return to news
  1. Jio IPO vs Airtel: किसमें कितना है दम, कहां मिलेगी निवेशक को ज्यादा वैल्यू? यहां समझें पूरी स्टोरी

मार्केट न्यूज़

Jio IPO vs Airtel: किसमें कितना है दम, कहां मिलेगी निवेशक को ज्यादा वैल्यू? यहां समझें पूरी स्टोरी

विकास तिवारी

5 min read | अपडेटेड October 26, 2026, 12:48 IST

सारांश

रिलायंस जियो के आईपीओ और भारती एयरटेल के शेयरों में निवेश को लेकर उलझन है, तो यह तुलना आपके काम आएगी। जियो का वैल्यूएशन एयरटेल से सस्ता है और उस पर कर्ज भी कम है। वहीं एयरटेल कमाई और प्रति ग्राहक रेवेन्यू के मामले में जियो से काफी आगे है।

jio-platforms-ipo-vs-bharti-airtel-share

भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो और एयरटेल सबसे बड़ी कंपनियां हैं।

भारत के टेलीकॉम बाजार में मुख्य रूप से रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और भारती एयरटेल के बीच कड़ा मुकाबला है। अब जब जियो प्लेटफॉर्म्स अपना आईपीओ लेकर आ चुकी है, जिसके एक शेयर की कीमत 1,119 रुपये तय की गई है, तो खुदरा निवेशकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हालांकि इसे काफी अच्छी संख्या में सब्सक्रिप्शन मिला है। अब यहां सवाल ये है कि यह कंपनी अपने कंपटिटर एयरटेल की तुलना में कितना बेहतर है? क्योंकि दोनों ही कंपनियों के पास करोड़ों ग्राहक हैं और ये भारत की डिजिटल इकोनॉमी में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि एक अच्छी कंपनी हर कीमत पर एक अच्छा निवेश भी साबित हो। यह जानने के लिए कि किस कंपनी में निवेश करना ज्यादा बेहतर विकल्प है, हम दोनों कंपनियों की तुलना चार आसान पैमानों पर करेंगे, जिनमें वैल्यूएशन, कमाई, वित्तीय सेहत और ग्राहकों की ताकत शामिल है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

समझें कीमत और वैल्यूएशन का पूरा गणित

किसी भी कंपनी के मुनाफे का अंदाजा लगाने के लिए प्राइस टू अर्निंग यानी पीई रेशियो को देखना बहुत जरूरी होता है। यह बताता है कि कंपनी के हर एक रुपये की कमाई के लिए निवेशक कितना पैसा चुका रहे हैं। अगर आंकड़ों की बात करें तो जियो के आईपीओ का पीई रेशियो 34.33 गुना है। वहीं 19 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारती एयरटेल का पीई रेशियो 37.6 गुना था। इन आंकड़ों के आधार पर जियो का वैल्यूएशन एयरटेल के मुकाबले करीब 9% सस्ता है। आसान शब्दों में कहें तो एयरटेल की तुलना में जियो की कमाई के हर एक रुपये के लिए निवेशकों को कम कीमत चुकानी पड़ रही है। इस मोर्चे पर जियो आगे है, लेकिन सस्ता पीई होने का मतलब यह नहीं है कि शेयर अंडरवैल्यूड है। निवेशकों को यह भी देखना होगा कि कंपनी फ्यूचर में कितना नेट प्रॉफिट कमा सकती है।

कमाई और मार्जिन के मामले में कौन है आगे?

कम कीमत हमेशा आकर्षक होती है, लेकिन उस कीमत के पीछे का बिजनेस भी उतना ही मायने रखता है। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों को देखें तो भारती एयरटेल का ऑपरेशन से रेवेन्यू 2,10,973 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 33,823 करोड़ रुपये रहा था। इसके साथ ही एयरटेल का EBITDA मार्जिन 57.48% था। दूसरी तरफ जियो का ऑपरेशन से रेवेन्यू 1,46,885 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 30,049 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि इसका EBITDA मार्जिन 51.91% रहा। एयरटेल की कमाई ज्यादा होने की एक बड़ी वजह उसका अफ्रीका का बिजनेस और एंटरप्राइज कारोबार है। हालांकि कम रेवेन्यू के बावजूद जियो का नेट प्रॉफिट एयरटेल से बहुत ज्यादा पीछे नहीं है, जो दिखाता है कि जियो भी एक बेहद मुनाफे वाला बिजनेस है। इस पैमाने पर एयरटेल साफ तौर पर आगे है और यही कारण है कि निवेशक इसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार हैं।

कर्ज और बैलेंस शीट की असली स्थिति कैसी है?

टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल टावर, फाइबर नेटवर्क और 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए बहुत भारी रकम खर्च करनी पड़ती है। इसके लिए कंपनियां कर्ज लेती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा कर्ज एक बोझ बन सकता है। वित्त वर्ष 2026 के बैंक नेट डेट टू EBITDA रेशियो को देखें तो जियो का आंकड़ा 0.36 गुना है, जो बताता है कि कंपनी पर कर्ज का दबाव कम है। वहीं एयरटेल का यह रेशियो 1.36 गुना है। इसके अलावा अगर हम रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड यानी आरओसीई पर नजर डालें, तो यह बताता है कि कंपनी अपनी पूंजी का कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर रही है। इसमें एयरटेल 19% के साथ आगे है, जबकि जियो का आंकड़ा 10.76% है। कर्ज के मामले में जियो बेहतर है, जबकि पूंजी के सही इस्तेमाल में एयरटेल ने बाजी मारी है।

ग्राहकों की संख्या और प्रति यूजर कमाई का हाल क्या है?

किसी भी टेलीकॉम कंपनी की ग्रोथ इस बात पर निर्भर करती है कि उसके पास कितने ग्राहक हैं और हर ग्राहक से वह कितनी कमाई कर रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक जियो के पास भारत में 53.33 करोड़ ग्राहकों का मजबूत बेस है, जबकि एयरटेल के पास 49.19 करोड़ ग्राहक हैं। लेकिन जब बात एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU की आती है, तो एयरटेल काफी आगे है। एयरटेल हर ग्राहक से महीने में 263.9 रुपये कमाती है, जबकि जियो की यह कमाई 215.6 रुपये है। यहां दोनों के पास अलग-अलग मौके हैं। जियो अपने बड़े ग्राहक आधार से कमाई बढ़ा सकती है, जबकि एयरटेल अपनी मौजूदा मजबूत कमाई को और ऊपर ले जा सकती है।

जियो और एयरटेल दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं, इसलिए निवेश का फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि निवेशक क्या चाहते हैं। जो निवेशक यह उम्मीद करते हैं कि फ्यूचर में जियो का ARPU बढ़ेगा और जिन्हें कम P/E व कम कर्ज वाली कंपनी पसंद है, वे जियो को चुन सकते हैं। वहीं जो निवेशक शानदार नेट प्रॉफिट, मजबूत EBITDA मार्जिन, अधिक एआरपीयू और पूंजी पर बेहतर रिटर्न को तवज्जो देते हैं, उनके लिए एयरटेल एक बेहतर विकल्प है। जियो का सस्ता वैल्यूएशन एक बड़ा फायदा है, लेकिन इसे साबित करने के लिए कंपनी को तेजी से अपनी कमाई बढ़ानी होगी। दूसरी ओर एयरटेल का महंगा वैल्यूएशन उसके मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को पूरी तरह सही ठहराता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख