पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 09:06 IST
सारांश
नई व्यवस्था के तहत दिव्यांगता पेंशन या फैमिली पेंशन तभी दी जा सकती है, जब कर्मचारी की दिव्यांगता या मृत्यु का रेलवे सेवा से सीधा संबंध हो। यानी दिव्यांगता किसी ऐसी चोट, बीमारी या स्थिति के कारण हुई हो, जो रेलवे सेवा से जुड़ी हो या सेवा के कारण पहले से मौजूद बीमारी या स्थिति और खराब हुई हो।

दिव्यांगता पेंशन में Service Element और Disability Element शामिल होंगे।
रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन से जुड़ा बड़ा अपडेट है। रेलवे बोर्ड ने Railway Services (Extraordinary Pension) Rules, 2026 को अधिसूचित किया है। इन नियमों में रेलवे सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर मिलने वाली फैमिली पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और कॉन्सटेंट अटेंडेंट अलाउंस से जुड़े प्रावधान तय किए गए हैं। ये नियम उन रेलवे कर्मचारियों पर लागू होंगे, जो Railway Services (Pension) Rules, 2026 के दायरे में आते हैं।
जो रेलवे कर्मचारी Railway Services (Implementation of National Pension System) Rules, 2025 के तहत NPS में आते हैं, उन्हें फैमिली पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और कॉन्सटेंट अटेंडेंट अलाउंस का लाभ मिल सकता है। इसके लिए कर्मचारी ने NPS नियमों के Rule 10 के तहत संबंधित विकल्प चुना होना चाहिए।
हालांकि, अगर कोई कर्मचारी संयुक्त राष्ट्र की किसी संस्था में फॉरेन सर्विस पर था और उसने उस दौरान पेंशन योगदान नहीं देने और उस सेवा को क्वालिफाइंग सर्विस में शामिल नहीं करने का विकल्प चुना था, तो ऐसी स्थिति में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर ये लाभ नहीं मिलेंगे।
नई व्यवस्था के तहत दिव्यांगता पेंशन या फैमिली पेंशन तभी दी जा सकती है, जब कर्मचारी की दिव्यांगता या मृत्यु का रेलवे सेवा से सीधा संबंध हो। यानी दिव्यांगता किसी ऐसी चोट, बीमारी या स्थिति के कारण हुई हो, जो रेलवे सेवा से जुड़ी हो या सेवा के कारण पहले से मौजूद बीमारी या स्थिति और खराब हुई हो। इसी तरह मृत्यु को रेलवे सेवा से जुड़ा तब माना जाएगा, जब मौत किसी ऐसी चोट, बीमारी या स्थिति के कारण हुई हो, जो सेवा से संबंधित थी या रेलवे सेवा के कारण और गंभीर हो गई थी।
नियमों की एक खास बात यह है कि दिव्यांगता या फैमिली पेंशन के लिए कर्मचारी या उसके परिवार को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। Medical Board की रिपोर्ट मिलने के बाद Head of Office मामले की जांच करेगा और तीन महीने के भीतर इसे सक्षम अधिकारी के पास भेजेगा। सिर्फ Head of Office की देरी के कारण किसी दावे को खारिज नहीं किया जा सकेगा।
दिव्यांगता पेंशन में Service Element और Disability Element शामिल होंगे। इसकी राशि नियमों के अनुसार तय होगी। संबंधित अधिकारी को Schedule IV में दिए गए दिशानिर्देशों के आधार पर यह जांचना होगा कि दिव्यांगता या मृत्यु का रेलवे सेवा से संबंध है या नहीं। अगर कोई मामला Schedule IV में पूरी तरह फिट नहीं बैठता, लेकिन अधिकारी को लगता है कि वह रेलवे सेवा से जुड़ा है, तो लिखित कारण दर्ज करके पेंशन देने की अनुमति भी दी जा सकती है।
Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 के तहत लागू सुरक्षा भी इन नियमों में शामिल है। दिव्यांगता होने पर कर्मचारी को समान वेतन और सेवा लाभ के साथ सेवा में बनाए रखा जा सकता है। अगर कर्मचारी को कम मेहनत वाले काम के लिए फिट पाया जाता है, तो उसकी सहमति और पद उपलब्ध होने पर उसे दूसरा पद दिया जा सकता है। Railway Services (Extraordinary Pension) Rules, 2026 ने इस संबंध में पुराने नियमों की जगह नया ढांचा लागू किया है।
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