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4 min read | अपडेटेड July 14, 2026, 11:09 IST
सारांश
देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। पहले दिन 14 जुलाई को सुबह 10:49 बजे तक यह आईपीओ कुल 0.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल निवेशकों ने इसे 0.19 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने 0.21 गुना सब्सक्राइब किया है।

SBI फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ खुल गया है। | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 14 जुलाई को देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड मैनेजर कंपनी SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। पहले दिन के शुरुआती घंटों में ही निवेशकों ने इस पब्लिक इश्यू में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। 14 जुलाई 2026 को सुबह 10:49 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, यह आईपीओ कुल 0.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। निवेशक इस मेगा आईपीओ में 16 जुलाई 2026 तक बोली लगा सकते हैं। आइए जानते हैं पहले दिन अलग अलग कैटेगरी में कैसा रहा इसका रिस्पॉन्स और कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाले पैसों का क्या इस्तेमाल करेगी।
SBI फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को पहले दिन शुरुआती समय में मिली जुली प्रतिक्रिया मिली है। रिटेल कैटेगरी में आम निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई है और रिटेल हिस्सा 0.19 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी में यह 0.21 गुना सब्सक्राइब हुआ है। हालांकि, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में एंकर इन्वेस्टर्स को छोड़कर अभी तक खाता नहीं खुला है और यह 0.00 गुना पर है। कुल मिलाकर पहले दिन की शुरुआत में यह पब्लिक इश्यू 0.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसके आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस आईपीओ के तहत कंपनी ने निवेशकों के लिए शेयर का प्राइस बैंड 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर तय किया है। निवेशकों को इस आईपीओ में कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा, जिसमें 26 शेयर शामिल हैं। इसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,924 रुपये का इन्वेस्टमेंट करना होगा। यह पूरा आईपीओ लगभग 9,812.91 करोड़ रुपये का है। कंपनी के शेयर 21 जुलाई 2026 को देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होने की संभावना है।
निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर होता है कि कंपनी आईपीओ से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कहां करेगी। इस मामले में आपको बता दें कि यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी OFS पर आधारित है। इसका मतलब यह है कि कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि इसके मौजूदा प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। प्रमोटर्स में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI और अमुंडी इंडिया होल्डिंग शामिल हैं, जो बाजार में अपने शेयर बेच रहे हैं। पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होने के कारण इस आईपीओ से मिलने वाला एक भी रुपया SBI फंड्स मैनेजमेंट कंपनी के पास नहीं जाएगा। यह पूरा पैसा शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स यानी SBI और अमुंडी के पास जाएगा। कंपनी को इस आईपीओ से केवल शेयर बाजार में लिस्ट होने का फायदा मिलेगा और ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी।
SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड देश की सबसे बड़ी और पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी लगभग 15.3 परसेंट है। कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पिछले कुछ सालों में काफी शानदार रहा है। वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 3,067.38 करोड़ रुपये रहा है, जो इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। कंपनी का मुख्य रेवेन्यू एसेट मैनेजमेंट फीस से आता है। भारत में म्यूचुअल फंड का फ्यूचर काफी उज्ज्वल माना जा रहा है क्योंकि लोग अब बैंक डिपॉजिट से निकलकर म्यूचुअल फंड की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस आईपीओ के जरिए निवेशकों को देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का हिस्सेदार बनने का एक बेहतरीन मौका मिल रहा है।
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