-4 सुगम, आईटीआर-5 या आईटीआर-7 दाखिल नहीं किया है, तो आखिरी समय का इंतजार किए बिना इसे आज ही पूरा कर लें। आज की डेडलाइन मिस करने से आपको भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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किन टैक्सपेयर्स के लिए आज है आखिरी मौका?

आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए गैर-ऑडिट मामलों के तहत आने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त की डेडलाइन तय की है। इसमें विशेष रूप से पात्र टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 रखी गई है। आईटीआर-3 उन इंडिविजुअल्स और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिलीज यानी एचयूएफ के लिए है, जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन से इनकम है और वे आईटीआर-1, आईटीआर-2 या आईटीआर-4 भरने के पात्र नहीं हैं। वहीं आईटीआर-4 यानी सुगम का उपयोग वे निवासी इंडिविजुअल्स, एचयूएफ और फर्म्स (LLP को छोड़कर) कर सकते हैं, जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है और जिनकी बिजनेस या प्रोफेशन की इनकम सेक्शन 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिजम्प्टिव बेसिस पर गिनी जाती है।

डेडलाइन मिस होने पर देना होगा 5000 रुपये तक जुर्माना

अगर कोई टैक्सपेयर 31 अगस्त की डेडलाइन तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका रिटर्न भरने का मौका पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियमों के अनुसार करदाता सेक्शन 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले, जो भी पहले हो, जमा किया जा सकता है। हालांकि देरी से रिटर्न दाखिल करने पर सेक्शन 234F के तहत लेट-फाइलिंग फीस लगेगी। अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो 1,000 रुपये और अगर कुल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। इसके साथ ही आपको बकाए टैक्स पर ब्याज भी चुकाना पड़ेगा।

कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे बिजनेस?

आज की डेडलाइन मिस करने का एक सबसे बड़ा नुकसान बिजनेस और कैपिटल लॉस के मामले में होता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अगर आप अपने किसी बिजनेस लॉस या कैपिटल लॉस को आने वाले सालों में सेट-ऑफ करने के लिए कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हैं, तो इसके लिए सेक्शन 139(1) के तहत तय तारीख यानी 31 अगस्त तक लॉस रिटर्न जमा करना अनिवार्य है। अगर आप 31 अगस्त के बाद बिलेटेड रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको अपने इन घाटों को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसलिए 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करके आप जुर्माना, ब्याज और घाटे के नुकसान तीनों से बच सकते हैं।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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