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  1. 8वां वेतन आयोग: पेंशनर्स की बड़ी मांग! हर 3 महीने में DA-DR में बदलाव, ₹45000 न्यूनतम पेंशन का प्रस्ताव

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8वां वेतन आयोग: पेंशनर्स की बड़ी मांग! हर 3 महीने में DA-DR में बदलाव, ₹45000 न्यूनतम पेंशन का प्रस्ताव

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 11, 2026, 18:54 IST

सारांश

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR में साल में दो बार बदलाव किया जाता है। BPS चाहता है कि इसे हर तीन महीने में संशोधित किया जाए। संगठन ने इसके लिए तीन महीने के औसत महंगाई आंकड़े को आधार बनाने और महंगाई के हिसाब से पेंशनर्स को राहत देने की मांग की है।

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BPS की एक और बड़ी मांग DR को बेसिक पेंशन में मर्ज करने को लेकर है।

8th Pay Commission के सामने पेंशनर्स से जुड़े कई अहम मुद्दे रखे जा रहे हैं। Bharat Pensioners Samaj (BPS) ने आयोग से मांग की है कि Dearness Relief यानी DR में बदलाव साल में दो बार करने के बजाय हर तीन महीने में किया जाए। संगठन का कहना है कि महंगाई तेजी से बदलती है, ऐसे में पेंशनर्स को महंगाई के असर से बचाने के लिए DR को ज्यादा नियमित रूप से संशोधित किया जाना चाहिए। BPS करीब 10 लाख पेंशनर्स का प्रतिनिधित्व करता है और इसकी 245 संबद्ध संस्थाएं हैं। संगठन के प्रतिनिधियों ने हाल ही में 8th Pay Commission के अधिकारियों के साथ बैठक में अपनी मांगें रखीं।

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हर 3 महीने में बदले DR

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स के DR में साल में दो बार बदलाव किया जाता है। BPS चाहता है कि इसे हर तीन महीने में संशोधित किया जाए। संगठन ने इसके लिए तीन महीने के औसत महंगाई आंकड़े को आधार बनाने और महंगाई के हिसाब से पेंशनर्स को राहत देने की मांग की है।

BPS का तर्क है कि पेंशनर्स की आय का बड़ा हिस्सा पेंशन पर निर्भर होता है। ऐसे में महंगाई बढ़ने पर उनकी खरीदारी की क्षमता सीधे प्रभावित होती है। इसलिए DR में ज्यादा नियमित बदलाव से उन्हें महंगाई का सामना करने में मदद मिल सकती है।

25% DR होने पर बेसिक पेंशन में मर्ज करने की मांग

BPS की एक और बड़ी मांग DR को बेसिक पेंशन में मर्ज करने को लेकर है। संगठन ने सुझाव दिया है कि जब DR 25% तक पहुंच जाए, तो उसे बेसिक पेंशन में मर्ज करने पर विचार किया जाए।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी सिर्फ पेंशनर्स संगठन की मांग है। इसे सरकार ने मंजूरी नहीं दी है। 8th Pay Commission की अंतिम सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले के आधार पर ही कोई बदलाव लागू होगा।

₹45,000 न्यूनतम पेंशन और ₹69,000 न्यूनतम वेतन

BPS ने न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ₹45,000 करने की मांग की है। इसके अलावा न्यूनतम बेसिक पे ₹69,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग भी रखी गई है। संगठन ने परिवार के लिए पेंशन की गणना में 5.2 weighted units के फॉर्मूले का सुझाव दिया है। साथ ही BPS चाहता है कि वेतन और पेंशन की समीक्षा 10 साल के बजाय हर 5 साल में की जाए।

पुराने और नए पेंशनर्स में समानता की मांग

पेंशन संशोधन में समानता भी BPS की प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठन चाहता है कि 1 जनवरी 2026 से पहले और उसके बाद रिटायर होने वाले समान स्थिति वाले पेंशनर्स के बीच पेंशन को लेकर उचित समानता बनी रहे। पेंशनर्स के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि नए वेतन आयोग के तहत पेंशन में बदलाव होने पर अलग-अलग समय पर रिटायर हुए कर्मचारियों के बीच पेंशन में अंतर पैदा हो सकता है।

8th Pay Commission कब देगा रिपोर्ट?

8th Pay Commission का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग फिलहाल कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर रहा है। आयोग आने वाले महीनों में चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जयपुर में भी बैठकें करेगा। अंतिम सिफारिश 8th Pay Commission देगा और उसके बाद केंद्र सरकार इस पर फैसला करेगी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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