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  1. US Fed ने 3 साल बाद बढ़ाई ब्याज दरें, इस साल एक और रेट हाइक के संकेत, अमेरिकी बाजार लुढ़का

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US Fed ने 3 साल बाद बढ़ाई ब्याज दरें, इस साल एक और रेट हाइक के संकेत, अमेरिकी बाजार लुढ़का

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड September 17, 2026, 08:11 IST

सारांश

फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी नजर आई। Dow Jones Industrial बीते कारोबारी दिन 1.21 फीसदी तक लुढ़क गया। इसके साथ ही S&P 500 में 0.45 फीसदी और Nasdaq Composite में 0.012 फीसदी की गिरावट रही।

US Fed

अमेरिका के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ाकर 3.75 फीसदी से 4 फीसदी कर दिया है।

अमेरिका से आ रही एक खबर का असर आज 17 सितंबर को दुनिया भर के शेयर बाजारों पर दिख रहा है। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने पिछले 3 सालों में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अमेरिका के सेंट्रल बैंक ने ब्याज दरों को 25 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ाकर 3.75 फीसदी से 4 फीसदी कर दिया है। दरअसल, US-ईरान तनाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते महंगाई बढ़ रही है और अर्थव्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए US फेड ने ब्याज दरें बढ़ाई है।

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अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट

फेड के फैसले के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में कमजोरी नजर आई। Dow Jones Industrial बीते कारोबारी दिन 1.21 फीसदी तक लुढ़क गया। इसके साथ ही S&P 500 में 0.45 फीसदी और Nasdaq Composite में 0.012 फीसदी की गिरावट रही। अमेरिकी सेंट्रल बैंक का फैसला एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक है। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) ने 12-0 के वोट के साथ यह फैसला लिया।

एक और Rate Hike के संकेत

बाजार पहले से ही इस रेट हाइक की उम्मीद कर रहा था। बाजार में फेड के फैसले से पहले 90% से ज्यादा संभावना इस बढ़ोतरी की थी। फेड के नए प्रोजेक्शन से भी संकेत मिला कि इस साल एक और रेट हाइक हो सकती है। 18 अधिकारियों में से 16 ने एक और बढ़ोतरी की संभावना जताई, जबकि चार अधिकारियों ने दो और हाइक की संभावना देखी। दो अधिकारियों के मुताबिक एक हाइक के बाद दरें स्थिर रह सकती हैं।

महंगाई अभी भी बड़ी चिंता

फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने कहा कि महंगाई काफी समय से ज्यादा बनी हुई है। उनके मुताबिक फेड को यह भरोसा होना जरूरी है कि महंगाई सही दिशा में और पर्याप्त तेजी से 2% के लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है, लेकिन अभी ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हालिया इकनॉमिक रिपोर्ट्स से पता चलता है कि अमेरिकी इकनॉमी और लेबर मार्केट मजबूत हैं, लेकिन इनफ्लेशन अभी भी टारगेट से ऊपर है। Middle East में तनाव को भी रेट हाइक के फैसले की वजहों में शामिल किया गया।

महंगाई का अनुमान बढ़ाया

फेड अधिकारियों ने इस साल इनफ्लेशन के अनुमान को थोड़ा बढ़ाया है। Headline Personal Consumption Expenditures (PCE) price index का अनुमान 3.7% और food और energy को छोड़कर core PCE का अनुमान 3.4% किया गया है। दोनों अनुमान जून के पिछले अनुमान से 0.1 प्रतिशत ज्यादा हैं। फेड को उम्मीद है कि 2027 में इनफ्लेशन तेजी से नीचे आएगी, लेकिन 2% के टारगेट तक पहुंचने में अभी समय लग सकता है।

Oil Prices और Jobs Market पर नजर

मौजूदा इनफ्लेशन के पीछे बढ़ती ऑयल प्राइसेस और टैरिफ के असर को भी देखा जा रहा है। फेड अधिकारियों को चिंता है कि अगर एनर्जी प्राइसेस लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो लोगों की inflation expectations बढ़ सकती हैं और इसका असर पूरी इकनॉमी में फैल सकता है। वहीं बेरोजगारी दर का अनुमान घटाकर 4.1% किया गया है, जो लेबर मार्केट में स्थिरता का संकेत देता है।

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