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  1. Sandhya Kiran Scheme: कर्नाटक के सरकारी पेंशनर्स को तोहफा, ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, समझिए फायदे

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Sandhya Kiran Scheme: कर्नाटक के सरकारी पेंशनर्स को तोहफा, ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, समझिए फायदे

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 14, 2026, 17:40 IST

सारांश

योजना का लाभ लेने के लिए पेंशनर्स को अपनी बेसिक पेंशन का एक निश्चित हिस्सा योगदान के रूप में देना होगा। सर्विस पेंशनर्स को अपनी बेसिक पेंशन का 1.25%, जबकि फैमिली पेंशनर्स को बेसिक फैमिली पेंशन का 0.75% योगदान देना होगा।

Sandhya Kiran Scheme

Sandhya Kiran Scheme: शुरुआत में करीब 4.93 लाख लोगों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।

कर्नाटक सरकार ने राज्य के सरकारी पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और पात्र आश्रितों के लिए ‘संध्या किरण’ हेल्थ स्कीम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकेगा। शुरुआत में करीब 4.93 लाख लोगों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा। इनमें 70 साल से कम उम्र के करीब 3.11 लाख सरकारी पेंशनर्स और उनके पात्र आश्रित शामिल हैं।

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किन इलाजों का मिलेगा फायदा?

इस योजना के तहत पेंशनर्स और उनके परिवार को एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसमें सेकेंडरी, टर्शियरी और इमरजेंसी ट्रीटमेंट शामिल होंगे। यानी गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और आपात स्थिति में इलाज का खर्च योजना के तहत कवर किया जा सकेगा। हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कवर फैमिली फ्लोटर आधार पर मिलेगा। इसका मतलब है कि परिवार के सभी पात्र सदस्य इस कवर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

पेंशनर्स को कितना योगदान देना होगा?

योजना का लाभ लेने के लिए पेंशनर्स को अपनी बेसिक पेंशन का एक निश्चित हिस्सा योगदान के रूप में देना होगा। सर्विस पेंशनर्स को अपनी बेसिक पेंशन का 1.25%, जबकि फैमिली पेंशनर्स को बेसिक फैमिली पेंशन का 0.75% योगदान देना होगा।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी सर्विस पेंशनर की बेसिक पेंशन 40,000 रुपये महीना है, तो उसे करीब 500 रुपये महीने योगदान देना होगा। वहीं, 30000 रुपये की बेसिक फैमिली पेंशन पाने वाले व्यक्ति का योगदान करीब 225 रुपये महीना होगा।

सरकार भी करेगी खर्च में मदद

सरकार के अनुमान के मुताबिक, इस योजना से हर साल लाभार्थियों से करीब 117 करोड़ रुपये का योगदान मिल सकता है। वहीं, इलाज पर सालाना अनुमानित खर्च करीब 81.75 करोड़ रुपये है। इलाज के अनुमानित खर्च का 70% लाभार्थियों के योगदान से और बाकी 30% राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। योजना में वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए एक प्रावधान भी रखा गया है। अगर योजना के फंड का इस्तेमाल 85% से ज्यादा हो जाता है, तो योगदान की दर अपने आप 0.05 प्रतिशत यानी 5 बेसिस प्वाइंट बढ़ सकती है।

कौन करेगा योजना का संचालन?

सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट इस योजना को लागू करेगा। रजिस्ट्रेशन, योगदान जमा करना, अस्पतालों का नेटवर्क तैयार करना, कैशलेस इलाज और क्लेम से जुड़े काम आयुष्मान भारत-आरोग्य कर्नाटक (AB-ArK) सिस्टम के जरिए किए जाएंगे।

पेंशनर्स के लिए यह योजना खास तौर पर मददगार हो सकती है, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने या इमरजेंसी इलाज के दौरान आने वाले बड़े मेडिकल खर्च का बोझ उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स पर कम हो सकता है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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