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PPF अकाउंट इनएक्टिव जाए तो पैसों का क्या होगा? जानें दोबारा एक्टिव करने का तरीका

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड July 30, 2026, 18:22 IST

सारांश

PPF नियमों के अनुसार हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹500 जमा करना जरूरी है। एक साल में अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। अगर किसी वित्त वर्ष में ₹500 भी जमा नहीं किया जाता, तो अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है।

PPF

इनएक्टिव PPF अकाउंट में पहले से जमा रकम पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता रहता है।

अगर आपने पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश किया है और किसी साल ₹500 की न्यूनतम राशि जमा करना भूल गए हैं, तो आपका अकाउंट इनएक्टिव हो सकता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इससे आपका जमा पैसा न तो डूबता है और न ही उस पर मिलने वाला ब्याज बंद होता है। लेकिन कुछ जरूरी सुविधाएं तब तक नहीं मिलतीं, जब तक अकाउंट को फिर से एक्टिव नहीं कराया जाता। यहां हम समझेंगे कि अगर आपका अकाउंट इनएक्टिव हो गया तो इसे आप दोबारा कैसे एक्टिव कर सकते हैं।

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कब इनएक्टिव हो जाता है PPF अकाउंट?

PPF नियमों के अनुसार हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹500 जमा करना जरूरी है। एक साल में अधिकतम ₹1.5 लाख तक निवेश किया जा सकता है। अगर किसी वित्त वर्ष में ₹500 भी जमा नहीं किया जाता, तो अकाउंट इनएक्टिव हो जाता है। ऐसा होने पर अकाउंट बंद नहीं होता, लेकिन उसमें नई रकम जमा करने और कुछ अन्य सुविधाओं पर रोक लग जाती है।

इनएक्टिव अकाउंट होने पर क्या नुकसान होगा?

इनएक्टिव PPF अकाउंट में पहले से जमा रकम पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता रहता है, लेकिन निवेशक कई सुविधाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे अकाउंट में आप नई रकम जमा नहीं कर सकते। PPF बैलेंस पर लोन नहीं ले सकते और नियमों के तहत मिलने वाली आंशिक निकासी की सुविधा भी तब तक नहीं मिलती, जब तक अकाउंट दोबारा एक्टिव न हो जाए। अगर आप PPF को रिटायरमेंट या लंबी अवधि के निवेश के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अकाउंट को जल्द से जल्द एक्टिव कराना बेहतर रहता है।

इनएक्टिव PPF अकाउंट दोबारा कैसे चालू करें?

अकाउंट को फिर से एक्टिव कराना आसान है। इसके लिए आपको उसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में आवेदन देना होगा, जहां आपका PPF अकाउंट है। इसके बाद हर डिफॉल्ट वाले वित्त वर्ष के लिए ₹50 का जुर्माना देना होगा। साथ ही, हर छूटे हुए साल के लिए ₹500 की न्यूनतम जमा राशि भी जमा करनी होगी।

क्या आपका पैसा सुरक्षित रहता है?

हां। यह सबसे जरूरी बात है। PPF अकाउंट इनएक्टिव होने पर भी उसमें पहले से जमा रकम पूरी तरह सुरक्षित रहती है। उस पर सरकार द्वारा तय ब्याज मिलता रहता है और 15 साल की मैच्योरिटी अवधि भी जारी रहती है। यानी सिर्फ अकाउंट की कुछ सुविधाएं रुकती हैं, पैसा और ब्याज नहीं।

PPF की अहम बातें

PPF में हर साल कम से कम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख निवेश किया जा सकता है। इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल है और फिलहाल इस पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। मैच्योरिटी के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। सातवें वित्त वर्ष से नियमों के अनुसार आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है और कुछ विशेष परिस्थितियों में 5 साल बाद समय से पहले अकाउंट बंद भी कराया जा सकता है।

एक छोटी गलती से बचें

आज ज्यादातर बैंक PPF में ऑनलाइन पैसे जमा करने की सुविधा देते हैं। इसलिए निवेशक चाहें तो ऑटो-डेबिट या रिमाइंडर सेट कर सकते हैं, ताकि हर वित्त वर्ष में कम से कम ₹500 जरूर जमा हो जाए। इतनी छोटी रकम समय पर जमा करके आप अपने PPF अकाउंट को एक्टिव रख सकते हैं और लंबी अवधि के निवेश का पूरा फायदा उठा सकते हैं।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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