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  1. 51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, EPFO के नियमों में बड़ा बदलाव, 25 हजार हुई सैलरी लिमिट

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51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, EPFO के नियमों में बड़ा बदलाव, 25 हजार हुई सैलरी लिमिट

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 16:37 IST

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेज सीलिंग को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति महीना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 51 लाख से ज्यादा नए कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी का फायदा मिलेगा।

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केंद्र सरकार ने EPFO वेज सीलिंग को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति महीना करने को मंजूरी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने श्रम और रोजगार मंत्रालय के उस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसमें EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेज सीलिंग को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति महीना करने की बात कही गई थी। सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से देश के 51 लाख से भी ज्यादा अतिरिक्त कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से EPFO के दायरे में लाया जाएगा।

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12 साल बाद हुआ वेज सीलिंग में बड़ा बदलाव

EPFO की वेज सीलिंग में साल 2004 से 2014 के बीच कोई बदलाव नहीं किया गया था। इसके बाद सितंबर 2014 में इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति महीना किया गया था। अब 2014 के बाद देश में कर्मचारियों की सैलरी में हुई बढ़ोतरी, बढ़ती इनकम और औपचारिक रोजगार के विस्तार को ध्यान में रखते हुए इसे 25,000 रुपये करने का फैसला लिया गया है।

मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई नया कर्मचारी 15,000 रुपये से ज्यादा की सैलरी पर नौकरी शुरू करता था, तो वह अपने आप ईपीएफ के दायरे में नहीं आता था। ऐसे कर्मचारी प्रोविडेंट फंड, पेंशन और इंश्योरेंस के फायदों से वंचित रह जाते थे। अब 15,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये की सैलरी ब्रैकेट में आने वाले कर्मचारियों को भी कानूनन सोशल सिक्योरिटी का पूरा कवर मिलेगा।

पेंशन और इंश्योरेंस का भी मिलेगा पूरा फायदा

कैबिनेट के इस फैसले के बाद कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड में सेविंग्स के साथ-साथ एम्प्लॉई पेंशन स्कीम यानी IPS के तहत पेंशन और एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस यानी EDLI के तहत इंश्योरेंस का लाभ मिलेगा। इससे देश में फॉर्मल एम्प्लॉयमेंट को बढ़ावा मिलेगा और कंपनियों में कर्मचारियों को लंबे समय तक रोके रखने में मदद मिलेगी। एम्प्लॉयर्स के लिए भी कर्मचारियों का दायरा बढ़ाना एक सुरक्षित और फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स तैयार करने में मददगार साबित होगा।

इस प्रस्ताव पर मंत्रालयों के बीच काफी चर्चा हुई थी और 16 जून 2026 को हुई मीटिंग में एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी ने इसकी सिफारिश की थी। इस नए फैसले से सरकार का सालाना वित्तीय आउटगो बढ़कर लगभग 11,339 करोड़ रुपये हो जाएगा, जो कि अभी तक करीब 10,250 करोड़ रुपये था। वहीं अगले पांच सालों में इस योजना पर कुल अनुमानित खर्च लगभग 56,696 करोड़ रुपये आएगा।

EPFO के मौजूदा आंकड़े और आगे का प्लान

EPFO आज दुनिया के सबसे बड़े सोशल सिक्योरिटी सिस्टम्स में से एक को चलाता है। हालिया आंकड़ों के अनुसार EPFO में लगभग 7.68 लाख संस्थानों के करीब 7.98 करोड़ कंट्रीब्यूटिंग मेंबर्स हैं। इसके साथ ही आईपीएस के तहत करीब 82 लाख पेंशनर्स को पेंशन का फायदा दिया जा रहा है। सरकार का यह कदम भारत को 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की तरफ एक बड़ा कदम माना जा रहा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और EPFO अब इस फैसले को लागू करने के लिए जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाएंगे।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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