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  1. 1 बड़ी FD या 10 छोटी FD में से कौन सा ऑप्शन है बेस्ट? 10 साल के कैलकुलेशन से समझें डीटेल

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1 बड़ी FD या 10 छोटी FD में से कौन सा ऑप्शन है बेस्ट? 10 साल के कैलकुलेशन से समझें डीटेल

Upstox

4 min read | अपडेटेड August 08, 2026, 15:05 IST

सारांश

सुरक्षित रिटर्न के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है। 10 लाख रुपये को एक साथ एक ही एफडी में लगाना सही है या 10 अलग-अलग एफडी में बांटना ज्यादा समझदारी है?

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सुरक्षित रिटर्न के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है।

पैसे को सुरक्षित रखने और गारंटीड रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है। जब भी किसी के पास 10 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम होती है, तो सबसे पहला सवाल यही आता है कि पूरे पैसे को एक ही FD में जमा कर दिया जाए या फिर 1-1 लाख रुपये की 10 अलग-अलग FD बनाई जाएं। अगर आप भी 10 साल के लिए 10 लाख रुपये का निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह फैसला आपकी लिक्विडिटी, सहूलियत और वित्तीय सुरक्षा को काफी प्रभावित कर सकता है।

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10 लाख की एक FD या 10 अलग FD का गणित

अगर आप 10 लाख रुपये को 6.5% सालाना ब्याज दर पर 10 साल के लिए एक ही FD में जमा करते हैं, तो 10 साल बाद आपको लगभग 9,05,559 रुपये का रिटर्न मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल रकम लगभग 19,05,559 रुपये हो जाएगी। वहीं अगर आप इसी 10 लाख रुपये को 1-1 लाख की 10 FD में बांटकर समान ब्याज दर और 10 साल की अवधि के लिए जमा करते हैं, तो एक FD पर आपको लगभग 90,556 रुपये का रिटर्न मिलेगा और मैच्योरिटी रकम लगभग 1,90,556 रुपये होगी। इस तरह सभी 10 FD मिलाकर कुल मैच्योरिटी अमाउंट 19,05,559 रुपये ही बनेगा। यानी अगर ब्याज दर, समय और कंपाउंडिंग का तरीका समान रहता है, तो दोनों ही तरीकों में मिलने वाला कुल रिटर्न बिल्कुल एक जैसा ही रहता है।

10 अलग FD बनाने के बड़े फायदे

भले ही समान ब्याज दर पर रिटर्न एक जैसा दिखे, लेकिन 10 अलग FD बनाने के कई व्यावहारिक फायदे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा इमरजेंसी के समय मिलता है। मान लीजिए कि आपको अचानक 1 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है। अगर आपने 10 लाख की एक ही FD कराई है, तो आपको पूरी FD तोड़नी पड़ेगी और प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी देनी होगी। लेकिन अगर आपके पास 1-1 लाख की 10 FD हैं, तो आप सिर्फ एक FD तोड़ेंगे और बाकी 9 FD सुरक्षित बनी रहेंगी। इसके अलावा, अलग-अलग FD के जरिए आप FD लैडरिंग की रणनीति बना सकते हैं, जिससे समय-समय पर पैसा मिलता रहता है। साथ ही अलग-अलग बैंकों में FD कराकर आप डीआईसीजीसी (DICGC) के 5 लाख रुपये तक के इंश्योरेंस कवर का फायदा भी उठा सकते हैं।

एक FD चुनने का कब है फायदा?

एक ही FD में पूरी रकम जमा करना उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है, जो सिंपल मैनेजमेंट पसंद करते हैं। अगर आप 10 लाख रुपये की एक ही FD बनवाते हैं, तो आपको सिर्फ एक ही मैच्योरिटी डेट का ध्यान रखना होता है। इसमें कागजी कार्रवाई कम होती है और अकाउंट को ट्रैक करना काफी आसान रहता है।

अगर आप 10 अलग-अलग FD अलग-अलग बैंकों में खोलते हैं, तो कुल रिटर्न में बदलाव हो सकता है क्योंकि हर बैंक की ब्याज दर अलग होती है। अगस्त 2026 में 5 साल 1 दिन से 10 साल की FD पर एसबीआई 6.05%, एचडीएफसी बैंक 6.15%, आईसीआईसीआई बैंक 6.50%, पीएनबी 6%, बैंक ऑफ बड़ौदा 6%, कोटक महिंद्रा बैंक 6.25% और एक्सिस बैंक 6.50% ब्याज दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, 6.50% की दर से 10 लाख रुपये 10 साल में लगभग 19.06 लाख रुपये बन जाएंगे, जबकि 6.05% की दर से यह रकम लगभग 18.23 लाख रुपये ही बनेगी। इसलिए सही विकल्प का चुनाव आपकी लिक्विडिटी जरूरतों और बैंक में मिलने वाले ब्याज पर निर्भर करता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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