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  1. गिरकर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 382 अंक टूटा, समझें इस बिकवाली के पीछे की असल वजह

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गिरकर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 382 अंक टूटा, समझें इस बिकवाली के पीछे की असल वजह

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 07, 2026, 15:58 IST

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 382.62 अंक गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 118.59 अंक टूटकर 23,779.15 के स्तर पर आ गया।

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गिरावट के साथ बाजार ने बंद किया कारोबार। | Image: Shutterstock

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के दौरान मंदी का माहौल देखने को मिला है। लगातार बनते दबाव के बीच हफ्ते के दौरान बाजार गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का सेंसेक्स 382.62 अंक यानी 0.50% की गिरावट के साथ 76,132.81 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी भी 118.59 अंक यानी 0.50% टूटकर 23,779.15 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस बिकवाली के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की निकासी और आईटी सेक्टर में आया भारी दबाव मुख्य वजह रहे।

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कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने भारतीय बाजार का मूड बिगाड़ने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। क्रूड ऑयल का बेंचमार्क माना जाने वाला ब्रेंट क्रूड 0.78% बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 91 से 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हॉरमुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ते तनाव की वजह से सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर दिख रहा है।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले और कमजोर संकेतों का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.36% और जापान का निकेई 1.83% चढ़ा, लेकिन शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स नीचे ट्रेड कर रहे थे। इसके अलावा अमेरिकी बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुए थे। विदेशी बाजारों की इस अनिश्चितता ने भारतीय निवेशकों को सतर्क कर दिया और बिकवाली का माहौल बन गया।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs भारतीय बाजार में लगातार बिकवाल बने हुए हैं। FIIs ने लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में नेट सेलिंग की है। विदेशी निवेशकों ने एक ही दिन में 3,111.94 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले हैं। विदेशी पैसों की इस लगातार निकासी से भारतीय शेयर बाजार की रिकवरी पर ब्रेक लग गया है। जब तक विदेशी निवेशकों की तरफ से खरीदारी वापस नहीं लौटती, तब तक बाजार में बड़ा उछाल आना मुश्किल दिख रहा है।

बाजार में डर और उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिकेटर यानी इंडिया विक्स 3% से ज्यादा बढ़कर 11 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया विक्स में बढ़ोतरी इस बात का संकेत देती है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है। इससे निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई है और लोग नया निवेश करने से बच रहे हैं। विक्स का ऊपर जाना दिखाता है कि ट्रेडर्स में जोखिम को लेकर घबराहट बढ़ रही है।

आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली

बाजार को नीचे खींचने में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा, जहां करीब 3% की भारी बिकवाली दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2% तक टूट गया, जिसमें इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS जैसे दिग्गज शेयर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अमेरिका में उम्मीद से बेहतर आए जॉब्स डेटा की वजह से सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना मजबूत हो गई है, जिससे आईटी शेयरों पर बड़ा दबाव बन गया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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