पर्सनल फाइनेंस

4 min read | अपडेटेड August 06, 2026, 14:31 IST
सारांश
केंद्र सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की मदद से जन शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हुआ है। इससे सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनी हैं।

जीवन प्रमाण और CPENGRAMS से आसान हुई पेंशन सेवाएं (Photo: Shutterstock)
केंद्र सरकार ने आम नागरिकों की शिकायतों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से समाधान करने के लिए अपनी केंद्रीकृत जन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System, CPGRAMS) को और मजबूत बनाया है। पेंशनर्स के लिए भी जरूरी अपडेट है। सरकार के अनुसार, इन सुधारों का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। इस साल 1 जनवरी से 15 जुलाई 2026 के बीच CPGRAMS पर 15,20,576 जन शिकायतें दर्ज की गईं। सबसे खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने इन शिकायतों का औसतन 13 दिनों में निपटारा किया, जबकि पहले शिकायतों के समाधान की समय-सीमा 30 दिन तक होती थी।
सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी कई डिजिटल सर्विसेज का विस्तार किया है। 'भविष्य (Bhavishya)' नामक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अब पेंशन आवेदन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (e-PPO) जारी होने तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है।
इस प्रणाली के जरिए रिटायर्ड कर्मचारी अपने पेंशन आवेदन की स्थिति रियल टाइम में देख सकते हैं। साथ ही पेंशन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स का डिजिटल वेरिफिकेशन भी आसानी से हो जाता है, जिससे पूरा प्रोसेस अधिक पारदर्शी और तेज बना है।
सरकार का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण) भी पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए अब हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना पहले से कहीं आसान हो गया है। रिकॉर्ड अपने आप अपडेट हो जाते हैं और पेंशनभोगियों को एसएमएस के जरिए इसकी पुष्टि भी मिल जाती है।
इसके अलावा CPENGRAMS प्लेटफॉर्म के जरिए पेंशन से जुड़ी शिकायतें भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकती हैं। पेंशनभोगी अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं और संबंधित मंत्रालय समयबद्ध तरीके से उसका समाधान सुनिश्चित करते हैं।
पेंशनभोगियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'Improving Pensioners' Welfare' नाम से नई योजना भी शुरू की है। इसका उद्देश्य एक ऐसे एकीकृत पोर्टल का विकास करना है, जहां पेंशन से जुड़ी सभी सर्विसेज एक ही जगह पर आसानी से उपलब्ध हों। इससे पेंशनभोगियों को अलग-अलग वेबसाइटों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जन शिकायतों के समाधान को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पिछले कुछ सालों में कई अहम सुधार किए हैं। इनमें 10-स्टेप CPGRAMS रिफॉर्म्स, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा के लिए रिव्यू मीटिंग मॉड्यूल और अगस्त 2024 में जारी व्यापक दिशा-निर्देश शामिल हैं।
इन दिशा-निर्देशों के तहत शिकायतों के निपटारे की अधिकतम समय-सीमा 30 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दी गई थी। अब औसतन 13 दिनों में शिकायतों का समाधान होना इस बात का संकेत है कि सरकारी विभाग पहले की तुलना में अधिक तेजी और जवाबदेही के साथ काम कर रहे हैं।
सरकार ने 30 मई 2026 को AI आधारित चैटबॉट 'समाधान दीदी' लॉन्च किया। यह नई सुविधा नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को और आसान बनाती है। इस चैटबॉट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में वॉयस के जरिए शिकायत दर्ज करने में मदद करता है। नागरिक अपनी भाषा में अपनी समस्या बता सकते हैं और चैटबॉट उनसे जरूरी जानकारी लेकर शिकायत पूरी करता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से यह सिस्टम संबंधित मंत्रालय, विभाग और शिकायत की सही श्रेणी की पहचान करता है। इसके बाद शिकायत सीधे संबंधित ग्रिवेंस रिड्रेसल ऑफिसर (GRO) के पास भेजी जाती है। इससे शिकायत गलत विभाग में जाने की संभावना कम होती है और समाधान की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
केंद्र सरकार का कहना है कि डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की मदद से जन शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हुआ है। इससे सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनी हैं।
यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
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