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4 min read | अपडेटेड July 14, 2026, 16:16 IST
सारांश
नौकरीपेशा लोग अक्सर सोचते हैं कि ईपीएफ (EPF) से निकाला गया पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पीएफ से पैसे निकालने पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह आपकी नौकरी के सालों, पैसे निकालने की वजह और निकाली गई रकम पर निर्भर करता है। नियम न जानने पर आपको बड़ा नुकसान हो सकता है।

पीएफ खाते से पैसा निकालने से पहले टैक्स के नियमों को समझना जरूरी है।
नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ (EPF) बचत का एक बहुत बड़ा और सुरक्षित जरिया होता है। आमतौर पर सैलरी पाने वाले कर्मचारी यह मानकर चलते हैं कि पीएफ खाते से निकाला गया सारा पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। लेकिन आपको बता दें कि यह सोच हमेशा सही नहीं होती है। पीएफ अकाउंट से पैसा निकालने पर टैक्स की देनदारी बनती है और यह कई महत्वपूर्ण बातों पर निर्भर करती है। पीएफ विड्रॉल पर लगने वाला टैक्स आपकी नौकरी के कुल समय, पैसे निकालने की वजह और निकाली जाने वाली रकम जैसी चीजों पर तय होता है।
अगर आप नौकरी बदल रहे हैं, किसी अचानक आई वित्तीय परेशानी का सामना कर रहे हैं या रिटायरमेंट से पहले ही अपनी इस बचत का इस्तेमाल करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए टैक्स के इन नियमों को अच्छी तरह समझना बेहद जरूरी है। चूंकि ईपीएफ को मुख्य रूप से रिटायरमेंट के बाद मदद के लिए तैयार किया गया है, इसलिए समय से पहले पैसे निकालने पर टैक्स नियमों के तहत कुछ खास शर्तें रखी गई हैं।
अगर आप अपनी नौकरी के 5 साल लगातार पूरे होने से पहले ही ईपीएफ से पैसा निकाल लेते हैं, तो टैक्स के नियम पूरी तरह बदल जाते हैं। यदि आप 5 साल पूरे होने से पहले 50,000 रुपये से कम की रकम निकालते हैं, तो इस विड्रॉल पर कोई TDS नहीं काटा जाता है। लेकिन यहां एक बात ध्यान रखने वाली है कि अगर आपकी कुल सालाना इनकम टैक्स छूट की सीमा से ऊपर आती है, तो यह निकाली गई रकम भी आगे चलकर टैक्स के दायरे में शामिल हो सकती है। इसके विपरीत, अगर आप 5 साल की सर्विस पूरी होने से पहले 50,000 रुपये से ज्यादा की रकम अपने पीएफ अकाउंट से निकालते हैं, तो इस पर 10% की दर से TDS काटा जाता है। हालांकि यह 10% TDS तभी कटेगा जब आपने अपना पैन (PAN) कार्ड सबमिट किया हो। अगर आप इस TDS कटौती से बचना चाहते हैं, तो आप इसके लिए फॉर्म 15जी (Form 15G) या फॉर्म 15एच (Form 15H) जमा कर सकते हैं, जिससे आपका TDS नहीं काटा जाएगा।
कुछ परिस्थितियां ऐसी भी होती हैं जहां पीएफ से पैसा निकालने पर आपको टैक्स से पूरी राहत मिलती है। अगर आप लगातार 5 साल की नौकरी पूरी करने के बाद अपने ईपीएफ खाते से पैसा निकालते हैं, तो यह रकम पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाती है। इस स्थिति में विभाग की तरफ से कोई TDS नहीं काटा जाता है और आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न यानी आईटीआर में भी इस पैसे को टैक्स के दायरे वाली इनकम के रूप में दिखाने की कोई जरूरत नहीं होती है। इसके अलावा, यदि आप अपनी जॉब बदलते हैं और अपने पुराने एम्प्लॉयर से नए एम्प्लॉयर के पास अपना पीएफ बैलेंस ट्रांसफर करते हैं, तो इस ट्रांसफर की गई रकम पर भी कोई टैक्स या TDS लागू नहीं होता है।
टैक्स नियमों में कुछ ऐसी विशेष और आपातकालीन स्थितियां भी बताई गई हैं, जहां 5 साल की सर्विस पूरी न होने के बावजूद टैक्स नहीं देना पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी को अपनी खराब सेहत या बीमारी के कारण नौकरी छोड़नी पड़ती है, तो पीएफ विड्रॉल पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसी तरह अगर कंपनी का पूरा बिजनेस ही बंद हो जाता है, तो भी कर्मचारी द्वारा निकाला गया पीएफ का पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री रहता है। इसके अतिरिक्त, अगर नौकरी छूटने की वजह ऐसी है जिस पर कर्मचारी का अपना कोई कंट्रोल या बस नहीं था, तो भी ईपीएफ से पैसा निकालना पूरी तरह टैक्स फ्री रहता है, भले ही आपने लगातार 5 साल की नौकरी की शर्त को पूरा न किया हो। इसलिए किसी भी तरह के विड्रॉल से पहले इन सभी बारीकियों को समझ लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
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