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  1. ITR फाइल करने से पहले AIS देखना क्यों है जरूरी? एक छोटी सी गलती और मिल सकता है टैक्स नोटिस

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ITR फाइल करने से पहले AIS देखना क्यों है जरूरी? एक छोटी सी गलती और मिल सकता है टैक्स नोटिस

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 13, 2026, 18:48 IST

सारांश

AIS आयकर विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध होता है। इसमें बैंकों, नियोक्ता (Employer), म्यूचुअल फंड, स्टॉक ब्रोकर और अन्य संस्थानों की ओर से आयकर विभाग को दी गई आपकी वित्तीय जानकारी एक ही जगह पर मिल जाती है।

ITR Filing 2026

ITR Filing 2026: AIS देखने से रिटर्न भरते समय होने वाली कई आम गलतियों से बचा जा सकता है।

अगर आप आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहले एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) जरूर जांच लें। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि AIS देखने से रिटर्न भरते समय होने वाली कई आम गलतियों से बचा जा सकता है। इससे आपकी सभी टैक्स योग्य आय सही तरीके से रिटर्न में शामिल हो जाती है और बाद में नोटिस आने का खतरा भी कम हो जाता है।

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AIS आयकर विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध होता है। इसमें बैंकों, नियोक्ता (Employer), म्यूचुअल फंड, स्टॉक ब्रोकर और अन्य संस्थानों की ओर से आयकर विभाग को दी गई आपकी वित्तीय जानकारी एक ही जगह पर मिल जाती है।

AIS में क्या-क्या जानकारी होती है?

AIS में आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड से आय, शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश, विदेशी लेनदेन, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री और अन्य बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी शामिल होती है। इसे देखकर आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी सभी आय सही तरीके से रिटर्न में दर्ज हो रही है।

AIS पहले क्यों देखना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ITR भरने से पहले AIS को अपनी सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, Form 26AS और निवेश से जुड़े दस्तावेजों से मिलान कर लेना चाहिए। इससे पता चल जाता है कि कहीं कोई आय छूट तो नहीं गई है या किसी लेनदेन में कोई गलती तो नहीं है।

अगर AIS में कोई जानकारी गलत, दो बार दर्ज या आपकी नहीं है, तो आप उसमें फीडबैक देकर सुधार की मांग कर सकते हैं। रिटर्न दाखिल करने से पहले ऐसी गलतियां ठीक करा लेने से भविष्य में टैक्स नोटिस, अतिरिक्त जांच या रिफंड में देरी जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।

AIS न देखने पर क्या हो सकता है?

अगर आप बैंक ब्याज, शेयर या म्यूचुअल फंड से हुए कैपिटल गेन जैसी आय दर्ज करना भूल जाते हैं और वह जानकारी AIS में मौजूद है, तो आयकर विभाग के रिकॉर्ड और आपके ITR में अंतर आ सकता है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से नोटिस आ सकता है या रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। इसलिए ITR दाखिल करने से पहले AIS की जांच करना एक जरूरी कदम माना जाता है।

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