return to news
  1. EPFO Rules: बिना नॉमिनी के क्लेम में होगी देरी, घर बैठे ऐसे करें ई-नॉमिनेशन

पर्सनल फाइनेंस

EPFO Rules: बिना नॉमिनी के क्लेम में होगी देरी, घर बैठे ऐसे करें ई-नॉमिनेशन

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 22, 2026, 16:13 IST

सारांश

EPFO ने सभी नौकरीपेशा लोगों को अपने ईपीएफ खाते में नॉमिनी जोड़ने की सलाह दी है। अगर खाते में नॉमिनी नहीं दर्ज है तो मेंबर की मौत के बाद परिवार के लिए क्लेम प्रोसेस काफी मुश्किल हो जाता है।

epfo-rule-epf-account-e-nomination

ईपीएफ खाते में ई-नॉमिनेशन के जरिए नॉमिनी जोड़कर अपने परिवार का फ्यूचर सुरक्षित करें। | Image: Shutterstock.

भारत में नौकरीपेशा लोगों के लिए एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड यानी EPF रिटायरमेंट के लिए बचत का एक बेहतरीन जरिया है। इसमें हर महीने एम्प्लॉई और एम्प्लॉयर दोनों की तरफ से कर्मचारी की सैलरी का एक हिस्सा जमा किया जाता है। रिटायरमेंट के समय या कुछ खास हालातों में यह पूरा पैसा एम्प्लॉई या उसके परिवार को दे दिया जाता है। इस जमा पैसे को परिवार के लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन यानी EPFO अपने सभी मेंबर्स को खाते में नॉमिनी दर्ज करने की सलाह देता है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

नॉमिनी न होने पर क्या होगा?

अगर किसी EPF मेंबर की मौत बिना नॉमिनी बनाए हो जाती है, तो उसके खाते में जमा पैसा और इंश्योरेंस का बेनिफिट लैप्स नहीं होता है। लेकिन ऐसे मामलों में क्लेम की प्रोसेस काफी मुश्किल और जटिल हो जाती है। इसके लिए परिवार के मेंबर्स या लीगल वारिसों को कई सारे जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करने पड़ते हैं। EPFO के नियमों के मुताबिक, जब कोई नॉमिनी नहीं बनाया गया होता है, तो परिवार के सभी पात्र मेंबर्स को EPF बेनिफिट्स में बराबर का शेयर मिलता है। अगर परिवार में कोई पात्र मेंबर या लीगल वारिस नहीं है, तो पैसा उस व्यक्ति को दिया जाता है जो कानूनी रूप से इसे पाने का हकदार होता है।

क्लेम सेटलमेंट में देरी और इनऑपरेटिव अकाउंट

आमतौर पर पूरे डॉक्यूमेंट्स के साथ किए गए क्लेम 7 दिनों के भीतर सेटल कर दिए जाते हैं। लेकिन नॉमिनी न होने की स्थिति में क्लेम सेटलमेंट की प्रोसेस में काफी ज्यादा देरी हो सकती है। इसके साथ ही EPFO ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई EPF खाता 3 साल तक अनक्लेम्ड रहता है, तो वह इनऑपरेटिव हो जाता है। इसीलिए EPFO सलाह देता है कि परिवार के लोग और लीगल वारिस समय पर क्लेम सबमिट करें, ताकि पैसों को पाने में कोई फालतू की देरी न हो।

EPFO के नियमों में पुरुष और महिला मेंबर्स के लिए परिवार के पात्र मेंबर्स की परिभाषा अलग-अलग रखी गई है। पुरुष मेंबर्स के लिए परिवार में उनकी पत्नी, बच्चे (शादीशुदा या बिना शादी के), माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे शामिल होते हैं। वहीं महिला मेंबर्स के मामले में परिवार की लिस्ट में उनका पति, पति के माता-पिता, बच्चे (शादीशुदा या बिना शादी के), अपने माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे शामिल माने जाते हैं।

ई-नॉमिनेशन की आसान ऑनलाइन सुविधा

क्लेम की प्रोसेस को आसान बनाने के लिए EPFO ई-नॉमिनेशन की सुविधा देता है। इसके जरिए मेंबर्स घर बैठे ऑनलाइन ही अपने नॉमिनी की डिटेल्स दर्ज कर सकते हैं। ई-नॉमिनेशन करने से परिवार के लोग EPF, एम्प्लॉई पेंशन स्कीम यानी ईपीएस और इंश्योरेंस बेनिफिट्स का क्लेम बिना EPFO ऑफिस गए ही कर सकते हैं। ई-नॉमिनेशन पूरा करने के लिए मेंबर का यूएएन आधार से लिंक होना चाहिए, मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा होना चाहिए और EPFO पोर्टल पर फोटो व एड्रेस जैसी पर्सनल डिटेल्स अपडेट होनी चाहिए। इसके अलावा नॉमिनी का आधार, बैंक अकाउंट डिटेल्स और फोटो देना भी जरूरी होता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख