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  1. देश के सबसे बड़े आईपीओ का कितना है वैल्यूएशन? कल से खुल रहा IPO, यहां समझें रिस्क फैक्टर्स

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देश के सबसे बड़े आईपीओ का कितना है वैल्यूएशन? कल से खुल रहा IPO, यहां समझें रिस्क फैक्टर्स

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 18:53 IST

सारांश

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ 17 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। निवेशक 21 सितंबर तक इसमें पैसा लगा सकेंगे। आईपीओ का प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय हुआ है।

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NSE आईपीओ का लॉट साइज 8 शेयर का रखा गया है।

देश के सबसे बड़े शेयर एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर आई है। एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। निवेशक इस आईपीओ में सोमवार 21 सितंबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। इसके बाद शेयरों का अलॉटमेंट मंगलवार 22 सितंबर को किया जाएगा और आईपीओ की लिस्टिंग गुरुवार 24 सितंबर 2026 को होगी। इस आईपीओ के लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। यह पूरा इश्यू 22,561.5 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। इसमें रिटेल निवेशकों के लिए मिनिमम लॉट साइज 8 शेयर का रखा गया है, जिसके लिए निवेशकों को कम से कम 14,280 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा।

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वैल्यूएशन और BSE से मुकाबला

आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 1,785 रुपये पर एनएसई का P/E रेश्यो लगभग 43 बनता है। यह इसके मुख्य कॉम्पिटिटर BSE के 47.8 के P/E रेश्यो से कम है। P/E रेश्यो के हिसाब से NSE का आईपीओ सही वैल्यूएशन पर नजर आ रहा है। 1,785 रुपये के भाव पर NSE का मार्केट कैप लगभग 4.41 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो BSE के 1.35 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप से तीन गुना से भी ज्यादा है। कैश और F&O सेगमेंट में एकतरफा दबदबा होने के कारण कंपनी का मार्केट कैप काफी अधिक है। जून 2026 में एनएसई द्वारा DRHP फाइल किए जाने के बाद से BSE के शेयर में 22% से ज्यादा की गिरावट आई है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और नेट प्रॉफिट का हाल

फाइनेंशियल ईयर 2026 में एनएसई का ऑपरेशन से रेवेन्यू 3.1% गिरकर 16,601 करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 15.4% घटकर 10,302 करोड़ रुपये रहा। सेबी द्वारा एफएंडओ ट्रेडिंग को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की वजह से ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाली इनकम में कमी आई है। इसके बावजूद एनएसई का नेट प्रॉफिट BSE के 2,487 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट से 4 गुना से भी अधिक है। हालांकि पिछले 3 सालों में BSE की प्रॉफिट ग्रोथ 222.1% रही है, जबकि एनएसई की 3 साल की प्रॉफिट ग्रोथ 24.04% रही है जो एक मैच्योर ग्रोथ को दिखाता है।

मार्केट शेयर में NSE का दबदबा

मार्केट शेयर के मामले में एनएसई काफी आगे है। कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 92.9% और फ्यूचर्स में 99.7% है। हालांकि इक्विटी ऑप्शंस सेगमेंट में एनएसई का मार्केट शेयर एफवाय26 में 74.7% था, जो Q1 FY27 में घटकर 68.4% रह गया है। इसकी बड़ी वजह BSE द्वारा मंगलवार को सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी शुरू करके आक्रामक विस्तार करना है। वहीं करेंसी फ्यूचर्स में एनएसई का 100% मार्केट शेयर बना हुआ है।

पैसिव इन्वेस्टिंग में भी एनएसई की मजबूत पकड़ है। मार्च 2026 तक निफ्टी इंडेक्स से जुड़े पैसिव फंड्स का एयूएम 8.14 लाख करोड़ रुपये था, जो देश के कुल पैसिव फंड AUM का लगभग 73% है। देश के कुल इंडेक्स फंड और ETF का 76% से ज्यादा हिस्सा निफ्टी इंडेक्स को ही ट्रैक करता है। इसके अलावा कंपनी अब कमोडिटीज सेगमेंट में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। जुलाई 2025 में इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स शुरू करने के बाद अब कंपनी ने 10 ग्राम गोल्ड फ्यूचर्स, डेटेड ब्रेंट क्रूड ऑयल फ्यूचर्स और इंडियन Natural Gas फ्यूचर्स जैसे नए प्रोडक्ट्स पेश किए हैं। जून 2026 में कंपनी ने नेशनल कोल एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड नाम से नई सब्सिडियरी भी बनाई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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