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4 min read | अपडेटेड August 18, 2026, 16:08 IST
सारांश
EPFO के नियमों के अनुसार कम से कम 10 साल की सेवा पर पेंशन का हक मिलता है। हालांकि 20 साल की सर्विस पूरी करने पर 2 साल का बोनस वेटेज जुड़ जाता है। चलिए इसे समझते हैं।

EPFO के बोनस वेटेज नियम से 20 साल की नौकरी पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगी ज्यादा मासिक पेंशन।
लंबी अवधि तक नौकरी करने वाले प्राइवेट कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO की ओर से एक बेहद राहत देने वाली व्यवस्था मौजूद है। अगर किसी कर्मचारी ने अपने करियर में लगातार या कुल मिलाकर 20 साल तक ईपीएफ खाते में योगदान दिया है, तो उसे पेंशन कैलकुलेशन के वक्त बड़ा फायदा मिलता है। EPS यानी एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम के नियमों के अनुसार 20 साल या उससे अधिक समय तक कंट्रीब्यूशन देने वाले कर्मचारियों को पेंशन तय करते समय 2 साल का अतिरिक्त बोनस वेटेज दिया जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि 20 साल काम करने के बावजूद EPFO आपकी कुल सेवा अवधि को 22 साल मानकर पेंशन का हिसाब लगाएगा। यह नियम उन लाखों कर्मचारियों के लिए बहुत मददगार है जो लंबी पारी के बाद सुरक्षित फ्यूचर की उम्मीद रखते हैं।
EPFO के नियमों के मुताबिक किसी भी कर्मचारी को पेंशन का हकदार बनने के लिए कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी करना अनिवार्य होता है। लेकिन EPS का एक बहुत ही खास और फायदेमंद नियम यह है कि अगर कोई कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी में बना रहता है, तो उसकी कुल सर्विस में 2 साल का अतिरिक्त वेटेज यानी बोनस अपने आप जोड़ दिया जाता है। टैक्स एंड इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन ने भी पैसों की पाठशाला में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि जब कोई एंप्लॉयी 20 साल की कंट्रीब्यूटरी सर्विस पूरी कर लेता है, तो सर्विस वेटेज मिलने के कारण उसकी कुल पेंशन योग्य सेवा 22 साल गिनी जाती है, जिससे मासिक पेंशन की रकम बढ़ जाती है।
EPFO के नियमों के तहत रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन को कैलकुलेट करने का एक निश्चित फॉर्मूला तय किया गया है। इस फॉर्मूले के अनुसार आपकी मासिक पेंशन निकालने के लिए पेंशन योग्य वेतन को कुल पेंशन योग्य सेवा से गुणा किया जाता है और फिर प्राप्त आंकड़े को 70 से भाग दिया जाता है। इसमें पेंशन योग्य वेतन का अर्थ आपकी नौकरी के आखिरी 60 महीनों की औसत बेसिक सैलरी से होता है। वहीं पेंशन योग्य सेवा का मतलब है कि आपने अपने पूरे करियर के दौरान कुल कितने वर्षों तक EPS में योगदान दिया है। अगर आपकी नौकरी 20 साल या उससे अधिक है, तो उसमें 2 साल का बोनस जुड़कर ही यह कैलकुलेशन पूरा किया जाता है।
मान लीजिए कि किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी 15,000 रुपये है और उसने कुल 20 साल तक नौकरी की है। नियम के अनुसार 20 साल पूरे होने पर उसे 2 साल का बोनस वेटेज मिलेगा, जिससे उसकी कुल सेवा 22 साल मानी जाएगी। अब अगर इसे EPFO के फॉर्मूले में रखें, तो 15,000 को 22 से गुणा करने पर 3,30,000 रुपये की राशि आती है। जब इस 3,30,000 रुपये को 70 से भाग दिया जाता है, तो कुल आंकड़ा लगभग 4,714 रुपये प्रति माह निकलकर आता है। इसका मतलब साफ है कि 15,000 रुपये की बेसिक सैलरी वाला कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होने पर जीवनभर के लिए हर महीने करीब 4,714 रुपये की गारंटीड पेंशन पा सकता है।
कर्मचारी अपने EPS और ईपीएफ खाते से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी, पेंशन कैलकुलेशन या क्लेम स्टेटस को बहुत ही आसानी से चेक कर सकते हैं। इसके लिए कर्मचारियों को EPFO की आधिकारिक वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाकर अपने खाते में लॉगिन करना होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के उमंग ऐप के जरिए भी EPFO सेवाओं का इस्तेमाल करके अपने खाते का पूरा ब्योरा आसानी से देखा जा सकता है। यह नियम उन सभी कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो अपनी नौकरी की शुरुआत से ही ईपीएफ में लगातार योगदान दे रहे हैं।
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