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  1. US के 123% सोलर ड्यूटी प्रस्ताव का झटका, Waaree Energies और Vikram Solar के शेयर 4% तक लुढ़के

मार्केट न्यूज़

US के 123% सोलर ड्यूटी प्रस्ताव का झटका, Waaree Energies और Vikram Solar के शेयर 4% तक लुढ़के

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड April 24, 2026, 12:45 IST

सारांश

अमेरिका ने भारतीय सोलर आयात पर भारी टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। निवेशकों को डर है कि इससे Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar जैसी कंपनियों के निर्यात कारोबार पर असर पड़ सकता है।

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Solar Import

Solar Import: भारत से आने वाले सोलर आयात पर 123.04% की ड्यूटी प्रस्तावित की गई है।

Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar जैसी कंपनियों के शेयरों में आज गिरावट नजर आ रही है। Waaree Energies का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा लुढ़ककर 3307.10 रुपये के भाव पर आ गया है। Premier Energies का शेयर भी 4 फीसदी तक टूट गया। इसके अलावा Vikram Solar में करीब 2.50 फीसदी की कमजोरी देखी गई। यहां हम समझेंगे कि इन शेयरों में आज की गिरावट की वजह क्या है।

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निर्यात कारोबार पर असर पड़ने की आशंका

अमेरिका ने भारतीय सोलर आयात पर भारी टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। निवेशकों को डर है कि इससे Waaree Energies, Premier Energies और Vikram Solar जैसी कंपनियों के निर्यात कारोबार पर असर पड़ सकता है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आयात होने वाले सोलर सेल और सोलर पैनलों पर 123.04% तक की ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। यानी अगर यह फैसला लागू होता है, तो इन देशों से अमेरिका को सोलर उत्पाद भेजना काफी महंगा हो जाएगा।

भारत और इंडोनेशिया से होने वाले आयात पर अंतिम फैसला 13 जुलाई के आसपास आने की उम्मीद है, जबकि लाओस से आने वाले शिपमेंट पर सितंबर तक फैसला हो सकता है।

क्यों बढ़ाया जा रहा है टैक्स

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इन देशों की कंपनियां अमेरिका के बाजार में बहुत सस्ते दाम पर सोलर उत्पाद बेच रही थीं, जिससे वहां की घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा था। इसे “डंपिंग” कहा जाता है, यानी लागत से बहुत कम कीमत पर माल बेचना ताकि बाजार पर कब्जा किया जा सके।

कॉमर्स डिपार्टमेंट के अनुसार, भारत से आने वाले सोलर आयात पर 123.04% की ड्यूटी प्रस्तावित की गई है, जो सबसे ज्यादा है। इंडोनेशिया पर 35.17% और लाओस पर 22.46% की ड्यूटी लगाई गई है। इसका मतलब है कि इन देशों से अमेरिका को सोलर सामान भेजना अब काफी महंगा हो सकता है।

पिछले साल इन तीनों देशों से अमेरिका ने लगभग 4.5 अरब डॉलर के सोलर उत्पाद आयात किए थे, जो कुल सोलर आयात का लगभग दो-तिहाई हिस्सा था। इसलिए यह फैसला इन देशों के सोलर उत्पादकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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