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4 min read | अपडेटेड August 12, 2026, 11:27 IST
सारांश
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त और वैश्विक तनाव के बीच भी शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है। अमेरिका में S&P 500 की 85% कंपनियों ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए हैं। वहीं भारतीय बाजार के NIFTY500 इंडेक्स की 19 कंपनियों ने पहली तिमाही में 100% से ज्यादा नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है।

भारत के साथ विदेशी बाजार में भी रौनक देखी जा रही है।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी तनाव के बावजूद शेयर बाजारों में मजबूत लचीलापन देखने को मिल रहा है। डब्ल्यूटीआई क्रूड के 80 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और नेचुरल गैस व गैसोलिन के महंगे होने के बाद भी कंपनियों की कमाई का ट्रेंड बहुत मजबूत बना हुआ है। अमेरिकी शेयर बाजार से लेकर भारतीय बाजारों तक कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहे हैं। अमेरिका के S&P 500 इंडेक्स में शामिल ज्यादातर कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि भारतीय बाजार के NIFTY500 इंडेक्स की 19 कंपनियों ने पहली तिमाही में रेवेन्यू में 50% और नेट प्रॉफिट में 100% से ज्यादा की बंपर बढ़त दर्ज कर सभी को चौंका दिया है।
अमेरिकी बाजार में S&P 500 इंडेक्स की लगभग 85% कंपनियों ने अनुमान से बेहतर नतीजे दिए हैं, जो पिछले 10 साल के 77% के औसत से कहीं ज्यादा है। हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर्स के कमाई अनुमानों में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही पूरे साल 2026 के लिए अर्निंग्स अनुमानों में शुरुआत से अब तक 16% का इजाफा हो चुका है। वैल्यूएशन के मोर्चे पर S&P 500 का फॉरवर्ड पीई घटकर 20.2 पर आ गया है, जो साल की शुरुआत में 22.2 पर था। आने वाले दिनों में एनवीडिया और ब्रॉडकॉम के नतीजों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेंड का पता चलेगा, जबकि वालमार्ट और टारगेट के आंकड़े कंज्यूमर डिमांड का रुख साफ करेंगे। वहीं महंगाई के आंकड़ों के साथ सितंबर में फेड की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं भी घटती दिख रही हैं।
भारतीय शेयर बाजार की बात करें तो एस इक्विटी के ताजा आंकड़ों के अनुसार NIFTY500 इंडेक्स की 19 कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों ने अपने ऑपरेशन से रेवेन्यू में 50% से ज्यादा और नेट प्रॉफिट में 100% से अधिक का उछाल दर्ज किया है। इस लिस्ट में चेन्नई पेट्रोलियम, न्यूलैंड लैबोरेटरीज, एचएफसीएल, एमआरपीएल, पूनावाला फिनकॉर्प, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, वेदांता, हिंदुस्तान जिंक, एमसीएक्स, शोभा और सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। इनमें से कई कंपनियों का मुनाफा और बिक्री पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं।
इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी हिताची एनर्जी का नेट प्रॉफिट अप्रैल से जून की तिमाही में 123% बढ़कर 294 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी दौरान 132 करोड़ रुपये था। कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 69% बढ़कर 2,494 करोड़ रुपये रहा है। देश में ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ते इलेक्ट्रिफिकेशन से कंपनी को बड़ा फायदा हुआ है। वहीं द ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी ने अपना अब तक का सबसे बड़ा 1,309 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है, जिसमें सालाना आधार पर 159% की बढ़त हुई है। कंपनी का रेवेन्यू भी 71% बढ़कर 2,286 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
फूड डिलीवरी सेक्टर की बड़ी कंपनी इटरनल, जिसे पहले जोमैटो के नाम से जाना जाता था, उसने पहली तिमाही में 268% की बढ़त के साथ 92 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 182% उछलकर 20,211 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं AI सर्विसेज देने वाली नेटवेब टेक्नोलॉजीज का नेट प्रॉफिट 180% बढ़कर 85 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 172% बढ़कर करीब 820 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है, जिसमें एआई सिस्टम से होने वाली आय में 484% का भारी उछाल आया है। इसके अलावा केबल निर्माता कंपनी आरआर केबल का नेट प्रॉफिट 129% बढ़कर 205 करोड़ रुपये और कोर ऑपरेशन से रेवेन्यू 54% बढ़कर 3,168 करोड़ रुपये रहा है।
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