पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड August 07, 2026, 18:22 IST
सारांश
नए नियमों के मुताबिक बैंक या रिकवरी एजेंट सामान्य तौर पर सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही फोन कर सकेंगे या मुलाकात कर सकेंगे। अगर उधार लेने वाला खुद किसी दूसरे समय संपर्क करने की अनुमति देता है, तभी उससे अलग समय पर संपर्क किया जा सकेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी के लिए नए नियम जारी किए हैं।
अगर आपने बैंक या किसी फाइनेंस कंपनी से लोन लिया है और किसी वजह से समय पर EMI नहीं भर पाए, तो आपके लिए राहत की खबर है। RBI के नए नियमों के तहत अब रिकवरी एजेंट पहले की तरह मनमाने तरीके से फोन या घर आकर परेशान नहीं कर सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी के लिए नए नियम जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इन नियमों का मकसद उधार लेने वालों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और रिकवरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
नए नियमों के मुताबिक बैंक या रिकवरी एजेंट सामान्य तौर पर सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही फोन कर सकेंगे या मुलाकात कर सकेंगे। अगर उधार लेने वाला खुद किसी दूसरे समय संपर्क करने की अनुमति देता है, तभी उससे अलग समय पर संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा, किसी परिवार में शोक, मेडिकल इमरजेंसी या शादी जैसे संवेदनशील मौके पर रिकवरी एजेंट को संपर्क करने से बचना होगा।
RBI ने साफ कहा है कि रिकवरी एजेंट किसी भी उधार लेने वाले के साथ धमकी, गाली-गलौज या डराने वाली भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। बार-बार फोन करना, पहचान छिपाकर कॉल करना, परिवार को धमकाना या सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करना भी नियमों के खिलाफ होगा।
सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा। किसी उधारकर्ता की फोटो, वीडियो, ऑडियो या निजी जानकारी सोशल मीडिया पर डालकर शर्मिंदा करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
अगर रिकवरी एजेंट पहली बार घर या ऑफिस आने वाला है, तो बैंक को कम से कम एक दिन पहले इसकी जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी बताना होगा कि किस रिकवरी एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी गई है। जब एजेंट मिलने आएगा तो उसके पास आईडी कार्ड, बैंक का अधिकृत पत्र और जरूरी दस्तावेज होना अनिवार्य होगा। इस पत्र में बैंक और शिकायत अधिकारी की संपर्क जानकारी भी होगी।
अब बैंकों को रिकवरी से जुड़ी बातचीत का रिकॉर्ड रखना होगा। इसमें कॉल का समय, नंबर और बातचीत का रिकॉर्ड शामिल होगा। इन रिकॉर्ड को कम से कम 6 महीने तक सुरक्षित रखना होगा। अगर कोई उधारकर्ता रिकवरी एजेंट के व्यवहार की शिकायत करता है, तो बैंक यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेगा कि रिकवरी किसी बाहरी एजेंसी ने की थी। एजेंसी की हर कार्रवाई की जिम्मेदारी बैंक की ही होगी।
अगर किसी ने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए उसी डिवाइस पर लोन लिया है, तो कुछ मामलों में बैंक उसे रिमोट तरीके से लॉक कर सकता है। लेकिन ऐसा EMI छूटते ही नहीं किया जा सकेगा।
RBI के मुताबिक लोन 30 दिन तक बकाया रहने के बाद ही सीमित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। वहीं, 60 दिन तक बकाया रहने पर ही डिवाइस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सकेगा। इसके बावजूद इनकमिंग कॉल, SMS, इमरजेंसी सुविधाएं और काम के लिए जरूरी फीचर चालू रहेंगे। बैंक आपकी निजी फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट, मैसेज या लोकेशन जैसी जानकारी तक पहुंच नहीं बना सकेगा।
अगर उधारकर्ता बकाया राशि चुका देता है या लोन नियमित कर देता है, तो बैंक को आमतौर पर एक घंटे के भीतर डिवाइस को फिर से चालू करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है, तो देरी के हर घंटे के लिए 250 रुपये तक का मुआवजा देना पड़ सकता है। हालांकि, इसकी एक अधिकतम सीमा होगी, जो बकाया लोन राशि से जुड़ी रहेगी। इन नए नियमों से लोन लेने वालों को ज्यादा सुरक्षा, सम्मान और पारदर्शिता मिलेगी। साथ ही बैंकों और रिकवरी एजेंसियों को भी तय नियमों का पालन करते हुए ही वसूली करनी होगी।
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