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  1. क्या 36 की उम्र में जॉब छोड़ने पर बंद हो जाता है PF का ब्याज? जानिए EPFO का नियम

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क्या 36 की उम्र में जॉब छोड़ने पर बंद हो जाता है PF का ब्याज? जानिए EPFO का नियम

Upstox

4 min read | अपडेटेड September 08, 2026, 19:02 IST

सारांश

अगर आपने 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ दी है या छोड़ने की सोच रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपके ईपीएफ खाते में जमा राशि पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा।

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36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने के बाद भी ईपीएफ बैलेंस पर 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहता है। | Image: Shutterstock.

36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने के बाद भी आपके ईपीएफ खाते पर मिलने वाला ब्याज तुरंत बंद नहीं होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के मौजूदा दिशा-निर्देशों के मुताबिक 55 साल से पहले नौकरी छोड़ने वाला कर्मचारी 58 साल की उम्र तक अपने ईपीएफ बैलेंस पर ब्याज पा सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर आप 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ देते हैं, तो आपकी जमा राशि अगले 22 साल तक ब्याज कमा सकती है। हालांकि इसके लिए खाता लागू नियमों के तहत ब्याज पाने के योग्य होना चाहिए।

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36 की उम्र में नौकरी छोड़ने पर क्या होता है?

नौकरी छोड़ने के बाद एम्प्लॉयर की ओर से ईपीएफ खाते में नई मंथली राशि जमा होना बंद हो जाती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खाते में पहले से जमा रकम पर उसी दिन से ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। EPFO की जानकारी के मुताबिक 55 साल की उम्र से पहले स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने वाला कर्मचारी 58 साल की उम्र तक ब्याज पा सकता है। इसलिए 36 साल में नौकरी छोड़ने वाला व्यक्ति अपनी जमा ईपीएफ राशि को खाते में रखता है, तो वह 58 साल की उम्र तक ब्याज कमा सकती है।

36 से 58 साल तक ब्याज का नियम

EPFO ने अपने अक्सर पूछे जाने वाले सवालों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारियों के नियम स्पष्ट किए हैं। इसके मुताबिक 55 साल से कम उम्र में नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारी को 58 साल की उम्र तक ईपीएफ पर ब्याज मिलता रह सकता है, क्योंकि इस स्थिति में खाता 58 साल की उम्र तक निष्क्रिय नहीं माना जाता है। इसी आधार पर 36 साल की उम्र में नौकरी छोड़ने वाले व्यक्ति के लिए भी ब्याज 58 साल तक जारी रह सकता है, बशर्ते खाता ईपीएफ नियमों के तहत ब्याज के लिए पात्र बना रहे।

कब निष्क्रिय हो जाता है ईपीएफ खाता?

EPFO के मुताबिक रिटायरमेंट, स्थायी रूप से विदेश जाने या सदस्य की मृत्यु के बाद तीन साल तक कोई योगदान नहीं मिलने पर खाता निष्क्रिय श्रेणी में आ सकता है। निष्क्रिय खाते पर आगे ब्याज नहीं मिलता है। EPFO के अनुसार 58 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने पर ब्याज 58 साल तक, 50 साल में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर 58 साल तक और 60 साल में सेवानिवृत्ति पर 63 साल तक ब्याज दिया जा सकता है।

नौकरी छोड़ने के बाद पैसा निकालना जरूरी नहीं

नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ की पूरी रकम तुरंत निकालना जरूरी नहीं है। अगर कोई व्यक्ति दोबारा ईपीएफ के दायरे वाली नौकरी शुरू करने की उम्मीद करता है, तो पुरानी ईपीएफ राशि को नए एम्प्लॉयर के ईपीएफ खाते में ट्रांसफर करना अधिक उपयोगी हो सकता है। EPFO भी ईपीएफ कवर वाले संस्थान में दोबारा नौकरी शुरू करने वाले सदस्यों को पुरानी पीएफ राशि नए खाते में ट्रांसफर करने की सलाह देता है।

ईपीएफ पर मिलने वाला ब्याज संबंधित वित्त वर्ष के लिए घोषित ब्याज दर के आधार पर तय होता है। इसलिए कई वर्षों तक खाते में रखी गई रकम आखिर में कितनी होगी, यह उस अवधि में लागू ब्याज दरों और बैलेंस पर निर्भर करेगा। नौकरी छोड़ने वाले सदस्यों के लिए अपना यूएएन, केवाईसी और बैंक से जुड़ी जानकारी अपडेट रखना भी जरूरी है। बाद में ईपीएफ कवर वाली नौकरी मिलने पर पुराने खाते की राशि को नए खाते में आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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