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  1. NRI बनने पर PPF का क्या होगा? विदेश जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

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NRI बनने पर PPF का क्या होगा? विदेश जाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

Upstox

4 min read | अपडेटेड August 12, 2026, 18:58 IST

सारांश

पब्लिक प्रोविडेंट स्कीम स्कीम, 2019 के तहत केवल भारत के रेजिडेंट व्यक्ति ही नया PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति PPF अकाउंट खोलने से पहले ही NRI बन चुका है तो वह नया अकाउंट नहीं खोल सकता।

PPF

सबसे जरूरी बात यह है कि NRI बनने के बाद नया PPF अकाउंट नहीं खोला जा सकता।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF भारत में लंबी अवधि की बचत के लिए पॉपुलर विकल्प है। यह एक सरकारी स्कीम है, जिसमें फिलहाल 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। PPF में EEE यानी Exempt-Exempt-Exempt टैक्स व्यवस्था लागू होती है। इसका मतलब है कि निवेश, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम तय नियमों के तहत टैक्स फ्री होती है। लेकिन जो भारतीय नौकरी या कारोबार के लिए विदेश चले जाते हैं और NRI बन जाते हैं, उनके लिए PPF के नियम थोड़े अलग हैं। निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि NRI बनने के बाद नया PPF अकाउंट नहीं खोला जा सकता।

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NRI नया PPF अकाउंट नहीं खोल सकते

पब्लिक प्रोविडेंट स्कीम स्कीम, 2019 के तहत केवल भारत के रेजिडेंट व्यक्ति ही नया PPF अकाउंट खोल सकते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति PPF अकाउंट खोलने से पहले ही NRI बन चुका है तो वह नया अकाउंट नहीं खोल सकता।

इसी तरह PIO यानी Person of Indian Origin और OCI यानी Overseas Citizen of India भी NRI बनने के बाद नया PPF अकाउंट नहीं खोल सकते। इसलिए विदेश जाने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि PPF अकाउंट खोलने का मौका रेजिडेंट रहते हुए ही मिलता है।

पहले से PPF अकाउंट है तो क्या होगा?

अगर आपने भारत में रहते हुए PPF अकाउंट खोला था और बाद में NRI बन गए, तो आपका मौजूदा अकाउंट तुरंत बंद नहीं होता। आप इसे इसकी मूल 15 साल की अवधि पूरी होने तक जारी रख सकते हैं।

इस दौरान आप PPF में हर वित्त वर्ष कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा कर सकते हैं। यानी NRI बनने के बाद भी पुराने PPF अकाउंट में निवेश जारी रखा जा सकता है, बशर्ते अकाउंट अपनी मूल मैच्योरिटी अवधि के भीतर हो। बैंक की प्रक्रिया के अनुसार योगदान आमतौर पर NRO अकाउंट के जरिए किया जाता है।

15 साल बाद NRI निवेशक क्या करें?

यहां NRI निवेशकों के लिए एक बड़ा अंतर है। भारत में रहने वाला निवेशक PPF की 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकता है। वह विस्तार के दौरान नया निवेश भी कर सकता है या बिना नया पैसा जमा किए अकाउंट जारी रख सकता है। लेकिन NRI इस तरह का 5 साल का एक्सटेंशन नहीं ले सकते। इसलिए मूल 15 साल की अवधि पूरी होने के बाद PPF अकाउंट बंद करना होगा और उसमें जमा रकम निकालनी होगी।

मैच्योरिटी की रकम कहां आएगी?

PPF मैच्योर होने पर जमा रकम और उस पर मिला ब्याज आमतौर पर अकाउंट होल्डर के NRO अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है। अगर NRI इस रकम को बाद में भारत से बाहर भेजना चाहता है, तो उसे RBI के लागू नियमों और जरूरी दस्तावेजों के अनुसार NRO अकाउंट से रकम बाहर भेजनी होगी।

विदेशी नागरिक बनने पर क्या होगा?

अगर PPF अकाउंट होल्डर बाद में विदेशी नागरिकता हासिल कर लेता है, तो नियम और सख्त हो जाते हैं। ऐसे मामले में अकाउंट को उस महीने से पहले वाले महीने के आखिरी दिन से बंद माना जाता है, जिस महीने नागरिकता बदली है। इसके बाद PPF पर सामान्य ब्याज दर नहीं मिलती। अकाउंट बंद होने तक उस पर पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट की लागू ब्याज दर के हिसाब से ब्याज मिलता है।

NRI निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी

अगर PPF अकाउंट खोलने के बाद आपका रेजिडेंशियल स्टेटस बदलकर NRI हो जाता है, तो बैंक या पोस्ट ऑफिस को इसकी जानकारी देना जरूरी है। इससे भविष्य में मैच्योरिटी, निकासी या अकाउंट बंद करने के समय परेशानी से बचा जा सकता है।

बाकी नियम, जैसे पात्र अवधि में PPF पर लोन लेना और तय शर्तों के तहत आंशिक निकासी लागू रहते हैं। इसलिए विदेश जाने वाले मौजूदा PPF निवेशकों के लिए सबसे अहम बात है कि वे अकाउंट को मूल 15 साल की अवधि तक जारी रख सकते हैं, लेकिन उसके बाद NRI के तौर पर इसे 5 साल के लिए आगे नहीं बढ़ा सकते।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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