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4 min read | अपडेटेड September 08, 2026, 18:03 IST
सारांश
11 सितंबर को देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल रहने वाली है। 4 सितंबर को यूनियनों और आईबीए के बीच वार्ता बेनतीजा रही थी। 5-डे वर्किंग वीक और पेंशन जैसी मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई गई है।

11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।
देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर आई है। 11 सितंबर 2026 को देशभर में बैंक कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहने वाले हैं। इस वजह से बैंक शाखाओं में होने वाले कई जरूरी काम अटक सकते हैं। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी यूएफबीयू की ओर से बुलाई गई है। दरअसल 4 सितंबर को बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी आईबीए के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी। बातचीत बेनतीजा रहने के कारण बैंक यूनियनों ने 11 सितंबर को हड़ताल पर जाने का अपना फैसला बरकरार रखा है।
यह हड़ताल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की बैंक शाखाओं पर देखने को मिल सकता है। महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक कर्मचारी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र यानी सरकारी बैंकों की शाखाओं पर पड़ने की आशंका है। इसमें एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। वहीं एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों में कामकाज सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि शाखा का काम पूरी तरह बंद रहेगा या नहीं, यह कर्मचारियों की हिस्सेदारी पर निर्भर करेगा।
हड़ताल वाले दिन बैंक शाखाओं में रूटीन के कई काम रुक सकते हैं। अगर आपको कैश जमा करना है या निकालना है, तो परेशानी हो सकती है। इसके अलावा चेक जमा करने और उससे जुड़े क्लीयरेंस के काम, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना, पासबुक अपडेट कराना और काउंटर से होने वाले अन्य सभी लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए अपने बैंक से जुड़े जरूरी काम 11 सितंबर से पहले ही निपटा लेना समझदारी होगी। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि 11 सितंबर को शुक्रवार है, जिसके बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में लगातार तीन दिन शाखाएं बंद रहने से ग्राहकों को असुविधा हो सकती है।
बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी और प्रमुख मांग है कि बैंकों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन यानी सोमवार से शुक्रवार तक ही काम होना चाहिए और शनिवार-रविवार को पूरी तरह छुट्टी रहनी चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारी पेंशन में सुधार, परफॉरमेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई लागू करने और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कुछ अन्य अहम मुद्दों को हल करने की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से इन मांगों पर फैसला न होने की वजह से कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता चुना है।
यदि 11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी बैंक कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं निकाला जाता है, तो यूनियनों ने अपने प्रदर्शन को और तेज करने की चेतावनी दी है। UFBU ने साफ किया है कि मांगों को पूरा न किए जाने पर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी बात न बनने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है। हालांकि फिलहाल 11 सितंबर की हड़ताल को वापस लेने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों और यूनियनों के बीच होने वाली अगली बातचीत के आधार पर स्थिति में बदलाव भी संभव है।
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