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  1. SGB 2020-21 Series VI: 204% का शानदार रिटर्न, ऊपर से 2.5% ब्याज, 5 साल बाद आज से रिडेम्पशन का मौका

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SGB 2020-21 Series VI: 204% का शानदार रिटर्न, ऊपर से 2.5% ब्याज, 5 साल बाद आज से रिडेम्पशन का मौका

Upstox

4 min read | अपडेटेड September 08, 2026, 15:43 IST

सारांश

SGB में निवेशकों को सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने का फायदा नहीं मिलता, बल्कि इस पर 2.5% सालाना ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज हर छह महीने में भुगतान किया जाता है और इसकी गणना शुरुआती निवेश राशि पर होती है।

SGB

निवेशक अब पांच साल पूरे होने के बाद इसे समय से पहले भुना सकते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज VI के समय से पहले रिडेम्पशन यानी भुगतान की कीमत ₹15,384 प्रति ग्राम तय की है। इस SGB की शुरुआत 8 सितंबर 2020 को हुई थी। यानी निवेशक अब पांच साल पूरे होने के बाद इसे समय से पहले भुना सकते हैं। इस बॉन्ड की मूल ऑनलाइन इश्यू कीमत ₹5,117 प्रति ग्राम थी। ऑनलाइन भुगतान करने वाले निवेशकों को ₹50 प्रति ग्राम की छूट मिली थी, जिससे उनकी खरीद कीमत ₹5,067 प्रति ग्राम रह गई थी।

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₹1 लाख के निवेश पर कितना फायदा?

अगर किसी निवेशक ने ₹5,067 प्रति ग्राम की कीमत पर SGB खरीदा था और अब इसे ₹15,384 प्रति ग्राम पर रिडीम करता है, तो उसे प्रति ग्राम ₹10,317 का कैपिटल गेन होगा। यानी सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने से निवेशक को करीब 203.6% का रिटर्न, यानी लगभग 204% का फायदा हुआ है।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक ने करीब ₹1 लाख SGB में लगाए थे, तो सोने की कीमत में बढ़ोतरी के आधार पर उसकी रिडेम्पशन वैल्यू लगभग ₹3.04 लाख हो जाएगी। यानी ₹1 लाख के निवेश पर करीब ₹2.04 लाख का कैपिटल गेन हुआ। हालांकि, यह गणना निवेश की आनुपातिक वैल्यू के आधार पर है।

ब्याज से भी हुई अतिरिक्त कमाई

SGB में निवेशकों को सिर्फ सोने की कीमत बढ़ने का फायदा नहीं मिलता, बल्कि इस पर 2.5% सालाना ब्याज भी मिलता है। यह ब्याज हर छह महीने में भुगतान किया जाता है और इसकी गणना शुरुआती निवेश राशि पर होती है।

उदाहरण के लिए, ₹1 लाख के निवेश पर सालाना करीब ₹2,500 ब्याज मिलता है। छह साल की अवधि में यह रकम लगभग ₹15,000 हो सकती है, अगर पूरे छह साल तक निवेश बना रहा हो। इसलिए SGB से मिला कुल आर्थिक रिटर्न 204% के कैपिटल गेन से ज्यादा है। हालांकि, ब्याज पर लागू टैक्स नियम अलग होते हैं।

₹15,384 की कीमत कैसे तय हुई?

RBI के मुताबिक, रिडेम्पशन कीमत 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत के आधार पर तय की जाती है। इसके लिए रिडेम्पशन की तारीख से पहले के तीन कारोबारी दिनों के सोने के क्लोजिंग प्राइस का साधारण औसत लिया जाता है। यह कीमत India Bullion and Jewellers Association (IBJA) द्वारा प्रकाशित की जाती है। 8 सितंबर 2026 के रिडेम्पशन के लिए 3 सितंबर, 4 सितंबर और 7 सितंबर के सोने के भाव को आधार बनाया गया। इसके बाद SGB की रिडेम्पशन कीमत ₹15,384 प्रति ग्राम तय हुई।

पांच साल बाद क्यों निकाल सकते हैं पैसा?

SGB की सामान्य अवधि 8 साल होती है। हालांकि, योजना के नियमों के अनुसार निवेशक पांच साल पूरे होने के बाद कुछ तय तारीखों पर समय से पहले रिडेम्पशन कर सकते हैं। Series VI के लिए 8 सितंबर 2026 को पांच साल पूरे हो गए हैं, इसलिए निवेशक अब इसे रिडीम कर सकते हैं। इस SGB की अंतिम मैच्योरिटी 8 सितंबर 2028 को होगी। यानी अभी रिडीम करने वाले निवेशक करीब दो साल पहले निवेश से बाहर निकल रहे हैं।

टैक्स को लेकर सावधान रहें

2026 के बजट में SGB के कैपिटल गेन टैक्स नियमों में बदलाव किया गया है। अब टैक्स छूट को इस शर्त से जोड़ा गया है कि व्यक्ति ने SGB को मूल इश्यू के समय खरीदा हो और उसे मैच्योरिटी तक लगातार होल्ड किया हो। इसलिए पांच साल बाद समय से पहले रिडेम्पशन करने वाले निवेशकों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि कैपिटल गेन अपने आप टैक्स-फ्री होगा। SGB से मिलने वाला ब्याज भी अलग से टैक्स के दायरे में आता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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