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4 min read | अपडेटेड September 25, 2026, 13:13 IST
सारांश
UTI म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने सेबी के पास नई स्कीम्स के ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल किए हैं। UTI म्यूचुअल फंड UTI निफ्टी हेल्थकेयर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ला रहा है। वहीं बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने बैंक ऑफ इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड एक्टिव FoF के लिए दस्तावेज जमा किए हैं।

UTI और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने सेबी के पास नए NFO के लिए ऑफर डॉक्यूमेंट जमा किए हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए दो नए NFO में दांव लगाने का मौका मिलने वाला है। UTI म्यूचुअल फंड और बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास अपनी नई स्कीम्स शुरू करने के लिए ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल किए हैं। UTI म्यूचुअल फंड जहां हेल्थकेयर सेक्टर पर केंद्रित एक नया ETF लाने की तैयारी कर रहा है, वहीं बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड एक नया फंड ऑफ फंड्स यानी FoF लॉन्च करने जा रहा है। दोनों ही फंड हाउस अपनी इन नई योजनाओं के जरिए अलग अलग इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी वाले निवेशकों को आकर्षित करना चाहते हैं।
UTI म्यूचुअल फंड ने UTI निफ्टी हेल्थकेयर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड नाम से एक ओपन एंडेड स्कीम लाने के लिए सेबी के पास पेपर जमा किए हैं। इस न्यू फंड ऑफर यानी NFO के दौरान प्रति यूनिट की प्राइस 10 रुपये रहने वाली है। इस स्कीम में कोई भी एंट्री लोड और एग्जिट लोड नहीं लिया जाएगा। यानी निवेशक बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के इसमें प्रवेश और निकास कर सकते हैं। यह स्कीम कोई भी प्लान या ऑप्शन ऑफर नहीं करती है। कंपनी ने इस NFO के जरिए कम से कम 5 करोड़ रुपये का मिनिमम टारगेट अमाउंट जुटाने का लक्ष्य रखा है।
इस ETF योजना का परफॉर्मेंस निफ्टी हेल्थकेयर टीआरआई के आधार पर आंका जाएगा, जो कि इसका मुख्य बेंचमार्क है। इस स्कीम में इनवेस्टमेंट शुरू करने के लिए मिनिमम एप्लिकेशन अमाउंट 5000 रुपये रखा गया है और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में कितना भी अतिरिक्त पैसा लगाया जा सकता है। इस योजना का मुख्य इनवेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव खर्चों से पहले अंडरलाइंग इंडेक्स द्वारा दिखाए गए सिक्योरिटीज के टोटल रिटर्न के बराबर रिटर्न देना है।
दूसरी तरफ बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने बैंक ऑफ इंडिया एग्रेसिव हाइब्रिड एक्टिव FoF नाम से एक नई ओपन एंडेड फंड ऑफ फंड स्कीम के लिए सेबी के पास ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल किया है। NFO के दौरान इस फंड की यूनिट प्राइस भी 10 रुपये तय की गई है। इस स्कीम में कोई एंट्री लोड नहीं लगेगा। एग्जिट लोड के नियमों की बात करें तो अलॉटमेंट की तारीख से 3 महीने के भीतर रिडीम या स्विच आउट करने पर 10% तक के इनवेस्टमेंट पर कोई एग्जिट लोड नहीं लगेगा। बाकी बचे इनवेस्टमेंट पर 1% का एग्जिट लोड चुकाना होगा। हालांकि 3 महीने के बाद रिडीम या स्विच आउट करने पर एग्जिट लोड पूरी तरह से निल यानी शून्य हो जाएगा।
बैंक ऑफ इंडिया की इस नई योजना में निवेशकों के लिए ग्रोथ ऑप्शन और इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल यानी आईडीसीडब्ल्यू ऑप्शन दिए गए हैं। कंपनी इस NFO के जरिए 10 करोड़ रुपये का मिनिमम टारगेट अमाउंट जुटाना चाहती है। इस फंड का परफॉर्मेंस निफ्टी मिड स्मॉल कैप 400 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) के 70% और क्रिसिल शॉर्ट टर्म बॉन्ड इंडेक्स के 30% के कॉम्बिनेशन के आधार पर आंका जाएगा। इसमें भी मिनिमम एप्लिकेशन अमाउंट 5000 रुपये है और इसके बाद 1 रुपये के मल्टीपल में निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम का मुख्य इनवेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड स्कीम्स के एक्टिवली मैनेज्ड पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से निवेश करके लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन हासिल करना है।
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