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4 min read | अपडेटेड October 27, 2026, 10:30 IST
सारांश
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट कई गुना बढ़कर 225 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
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पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने दूसरी तिमाही में दर्ज किया शानदार नेट प्रॉफिट।
देश के प्रमुख फिनटेक प्लेटफॉर्म पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस के शेयरों पर मंगलवार के कारोबारी सत्र में बाजार की पैनी नजर रहने वाली है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के दौरान जबर्दस्त वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी के नेट प्रॉफिट में कई गुना की जबर्दस्त बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को असाधारण घाटा हुआ था, जिसका फायदा इस बार के आंकड़ों में देखने को मिला है। इसके बावजूद दूसरे सभी बड़े पैमानों पर भी कंपनी ने अपनी मजबूत ग्रोथ की रफ्तार को पूरी तरह बनाए रखा है। हालांकि आज रिजल्ट की अगली सुबह कंपनी के शेयर में गिरावट देखी गई है। 1.57 फीसदी टूटकर स्टॉक 1628.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा है।
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो बॉटम-लाइन के स्तर पर कंपनी का रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 971% उछलकर 225 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को केवल 21 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। पिछले साल सितंबर 2025 की तिमाही में एक जेवी को दिए गए लोन के चलते 190 करोड़ रुपये का असाधारण खर्च शामिल था। अगर इस असाधारण प्रभाव को हटाकर देखें, तो भी कंपनी के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर करीब 30% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है।
कंपनी के टॉपलाइन ग्रोथ की बात करें तो दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 28% बढ़कर 2,648 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल समान अवधि में 2,061 करोड़ रुपये था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की पीआईडीएफ स्कीम के इंसेंटिव को हटा दें, जिसे दिसंबर 2025 में बंद कर दिया गया था, तो तुलनात्मक आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ 33% रही और यह 1,987 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,636 करोड़ रुपये पर आ गया। ऑपरेशनल स्तर पर भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का EBITDA करीब 90% चढ़कर 270 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 143 करोड़ रुपये था। वहीं ऑपरेटिंग मार्जिन 7% से सुधरकर 10% पर आ गया। पीआईडीएफ को हटाकर तुलनात्मक EBITDA 279% बढ़कर 258 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 3 से बढ़कर 10% हो गया।
कंपनी के प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने वाले व्यापारियों और लेन-देन में भी तेज बढ़त दर्ज हुई है। सितंबर 2026 तिमाही के दौरान कुल ग्रॉस मर्चेंट पेमेंट वैल्यू यानी जीएमवी 26% बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पिछले साल 5.7 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं रजिस्टर्ड मर्चेंट्स की संख्या सालाना आधार पर 10% बढ़कर 5.2 करोड़ हो गई, जो पिछले साल 4.7 करोड़ थी। पिछली तिमाही के 5 करोड़ के मुकाबले भी इसमें 2% की क्रमिक बढ़त हुई है। कंपनी की वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी हुई है और उसका कुल कैश बैलेंस सितंबर 2026 तक 13,617 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पहले 13,068 करोड़ रुपये था।
शेयर बाजार में कमजोर माहौल के बावजूद साल 2026 में पेटीएम के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 28% का रिटर्न दिया है। आगे के आउटलुक को लेकर कंपनी ने बताया कि डिफॉल्ट लोन गारंटी यानी डीएलजी मॉडल के तहत लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में लागत बढ़ने से कंट्रीब्यूशन मार्जिन में कुछ कमी आ सकती है। इसके साथ ही त्योहारी सीजन में कार्ड प्रोसेसिंग पर खर्च बढ़ने का असर भी तीसरी तिमाही में कंट्रीब्यूशन मार्जिन पर पड़ सकता है। हालांकि कंपनी को उम्मीद है कि उसके ऑपरेटिंग मार्जिन में आगे और सुधार देखने को मिलेगा।
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