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  1. तो क्या बदल जाएगी NPS रिटर्न की तस्वीर, XIRR से आपको फायदा या नुकसान? यहां समझें पूरी डीटेल

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तो क्या बदल जाएगी NPS रिटर्न की तस्वीर, XIRR से आपको फायदा या नुकसान? यहां समझें पूरी डीटेल

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 10, 2026, 17:01 IST

सारांश

पेंशन फंड रेगुलेटर PFRDA अपने प्राइड-दिशा प्लेटफॉर्म पर रिटर्न का हिसाब लगाने के लिए अब XIRR का इस्तेमाल कर रहा है। इससे सब्सक्राइबर्स को अपने इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाले असली रिटर्न की सही जानकारी मिलेगी, क्योंकि यह अलग-अलग तारीखों पर किए गए जमा और निकासी का हिसाब रखता है।

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एनपीएस में अलग-अलग समय पर पैसा जमा करने और निकालने की सुविधा होती है।

अगर आप भी NPS यानी नेशनल पेंशन सिस्टम में पैसे लगाते हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA अपने प्राइड-दिशा प्लेटफॉर्म पर एनपीएस रिटर्न का हिसाब लगाने के लिए अब XIRR का इस्तेमाल कर रहा है। इससे एनपीएस सब्सक्राइबर्स को अपने इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाले रिटर्न की एकदम सही और वास्तविक तस्वीर देखने को मिलेगी। एनपीएस में सब्सक्राइबर्स को इन्वेस्टमेंट पीरियड के दौरान अलग-अलग समय पर पैसे जमा करने और निकालने की सुविधा मिलती है। ऐसे में किसी एक निश्चित समय के शुरुआत और अंत की वैल्यू से रिटर्न निकालना किसी व्यक्ति के असली इन्वेस्टमेंट अनुभव को सही से नहीं दिखाता है। इसलिए PFRDA अब XIRR का इस्तेमाल कर रहा है ताकि सब्सक्राइबर्स को अपनी जमा पूंजी पर मिलने वाले फायदे की सही जानकारी मिल सके।

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CAGR और XIRR में क्या है अंतर?

इन्वेस्टमेंट के क्षेत्र में CAGR और XIRR दोनों का अलग-अलग महत्व है। CAGR सिर्फ किसी फिक्स समय में शुरुआती और आखिरी वैल्यू के आधार पर ग्रोथ को मापता है। यह ऐसा दिखाता है जैसे पूरा पैसा शुरुआत में ही एक साथ लगा दिया गया हो। लेकिन अगर कोई निवेशक अलग-अलग समय पर कई बार पैसे जमा करता है, तो हर बार जमा किए गए पैसे का समय उसके कुल रिटर्न को प्रभावित करता है। दूसरी तरफ, XIRR अलग-अलग तारीखों पर होने वाले कैश फ्लो यानी पैसे जमा करने और निकालने दोनों का हिसाब रखता है। एनपीएस जैसे इन्वेस्टमेंट के लिए XIRR सबसे उपयुक्त जरिया है क्योंकि इसमें लोग नियमित या अनियमित अंतराल पर अलग-अलग रकम जमा करते हैं। इससे सब्सक्राइबर को अपनी व्यक्तिगत जमा और निकासी के हिसाब से रिटर्न का पता चलता है।

प्राइड-दिशा प्लेटफॉर्म में जुड़ेंगे नए फीचर्स

PFRDA अपने प्राइड-दिशा प्लेटफॉर्म के जरिए सब्सक्राइबर्स को ज्यादा बेहतर और काम की जानकारी देने में लगा है। हालांकि, मौजूदा टूल अभी इन्वेस्टमेंट का पूरा रिस्क एडजस्टेड एसेसमेंट नहीं देता है। PFRDA की योजना एनपीएस प्राइड-दिशा में कई नए फीचर्स जोड़ने की है। इसमें जल्द ही टियर II रिटर्न, MSF स्कीम्स और एनपीएस वात्सल्य स्कीम शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही इस प्लेटफॉर्म पर रोलिंग और ट्रेलिंग रिटर्न के आधार पर भी परफॉर्मेंस देखने की सुविधा मिलेगी। इन नए बदलावों से सब्सक्राइबर्स को अलग-अलग समय और इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के आधार पर फंड के प्रदर्शन की जांच करने का मौका मिलेगा।

अलग-अलग स्कीमों का जानिए कैसा रहा प्रदर्शन?

27 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, एनपीएस की स्कीम E यानी इक्विटी में टाटा पेंशन मैनेजमेंट ने 1 साल, 3 साल और शुरुआत से लेकर अब तक के समय में सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। वहीं 5 साल और 7 साल के रिटर्न में कोटक सबसे आगे रहा, जबकि 10 साल के समय में HDFC ने बाजी मारी। स्कीम सी यानी कॉर्पोरेट डेट में एचडीएफसी ज्यादातर मौकों पर सबसे आगे रहा, जबकि एसबीआई ने शुरुआत से अब तक 9.43% का सबसे अधिक रिटर्न रिकॉर्ड किया। स्कीम जी यानी सरकारी सिक्योरिटीज में एलआईसी ने 10 साल और शुरुआत से अब तक में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि आदित्य बिड़ला सन लाइफ ने 1 साल और 5 साल में टॉप किया। इसके अलावा एपीवाई योजना में यूटीआई 1 साल और शुरुआत से अब तक के रिटर्न में आगे रहा। इससे पता चलता है कि अलग-अलग स्कीमों और पेंशन फंड मैनेजरों का प्रदर्शन अलग-अलग होता है।

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Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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