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4 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 18:02 IST
सारांश
KYC यानी 'नो योर कस्टमर' प्रक्रिया के जरिए EPFO यह सुनिश्चित करता है कि सदस्य की पहचान सही है और उसके खाते से जुड़ा हर लेनदेन सुरक्षित तरीके से हो। इसके लिए आधार, PAN और बैंक खाते की जानकारी का अपडेट और वेरिफिकेशन जरूरी होता है।

EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज जमा करना शुरू किया है।
अगर आप सैलरीड एम्प्लॉयी हैं और आपका EPF खाता है, तो आपके लिए अपने EPFO KYC को अपडेट रखना बेहद जरूरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी कई सेवाओं को KYC से जोड़ दिया है। ऐसे में अगर आपकी KYC पूरी नहीं है या दस्तावेज वेरिफाई नहीं हुए हैं, तो PF निकासी, नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर, क्लेम सेटलमेंट और e-Nomination जैसी सेवाओं में देरी हो सकती है। हाल ही में EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25% ब्याज भी जमा करना शुरू किया है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका खाता पूरी तरह अपडेट और वेरिफाइड हो।
KYC यानी 'नो योर कस्टमर' प्रक्रिया के जरिए EPFO यह सुनिश्चित करता है कि सदस्य की पहचान सही है और उसके खाते से जुड़ा हर लेनदेन सुरक्षित तरीके से हो। इसके लिए आधार, PAN और बैंक खाते की जानकारी का अपडेट और वेरिफिकेशन जरूरी होता है। यही दस्तावेज ऑनलाइन PF निकासी, EPF ट्रांसफर, पेंशन से जुड़ी सेवाओं, क्लेम सेटलमेंट और e-Nomination के दौरान काम आते हैं। अगर इनमें कोई जानकारी अधूरी है या वेरिफाई नहीं हुई है, तो आपका आवेदन लंबित रह सकता है।
EPFO के Unified Member Portal के जरिए सदस्य आसानी से KYC अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपका UAN एक्टिव होना चाहिए और वह आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए ताकि OTP के जरिए पहचान की पुष्टि हो सके।
इसके बाद EPFO पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉग इन करें। फिर Manage सेक्शन में जाकर KYC विकल्प चुनें। यहां आप आधार, PAN या बैंक खाते जैसी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। अगर बैंक डिटेल्स जोड़ रहे हैं, तो अकाउंट नंबर और IFSC कोड ध्यान से भरें। इसके बाद Declaration स्वीकार कर जानकारी सेव करें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए अनुरोध प्रमाणित कर दें।
KYC अपडेट करने के बाद वह तुरंत मंजूर नहीं होती। अगर आपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट की है, तो सबसे पहले संबंधित बैंक उसकी जांच करता है। इसके बाद आपका नियोक्ता (Employer) डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के जरिए उसे मंजूरी देता है। इसी तरह PAN की जानकारी भी नियोक्ता की मंजूरी के बाद ही वेरिफाइड मानी जाती है। आमतौर पर पूरी प्रक्रिया में 1 से 2 सप्ताह का समय लग सकता है। अगर इससे ज्यादा समय तक आपका अनुरोध लंबित रहता है, तो आपको अपने HR या नियोक्ता से संपर्क करना चाहिए।
अगर आप EPFO में e-Nomination करना चाहते हैं, तो पहले KYC का वेरिफाई होना जरूरी है। KYC मंजूर होने के बाद पोर्टल पर लॉग इन करें और Manage > E-Nomination विकल्प पर जाएं। यहां अपनी प्रोफाइल की जानकारी अपडेट करें और फिर नॉमिनी का नाम, आधार नंबर, रिश्ता और हिस्सेदारी दर्ज करें। आखिर में आधार OTP के जरिए e-Sign करना जरूरी है। यदि यह अंतिम प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो नॉमिनेशन अधूरा माना जाएगा।
KYC अपडेट करते समय यह सुनिश्चित करें कि आपका आधार UAN से लिंक हो, आधार और PAN में नाम एक जैसा हो और बैंक खाते की जानकारी सही दर्ज की गई हो। साथ ही, समय-समय पर EPFO पोर्टल पर KYC का स्टेटस भी चेक करते रहें। अगर आपका आवेदन लंबे समय तक डिजिटल अप्रूवल के लिए लंबित है, तो तुरंत अपने नियोक्ता या HR विभाग से संपर्क करें। KYC अपडेट रखने से भविष्य में PF से जुड़ी सभी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के लिया जा सकता है।
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