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4 min read | अपडेटेड July 12, 2026, 09:29 IST
सारांश
नए नियमों के मुताबिक पीएफ खाते से आंशिक निकासी के लिए कम से कम 1000 रुपये की रकम होनी चाहिए। इसके साथ ही अब खाते में हर समय 25 पर्सेंट का मिनिमम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

पीएफ अकाउंट से आंशिक निकासी के नए नियमों की पूरी जानकारी।
नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने नई ईपीएफ स्कीम 2026 को पूरी तरह लागू कर दिया है, जिसने पुरानी ईपीएफ स्कीम 1952 की जगह ले ली है। इस नई स्कीम के आने के बाद पीएफ खाताधारकों के लिए अपने खाते से आंशिक निकासी यानी पार्शियल विड्रॉल करने के नियम बदल गए हैं। अब EPFO के मेंबर्स अलग-अलग वजहों से अपने पीएफ अकाउंट से एडवांस पैसा निकाल सकते हैं। नए नियमों के तहत प्रोविडेंट फंड कमिश्नर मेंबर्स को अपने खाते से कम से कम 1000 रुपये की आंशिक निकासी करने की मंजूरी दे सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ नए नियम भी बनाए गए हैं जिन्हें समझना बेहद जरूरी है।
नए नियमों के तहत अब पीएफ खाताधारकों को अपने अकाउंट में हर समय कम से कम 25% का मिनिमम बैलेंस बनाए रखना होगा। इसका मतलब यह है कि आप अपने खाते का पूरा पैसा एक बार में नहीं निकाल पाएंगे। जब भी आप आंशिक निकासी के लिए आवेदन करेंगे, तो आपकी कुल जमा राशि में से 25% हिस्सा अलग रख दिया जाएगा और बची हुई 75% राशि के आधार पर ही आपकी एलिजिबल मेंबर बैलेंस की गणना की जाएगी। इस 25% मिनिमम बैलेंस में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान शामिल किया जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक बीमारी, शिक्षा और शादी जैसी स्थितियों में मेंबर्स को बड़ी राहत दी गई है। अगर मेंबर खुद या उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार है, तो वह 12 महीने की कुल मेंबरशिप पूरी करने के बाद अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस का 100% तक पैसा निकाल सकता है। इसी तरह, खुद की या परिवार के सदस्यों की उच्च शिक्षा के लिए भी 12 महीने की मेंबरशिप के बाद 100% तक की आंशिक निकासी की जा सकती है। मेंबर्स अपनी पूरी मेंबरशिप के दौरान पढ़ाई के लिए अधिकतम 10 बार पैसा निकाल सकते हैं। शादी के मामले में भी यही नियम लागू होगा, जहां 12 महीने की मेंबरशिप के बाद 100% तक की रकम निकाली जा सकती है, लेकिन शादी के लिए पूरी मेंबरशिप अवधि में अधिकतम 5 बार ही निकासी की अनुमति होगी।
नए नियमों में मकान या फ्लैट खरीदने, घर बनाने के लिए जमीन लेने, मकान का निर्माण कराने या होम लोन की रीपेमेंट के लिए भी आंशिक निकासी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मौजूदा घर में मरम्मत, बदलाव या सुधार कराने के लिए भी पैसा निकाला जा सकता है। इन सभी हाउसिंग कामों के लिए 12 महीने की मेंबरशिप के बाद एलिजिबल बैलेंस का 100% तक निकाला जा सकता है, लेकिन कोई भी मेंबर अपने पूरे कार्यकाल में हाउसिंग के लिए अधिकतम 5 बार ही पैसा निकाल पाएगा।
विशेष परिस्थितियों में भी 12 महीने बाद 100% निकासी की छूट है, जिसके लिए आंशिक निकासी की संख्या की गणना 29 जून 2025 से नए सिरे से की जाएगी, जो कि ईपीएफ स्कीम 2026 के शुरू होने की तारीख है। इसके अलावा, अगर कोई मेंबर 12 महीने की नौकरी पूरी करने से पहले ही नौकरी छोड़ देता है, तो वह भी अपने एलिजिबल बैलेंस का 100 पर्सेंट तक निकाल सकता है। ऐसे मेंबर्स एक फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम दो बार ही इस तरह की निकासी कर सकते हैं। यह पूरी योजना 29 जून 2026 से प्रभावी हो गई है।
पीएफ का पैसा निकालने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले आपको ईपीएफओ के मेंबर ई-सेवा पोर्टल पर जाना होगा। वहां अपने यूएएन नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद ऑनलाइन सर्विसेज वाले ऑप्शन पर क्लिक करें और वहां से क्लेम फॉर्म 31, 19, 10सी और 10डी वाले विकल्प को चुनें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपने बैंक अकाउंट का आखिरी चार नंबर डालकर उसे वेरिफाई करना होगा। बैंक डिटेल सही निकलने के बाद प्रोसीड फॉर ऑनलाइन क्लेम पर क्लिक करें।
इसके अगले स्टेप में आपको पीएफ एडवांस यानी फॉर्म 31 का चुनाव करना होगा। फिर आपको यह बताना होगा कि आप पैसा किस वजह से निकाल रहे हैं, जैसे बीमारी, शादी या घर का काम। इसके बाद आपको वह रकम लिखनी होगी जितनी आपको निकालनी है और अपना पूरा एड्रेस भरना होगा। फिर आपको अपनी बैंक पासबुक या कैंसिल चेक की एक साफ फोटो अपलोड करनी होगी। सबसे आखिर में गेट आधार ओटीपी पर क्लिक करें और आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को डालकर सबमिट कर दें। आपका क्लेम जमा हो जाएगा और कुछ ही दिनों में पैसा सीधे आपके खाते में आ जाएगा।
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