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  1. ₹20,000 करोड़ के 8 प्रोजेक्ट्स को ग्रीन सिग्नल, आज RVNL समेत ये रेवले स्टॉक्स होंगे फोकस में

मार्केट न्यूज़

₹20,000 करोड़ के 8 प्रोजेक्ट्स को ग्रीन सिग्नल, आज RVNL समेत ये रेवले स्टॉक्स होंगे फोकस में

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 07:34 IST

सारांश

इन प्रोजेक्ट्स को 'प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' के तहत एकीकृत योजना और संबंधित पक्षों के परामर्श के जरिए तैयार किया गया है। इनसे लोगों, वस्तुओं और सर्विसेज की आवाजाही के लिए बेहतर बहु-माध्यम संपर्क उपलब्ध होगा।

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रेल स्टॉक्स

आज रेलवे स्टॉक्स में दिखेगी हलचल (Photo: Shutterstock)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (Cabinet Committee on Economic Affairs, CCEA) ने बुधवार को रेल मंत्रालय की 20,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले आठ प्रोजेक्ट्स को ग्रीन सिग्नल दिया। इन प्रोजेक्ट्स में खड़गपुर-झारसुगुड़ा और कटनी-पेंड्रा रोड खंड के बीच चौथी लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड खंड के बीच तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है। इसके अलावा अरक्कोणम-रेणिगुंटा और व्हाइटफील्ड-बंगारपेट के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने साथ ही सिकंदराबाद (घाटकेसर)-काजीपेट खंड में मल्टी-ट्रैकिंग का काम किया जाएगा और हासुर-ओमलूर और सेलम-करूर-दिंडीगुल खंड में मौजूदा एकल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स से रेल लाइन क्षमता बढ़ेगी, जिससे परिचालन दक्षता और सर्विसेज की विश्वसनीयता में सुधार होगा और भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी। 9 सितंबर को यह घोषणा हुई और अब आज रेलवे स्टॉक्स फोकस में रह सकते हैं। RVNL (रेल विकास निगम), IRCON इंटरनेशनल, रेलटेल, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, जूपिटर वैगन्स, टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग और एचबीएल इंजीनियरिंग जैसे शेयरों में आज हलचल देखने को मिल सकती है।

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क्यों ये प्रोजेक्ट्स इतने अहम?

इन प्रोजेक्ट्स को 'प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' के तहत एकीकृत योजना और संबंधित पक्षों के परामर्श के जरिए तैयार किया गया है। इनसे लोगों, वस्तुओं और सर्विसेज की आवाजाही के लिए बेहतर बहु-माध्यम संपर्क उपलब्ध होगा। सरकार ने कहा कि पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 20 से अधिक जिलों में फैले इन प्रोजेक्ट्स से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में करीब 1,200 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स के निर्माण से एक करोड़ से अधिक आबादी वाले 6,900 से ज्यादा गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है। सरकार ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। इनमें तारातारिणी मंदिर, श्रीक्षेत्र जगन्नाथ मंदिर, बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य, अमरकंटक मंदिर और अचानकमार बाघ अभयारण्य शामिल हैं।

बुलेट ट्रेन सर्विस अगले साल अगस्त में

इन मार्गों से कोयला, सीमेंट, लौह और इस्पात जैसी वस्तुओं की ढुलाई भी बढ़ेगी। सरकार के मुताबिक, क्षमता बढ़ाने के इन प्रोजेक्ट्स से सालाना 7.4 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता पैदा होगी। सरकार ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से देश के लॉजिस्टिक खर्च और तेल आयात को कम करने साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। इससे उत्सर्जन में होने वाली कटौती करीब 4.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन नई मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि देश में विकसित की जा रही हाई-स्पीड ट्रेन अगले साल मई-जून तक परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि गुजरात में 100 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी खंड पर बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की समयसीमा अगले साल अगस्त तय की गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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