पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 16:13 IST
सारांश
सरकारी योजनाओं में निवेश करके आप अपने और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। बेटियों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों की नियमित कमाई और रिटायरमेंट फंड तक, हर जरूरत के लिए अलग-अलग योजनाएं मौजूद हैं।

सरकार की इन 5 बचत योजनाओं में निवेश करके पा सकते हैं टैक्स छूट और सुरक्षित रिटर्न।। Image: Shutterstock
अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित जगह निवेश करना और उस पर बेहतर रिटर्न पाना हर इंसान का सपना होता है। भारतीय बाजार में कई ऐसी सरकारी बचत योजनाएं मौजूद हैं जो न केवल पैसे को सुरक्षित रखती हैं, बल्कि शानदार ब्याज और टैक्स छूट का फायदा भी देती हैं। अगर आप भी लंबे समय के लिए बचत करना चाहते हैं या अपने रिटायरमेंट को सुरक्षित बनाना चाहते हैं, तो सरकार की 5 प्रमुख योजनाओं में पैसा लगाना आपके लिए एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है।
सार्वजनिक भविष्य निधि लंबे समय की बचत के लिए एक बहुत लोकप्रिय योजना है। भारत का कोई भी निवासी नागरिक इसमें अपना खाता खुलवा सकता है। माता-पिता अपने छोटे बच्चों के नाम पर भी यह खाता खोल सकते हैं। इस योजना में फिलहाल 7.10% सालाना की दर से ब्याज मिलता है, जिसकी गणना सालाना चक्रवृद्धि आधार पर होती है। इस खाते की मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है, जिसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसमें मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रकम टैक्स फ्री होती है। जरूरत पड़ने पर तय समय के बाद इससे आंशिक निकासी और लोन की सुविधा भी मिलती है। इसे किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है।
अगर आपकी 10 साल से कम उम्र की बेटी है, तो सुकन्या समृद्धि योजना उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर यह खाता खोल सकते हैं। इस योजना में 8.20% सालाना का शानदार ब्याज मिलता है। इसमें एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं। इस स्कीम में जमा की गई रकम पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलता है। बेटी के 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद उसकी उच्च शिक्षा के लिए नियमों के अनुसार आंशिक निकासी की जा सकती है। इसे पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों से आसानी से शुरू किया जा सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम एक बहुत ही भरोसेमंद योजना है। 60 साल या उससे अधिक उम्र के निवासी भारतीय इसमें निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष सरकारी नियमों के तहत रिटायर हुए कर्मचारी भी इसके पात्र होते हैं। इस योजना में 8.20% सालाना की दर से ब्याज दिया जाता है, जिसका भुगतान हर तिमाही में होता है। इसकी समय सीमा 5 साल की है, जिसे आगे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इसमें सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। यह सरकार द्वारा समर्थित योजना है जो बुजुर्गों को नियमित तिमाही आय प्रदान करती है। इसमें नियमों के तहत मैच्योरिटी से पहले भी खाता बंद करने की अनुमति मिलती है।
ईपीएफ एक्ट के तहत आने वाली कंपनियों में काम करने वाले वेतनभोगी कर्मचारी इस योजना का हिस्सा बनते हैं। इस योजना में फिलहाल 8.25% सालाना की दर से ब्याज मिलता है। ईपीएफ खाते में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर अपना योगदान देते हैं, जिससे रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा फंड तैयार होता है। इसमें मौजूदा नियमों के अनुसार टैक्स लाभ भी मिलते हैं। विशेष जरूरतों के समय इस खाते से आंशिक निकासी की सुविधा भी दी जाती है। इस योजना का प्रबंधन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ द्वारा किया जाता है।
एनपीएस एक मार्केट-लिंक्ड रिटायरमेंट स्कीम है। 18 से 70 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें शामिल हो सकता है। इसमें मिलने वाला रिटर्न मार्केट के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। लंबे समय में इसके इक्विटी ओरिएंटेड पोर्टफोलियो ने औसतन 9% से 15% तक सालाना रिटर्न दिया है, हालांकि इसमें रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। इसमें सेक्शन 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये का अतिरिक्त टैक्स डिडक्शन मिलता है। इसमें इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश का ऑप्शन मिलता है। इस योजना में फंड मैनेजमेंट चार्ज काफी कम होते हैं। इसे ई-एनपीएस पोर्टल या अधिकृत पीओपी के जरिए शुरू किया जा सकता है।
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