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  1. दिल्ली में हर घर को मिलेगा 'प्रॉपर्टी आधार कार्ड'? समझिए आम लोगों को इससे कैसे होगा फायदा

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दिल्ली में हर घर को मिलेगा 'प्रॉपर्टी आधार कार्ड'? समझिए आम लोगों को इससे कैसे होगा फायदा

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 31, 2026, 14:58 IST

सारांश

नाम से भले ही यह आधार कार्ड जैसा लगे, लेकिन इसका आधार कार्ड से कोई संबंध नहीं होगा। यह आपकी संपत्ति का एक डिजिटल पहचान पत्र होगा। इसमें संपत्ति से जुड़ी जानकारी के साथ उस परिवार का रिकॉर्ड भी रहेगा, जो उस संपत्ति में रहता है।

CM Rekha gupta

दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल, 2026 को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।

दिल्ली में अगर आपके नाम घर, फ्लैट, दुकान या कोई दूसरी संपत्ति है, तो आने वाले समय में उससे जुड़ी सारी जानकारी एक डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हो सकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार Delhi Land Records Bill, 2026 लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून के लागू होने के बाद राजधानी की हर संपत्ति का सर्वे होगा और उसके लिए एक यूनिक 'प्रॉपर्टी आधार कार्ड' जारी किया जाएगा।

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क्या होगा प्रॉपर्टी आधार कार्ड?

नाम से भले ही यह आधार कार्ड जैसा लगे, लेकिन इसका आधार कार्ड से कोई संबंध नहीं होगा। यह आपकी संपत्ति का एक डिजिटल पहचान पत्र होगा। इसमें संपत्ति से जुड़ी जानकारी के साथ उस परिवार का रिकॉर्ड भी रहेगा, जो उस संपत्ति में रहता है। सरकार के अनुसार, इसमें परिवार का विवरण, पेशा, सरकारी योजनाओं का लाभ और कुछ अन्य जरूरी जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

आज भी दिल्ली में कई लोग संपत्ति के पुराने कागजात, अधूरे रिकॉर्ड या मालिकाना हक साबित करने में परेशानी का सामना करते हैं। कई बार जमीन या मकान खरीदने-बेचने, विरासत के बंटवारे, बैंक से होम लोन लेने या नक्शा पास कराने में रिकॉर्ड की कमी बड़ी समस्या बन जाती है।

अगर यह व्यवस्था लागू होती है, तो लोगों को बार-बार अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डिजिटल रिकॉर्ड होने से संपत्ति की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी और दस्तावेजों की जांच भी जल्दी हो सकेगी।

हर मकान और हर फ्लोर का बनेगा रिकॉर्ड

सरकार सिर्फ जमीन का ही नहीं, बल्कि हर मकान, फ्लैट, दुकान और इमारत के हर फ्लोर का अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगी। यानी बहुमंजिला इमारतों में भी हर मंजिल का अलग रिकॉर्ड होगा। इससे भविष्य में मालिकाना हक को लेकर होने वाले विवाद कम करने में मदद मिल सकती है।

सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा आसानी से

सरकार का कहना है कि इस डिजिटल डेटाबेस के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा सकेगा। अलग-अलग विभागों में बिखरे रिकॉर्ड को एक जगह लाने की भी कोशिश होगी।

कब शुरू होगी यह व्यवस्था?

Delhi Land Records Bill, 2026 को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। इसके बाद इसे विधानसभा से पारित कराया जाएगा। कानून बनने के बाद पूरी दिल्ली में चरणबद्ध तरीके से संपत्तियों का वैज्ञानिक सर्वे शुरू होगा और फिर प्रॉपर्टी आधार कार्ड जारी किए जाएंगे।

क्या लोगों को अभी कुछ करना होगा?

फिलहाल आम लोगों को कोई आवेदन या दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। अभी यह सिर्फ प्रस्तावित कानून है। कानून बनने और नियम तय होने के बाद सरकार सर्वे और रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके बाद ही यह साफ होगा कि लोगों को कौन-कौन से दस्तावेज देने होंगे और प्रॉपर्टी आधार कार्ड कैसे जारी किए जाएंगे।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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