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  1. Senior Citizen FD: अगस्त 2026 में करना चाहते हैं फिक्स्ड डिपॉजिट, कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?

पर्सनल फाइनेंस

Senior Citizen FD: अगस्त 2026 में करना चाहते हैं फिक्स्ड डिपॉजिट, कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 05, 2026, 18:50 IST

सारांश

निजी बैंकों की बात करें तो IndusInd Bank 2 से 3 साल की एफडी पर 7.75% ब्याज दे रहा है। Kotak Mahindra Bank 7.30%, Axis Bank 7.25%, ICICI Bank 7.10% और HDFC Bank 7% तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

Fixed Deposit

Fixed Deposit: बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना कम है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अगस्त 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर ही बरकरार रखा है। लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी फिलहाल बड़े बदलाव की संभावना कम है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह राहत की बात है, क्योंकि वे नियमित और सुरक्षित आय के लिए एफडी पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं।

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कौन-से बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज?

अगस्त 2026 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे ज्यादा ब्याज Jana Small Finance Bank दे रहा है। बैंक 2 से 3 साल की अवधि वाली एफडी पर 8.30% ब्याज की पेशकश कर रहा है। इसके बाद Equitas Small Finance Bank 888 दिनों की एफडी पर 8.25% और AU Small Finance Bank 30 महीने 1 दिन से 36 महीने की अवधि पर 7.90% ब्याज दे रहा है।

सरकारी और निजी बैंकों की ब्याज दरें

सरकारी बैंकों में Bank of Baroda अपनी 555 दिनों की BoB Golden Goal Deposit Scheme पर 7.25% ब्याज दे रहा है। Punjab National Bank और Canara Bank 7.10% की दर से ब्याज दे रहे हैं, जबकि Union Bank of India और State Bank of India (SBI) वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% तक का ब्याज दे रहे हैं।

वहीं निजी बैंकों की बात करें तो IndusInd Bank 2 से 3 साल की एफडी पर 7.75% ब्याज दे रहा है। Kotak Mahindra Bank 7.30%, Axis Bank 7.25%, ICICI Bank 7.10% और HDFC Bank 7% तक की ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

क्या सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर FD करनी चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल सबसे ज्यादा ब्याज दर देखकर एफडी में निवेश करना सही रणनीति नहीं है। निवेश करते समय बैंक की विश्वसनीयता, ग्राहक सेवा, शाखाओं की उपलब्धता और अपनी सुविधा जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर किसी के पास बड़ी रकम है, तो उसे एक ही बैंक में जमा करने के बजाय अलग-अलग बैंकों में निवेश करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

₹5 लाख का DICGC बीमा क्यों है जरूरी?

बैंक में जमा राशि पर DICGC की ओर से प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक ₹5 लाख तक का बीमा मिलता है। इस सीमा में मूलधन और उस पर मिलने वाला ब्याज दोनों शामिल होते हैं। इसलिए अगर किसी वरिष्ठ नागरिक के पास बड़ी रकम है, तो उसे अलग-अलग बैंकों में एफडी कराकर बीमा सुरक्षा का बेहतर लाभ मिल सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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