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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ने निवेशकों को किया गदगद, 6.5 साल में मिला 260% का बंपर रिटर्न

Upstox

4 min read | अपडेटेड September 11, 2026, 13:33 IST

सारांश

भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज X के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस 15,328 रुपये प्रति यूनिट तय कर दिया है। मार्च 2020 में जारी हुए इस बॉन्ड में निवेश करने वालों को साढ़े छह साल में करीब 260% का जोरदार रिटर्न मिला है।

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज X ने निवेशकों को दिया बंपर मुनाफा।

मार्च 2020 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की 2019-20 सीरीज X खरीदने वाले निवेशकों के लिए बहुत बड़ी और खुशी की खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने 11 सितंबर 2026 के लिए इस सीरीज के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की कीमत 15,328 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी है। इस घोषणा के साथ ही साढ़े छह साल में निवेशकों के पैसे में बहुत ही जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगर किसी निवेशक ने मार्च 2020 में जारी हुए इस बॉन्ड में 1 लाख रुपये लगाए थे, तो उनका निवेश अब बढ़कर करीब 3.60 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि गोल्ड के दामों में आई तेजी की बदौलत निवेशकों को केवल रिडेम्पशन वैल्यू के आधार पर ही करीब 260% का बंपर फायदा मिला है।

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जारी होने की कीमत से समझें गणित

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की यह 2019-20 सीरीज X 11 मार्च 2020 को आम जनता के लिए जारी की गई थी। उस समय इसकी इश्यू प्राइस 4,260 रुपये प्रति ग्राम तय की गई थी। जिन लोगों ने ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन चुना था, उन्हें 50 रुपये की छूट के साथ यह बॉन्ड 4,210 रुपये प्रति ग्राम की दर से मिला था। अगर 4,260 रुपये की रेगुलर प्राइस पर गणित को समझें, तो 1 लाख रुपये के निवेश से निवेशक को लगभग 23.47 ग्राम सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड मिला था। 11 सितंबर 2026 की प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस 15,328 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से वही 23.47 ग्राम की होल्डिंग अब बढ़कर लगभग 3.60 लाख रुपये हो गई है। यानी केवल सोने की कीमत के आधार पर ही सीधे 2.60 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ है।

ब्याज के रूप में हुई अलग से कमाई

यहाँ एक बात पर ध्यान देना बहुत जरूरी है कि 3.60 लाख रुपये का यह आंकड़ा सिर्फ रिडेम्पशन वैल्यू को दिखाता है, इसमें निवेशकों को मिलने वाला ब्याज शामिल नहीं है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाने वालों को हर साल 2.5% का फिक्सड ब्याज मिलता है, जिसका भुगतान हर छह महीने में किया जाता है। यह ब्याज सोने की मौजूदा मार्केट वैल्यू पर नहीं बल्कि शुरुआती निवेश रकम पर कैलकुलेट किया जाता है। इस वजह से निवेशक को कुल मिलाकर मिलने वाला कैश 3.60 लाख रुपये से भी ज्यादा होता है। हालांकि हर एक व्यक्ति का सटीक रिटर्न इस बात पर भी निर्भर करता है कि उसने किस रेट पर खरीदारी की थी, डिजिटल डिस्काउंट लिया था या नहीं और उसे अब तक कितना ब्याज मिल चुका है।

कैसे तय होती है प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की कीमत?

आरबीआई के नियमों के अनुसार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में पैसा लगाने वाले लोग इश्यू डेट से 5 साल पूरे होने के बाद कभी भी प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। रिडेम्पशन की यह कीमत पिछले तीन बिजनेस दिनों के 999 प्योरिटी वाले गोल्ड के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज पर तय की जाती है। इसके लिए इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी IBJA द्वारा जारी किए गए सोने के दामों का इस्तेमाल होता है। आरबीआई ने साफ किया है कि SGB 2019-20 सीरीज X के लिए 15,328 रुपये की कीमत तय करने के लिए 8 सितंबर, 9 सितंबर और 10 सितंबर 2026 के क्लोजिंग गोल्ड रेट्स का औसत निकाला गया है।

आने वाले महीनों में भी मिलेंगे रिडेम्पशन के मौके

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 सीरीज X उन कई सीरीज में से एक है, जो आने वाले समय में प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए एलिजिबल हो रही हैं। आरबीआई के शेड्यूल के मुताबिक अक्टूबर 2026 से लेकर मार्च 2027 के बीच कई अन्य सीरीज के रिडेम्पशन के मौके आने वाले हैं। इससे निवेशकों को बॉन्ड की 8 साल की पूरी मैच्योरिटी से पहले ही अपना पैसा निकालने के कई अवसर मिलेंगे। अगर आप भी अपना बॉन्ड समय से पहले बेचना चाहते हैं, तो प्री-मैच्योर रिडेम्पशन का ऑप्शन चुनने से पहले अपनी सीरीज की सही तारीख और रिक्वेस्ट विंडो की जांच जरूर कर लें।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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