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4 min read | अपडेटेड October 27, 2026, 09:25 IST
सारांश
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने करीब ₹2,12,000 करोड़ की खरीद योजनाओं को एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN) यानी सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि खरीद की जरूरत को स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद खरीद प्रक्रिया के अगले चरण पूरे किए जाएंगे।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़ा प्रस्ताव अहम है।
इस फैसले के बाद शुरुआती कारोबार में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में 1.35 फीसदी की तेजी थी और यह 4841.50 रुपये के भाव पर पहुंच गया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का शेयर भी 0.85 फीसदी बढ़कर 366.60 रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो (L&T) में 0.13 फीसदी और BEML में 1.65 फीसदी की तेजी नजर आई। जेन टेक्नोलॉजीज का शेयर भी करीब 2 फीसदी तक उछल गया है। हालांकि, सरकार की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि इन कंपनियों को तुरंत ऑर्डर मिल गया है।
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने करीब ₹2,12,000 करोड़ की खरीद योजनाओं को एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी (AoN) यानी सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि खरीद की जरूरत को स्वीकार कर लिया गया है। इसके बाद खरीद प्रक्रिया के अगले चरण पूरे किए जाएंगे।
भारतीय सेना के लिए हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम, हल्के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, कम दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली और एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदने के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा निगरानी करने वाले ड्रोन, लंबी दूरी तक हमला करने वाले कामिकाजे ड्रोन और अन्य आधुनिक सैन्य प्रणालियों की खरीद को भी मंजूरी मिली है।
हाई मोबिलिटी व्हीकल से मुश्किल इलाकों में सेना की आवाजाही और सामान पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, आधुनिक तोपों से सेना की मारक क्षमता मजबूत होगी। निगरानी और एंटी-ड्रोन सिस्टम दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और ड्रोन हमलों से बचाव में मदद करेंगे।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए हेलीकॉप्टर खरीद से जुड़ा प्रस्ताव अहम है। सेना और वायुसेना के लिए हल्के मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों की खरीद की योजना है। HAL हेलीकॉप्टर निर्माण के कारोबार में सक्रिय है, इसलिए इस शेयर पर नजर रह सकती है। हालांकि, अभी कंपनी को कोई निश्चित ऑर्डर मिलने की घोषणा नहीं हुई है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के लिए रडार, निगरानी उपकरण, एयर डिफेंस और एंटी-ड्रोन सिस्टम से जुड़े प्रस्ताव अहम हो सकते हैं। कंपनी रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में काम करती है। हाल ही में उसे सेना के लिए बेहतर लो-लेवल लाइटवेट रडार से जुड़ा ₹770 करोड़ का अलग ऑर्डर भी मिला था।
लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के लिए सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम की खरीद अहम है। रिपोर्ट के मुताबिक, अतिरिक्त 323 K9 वज्र-टी तोपों की खरीद को मंजूरी मिली है। भारत में इन तोपों के निर्माण से L&T जुड़ी हुई है।
BEML के लिए हाई मोबिलिटी व्हीकल की खरीद अहम हो सकती है। वहीं, जेन टेक्नोलॉजीज के एंटी-ड्रोन कारोबार पर निवेशकों की नजर रह सकती है। नौसेना के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रस्तावों के कारण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और कोचीन शिपयार्ड भी चर्चा में रह सकते हैं।
सरकार की कुल खरीद योजनाओं में करीब 82% हिस्सेदारी घरेलू खरीद की है। इससे भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए अवसर बन सकते हैं। हालांकि, ₹2.12 लाख करोड़ की पूरी रकम किसी एक कंपनी को नहीं मिलेगी। अभी यह शुरुआती मंजूरी है, इसलिए निवेशकों को कंपनी-विशेष ऑर्डर, उसकी कीमत और आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना चाहिए। केवल खबर के आधार पर शेयर खरीदने से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी है।
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