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4 min read | अपडेटेड September 08, 2026, 10:11 IST
सारांश
Rays of Belief के IPO में निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इसके चलते यह कुल 107.71 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसके तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के हिस्से को 9.06 गुना औक नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के हिस्से को 279.11 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

Deepa Jewellers का IPO भी कुल 42.61 गुना सब्सक्राइब हो गया।
अगर आपने Deepa Jewellers या Rays of Belief के IPO में निवेश किया है तो यह खबर आपके लिए है। इन दोनों ही कंपनियों के शेयर आज 08 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो गए हैं। Deepa Jewellers ने अपने निवेशकों को लिस्टिंग पर मजबूत रिटर्न दिया है। दूसरी तरफ Rays of Belief के शेयर फ्लैट लिस्ट हुए हैं। इन दोनों कंपनियों का आईपीओ 1 से 3 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इनके सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 4 सितंबर को किया गया। निवेशकों ने इन दोनों में जमकर पैसा लगाया है। लिस्टिंग की पूरी जानकारी यहां दी गई है।
Deepa Jewellers के शेयर आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹221 प्रति शेयर के भाव पर खुले हैं। यह IPO के इश्यू प्राइस ₹177 प्रति शेयर के मुकाबले लगभग 25% ज्यादा है। एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, BSE पर यह ₹221.05 प्रति यूनिट पर लिस्ट हुआ, जो IPO के अपर प्राइस बैंड से 24.89% ज्यादा है। Deepa Jewellers का IPO कुल 42.61 गुना सब्सक्राइब हुआ था इसके तहत QIBs के हिस्से को 37.01 गुना सब्सक्राइब किया गया। वहीं NIIs का हिस्सा 105.96 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 18.55 गुना सब्सक्राइब हो गया।
Deepa Jewellers पब्लिक इश्यू के जरिए 459.72 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। यह एक होलसेलर है, जो गहनों के बड़े-बड़े ब्रांड्स को सोने और हीरे के आभूषण सप्लाई करती है। इसके पोर्टफोलियो में अंगूठियां, नेकलेस, ईयररिंग्स, चूड़ियां और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से बनाई जाने वाली कस्टमाइज्ड ज्वेलरी शामिल है। कंपनी पारंपरिक के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन की ज्वेलरी भी बेचती है।
दीपा ज्वैलर्स ने हाल के वर्षों में वित्तीय प्रदर्शन में अच्छी बढ़त दर्ज की है। FY26 में कंपनी का मुनाफा 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹40.58 करोड़ था। वहीं, FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 37.9% बढ़कर ₹1,926.7 करोड़ पहुंच गया। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,397 करोड़ था। यानी कंपनी के कारोबार और मुनाफे, दोनों में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है।
Rays of Belief की बात करें तो इसके शेयरों की फ्लैट लिस्टिंग हुई है। इसके शेयर BSE और NSE दोनों पर ही 239 रुपये के भाव पर खुले जबकि अपर प्राइस बैंड भी 239 रुपये ही था। हालांकि लिस्टिंग के बाद इसमें बिकवाली बढ़ गई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय यह शेयर NSE पर 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 234 रुपये के भाव पर था।
Rays of Belief के आईपीओ में निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इसके चलते यह कुल 107.71 गुना सब्सक्राइब हो गया। इसके तहत क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के हिस्से को 9.06 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के हिस्से को 279.11 गुना और रिटेल निवेशकों के हिस्से को 195.87 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
Mom's Belief की पैरेंट कंपनी Rays of Belief के IPO का इश्यू साइज 125 करोड़ रुपये है। यह एक फॉर-प्रॉफिट सोशल एंटरप्राइज है, जो न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर (NDD) से पीड़ित बच्चों के लिए व्यक्तिगत थेरेपी और ट्रीटमेंट प्लान प्रोवाइड करती है। कंपनी ने 2018 में अपना काम शुरू किया था और अब तक 58,000 से ज्यादा बच्चों को अपनी सेवाएं दे चुकी है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 82 करोड़ रुपये की टोटल इनकम दर्ज की। FY25 में यह आंकड़ा 36.54 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी का नेट प्रॉफिट इसी अवधि के दौरान 5.88 करोड़ रुपये से घटकर 4.96 करोड़ रुपये पर आ गया।
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