return to news
  1. Annapurna Yojana: बंगाल में रिजेक्ट हुए फॉर्म को सुधारने का मिलेगा मौका, सरकार देगी ये ऑप्शन

पर्सनल फाइनेंस

Annapurna Yojana: बंगाल में रिजेक्ट हुए फॉर्म को सुधारने का मिलेगा मौका, सरकार देगी ये ऑप्शन

Upstox

4 min read | अपडेटेड July 13, 2026, 13:06 IST

सारांश

पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के लाखों आवेदकों के लिए एक अच्छी खबर है। जिन लोगों के फॉर्म रिजेक्ट हो गए हैं या अभी तक पेंडिंग हैं, उन्हें सरकार सुधार करने का एक और मौका देने जा रही है।

west-bengal-annapurna-yojana-edit

पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के आवेदकों को फॉर्म में सुधार के लिए मिलेगा एडिट का ऑप्शन। (Photo: Shutterstock)

पश्चिम बंगाल के लाखों निवासियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। जिन लोगों ने अन्नपूर्णा योजना के लिए अप्लाई किया था और उनका फॉर्म किसी वजह से रिजेक्ट कर दिया गया है या फिर वह अभी भी पेंडिंग दिखा रहा है, उन्हें अब परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे सभी लोगों को इस योजना का फायदा लेने के लिए जल्द ही एक और बड़ा मौका मिल सकता है। राज्य सरकार अब अन्नपूर्णा योजना के पोर्टल पर एक एडिट ऑप्शन शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस ऑप्शन के आने के बाद आवेदकों को नया फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि वे अपने पुराने फॉर्म में हुई गलतियों को ही ठीक कर सकेंगे।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

क्यों लाया जा रहा है एडिट ऑप्शन?

अधिकारियों ने बताया है कि बड़ी संख्या में लोगों के आवेदन सिर्फ इसलिए खारिज हो गए क्योंकि उनके आधार और मोबाइल नंबर की डिटेल्स आपस में मैच नहीं हो रही थीं। सरकार को ऐसे बहुत से लोगों की शिकायतें मिल रही थीं जो इस योजना के लिए पूरी तरह से योग्य हैं, लेकिन शुरुआती जांच में ही उनका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत करीब 1.6 करोड़ लोगों ने फॉर्म भरा था। इनमें से लगभग 1.2 करोड़ फॉर्म पास कर दिए गए हैं, जबकि करीब 27.8 लाख आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए हैं।

रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह

बताया जा रहा है कि रिजेक्ट हुए ज्यादातर आवेदनों में कोई बड़ी कमी नहीं थी, बल्कि वे तकनीकी या डेटा से जुड़ी दिक्कतों की वजह से अटक गए। इनमें सबसे आम समस्या यह थी कि आवेदक का आधार नंबर उसके चालू मोबाइल नंबर से लिंक नहीं था। इसके अलावा कुछ लोगों ने अलग-अलग सरकारी योजनाओं में अलग मोबाइल नंबर दे रखा था। कई मामलों में तो ऐसा भी हुआ कि एक ही मोबाइल नंबर से कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन कर दिया, जिसकी वजह से वेरिफिकेशन के समय बड़ी दिक्कत आ गई और फॉर्म रिजेक्ट हो गया।

एडिट की सुविधा मिलने के बाद क्या बदलेगा?

एक बार यह एडिट फीचर पोर्टल पर लाइव हो जाएगा, तो जिन लोगों के फॉर्म रिजेक्ट हो गए हैं या अभी भी अंडर रिव्यू दिखा रहे हैं, वे आसानी से पोर्टल पर लाग इन कर सकेंगे। इसके बाद वे अपने स्टेटस में रिजेक्ट होने का कारण चेक कर सकते हैं, अपनी गलत डिटेल्स को सही कर सकते हैं और फिर वेरिफिकेशन के लिए फॉर्म को दोबारा सबमिट कर सकते हैं। इस सुविधा से लोगों को नया आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यह भी पक्का हो जाएगा कि छोटी सी गलती की वजह से कोई भी सही व्यक्ति योजना के फायदे से वंचित न रहे। सरकार ने रिजेक्ट हुए आवेदनों की जांच पूरी करने के लिए 10 जुलाई 2026 तक का टारगेट रखा था और अब उम्मीद है कि करेक्शन विंडो को लेकर जल्द ही कोई नया अपडेट आ सकता है।

क्या है पेंडिंग आवेदनों का हाल?

अंबिका हलदर नाम की एक आवेदक ने 13 जुलाई को मिंट से बातचीत में बताया कि उन्होंने बताए गए तरीके से सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स जमा कर दिए थे, इसके बावजूद पोर्टल पर उनका स्टेटस अभी तक एप्लीकेशन अंडर प्रोसेस ही दिखा रहा है। उनका यह मामला उन बहुत से आवेदकों की परेशानी को दिखाता है, जो सारे कागज जमा करने के बाद भी अपने आवेदन को लेकर किसी साफ जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

आखिर क्या है अन्नपूर्णा योजना?

अन्नपूर्णा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की सबसे बड़ी और खास योजनाओं में से एक है। सरकार ने अपने पहले बजट में इस योजना के लिए 36 हजार करोड़ रुपये का फंड अलग रखा है। अधिकारी रिजेक्ट हुए फॉर्म्स की दोबारा जांच कर रहे हैं ताकि कोई भी सही व्यक्ति कागज या वेरिफिकेशन की छोटी गलती के कारण इस योजना से बाहर न हो जाए। आने वाले कुछ हफ्तों में उम्मीद है कि सरकार सही लोगों को एक अच्छा समाधान देगी ताकि उन्हें उनका हक मिल सके। इस एडिट ऑप्शन से आवेदन प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता आएगी और सही लोगों को अपनी गलती सुधारकर फायदा लेने का पूरा मौका मिलेगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख