return to news
  1. एलन मस्क की SpaceX का आ रहा मेगा IPO, क्या भारतीय निवेशक लगा सकते हैं पैसा? यहां समझें पूरी स्टोरी

मार्केट न्यूज़

एलन मस्क की SpaceX का आ रहा मेगा IPO, क्या भारतीय निवेशक लगा सकते हैं पैसा? यहां समझें पूरी स्टोरी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड June 11, 2026, 13:51 IST

सारांश

एलन मस्क की दिग्गज कंपनी स्पेसएक्स का आईपीओ 12 जून को अमेरिकी बाजार नैस्डैक पर दस्तक देने जा रहा है। भारतीय निवेशकों में भी इस मेगा आईपीओ को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, भारत से इसमें पैसा लगाना और शेयर पाना इतना सीधा नहीं है।

spacex-nasdaq-ipo-indian-investors-

स्पेसएक्स का आईपीओ अमेरिकी बाजार में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक(NASDAQ) पर 12 जून को स्पेसएक्स का IPO आने जा रहा है। इस मेगा आईपीओ को लेकर दुनिया भर के साथ-साथ भारतीय निवेशकों में भी भारी हलचल देखी जा रही है। काफी निवेशक एलन मस्क की इस दिग्गज कंपनी का हिस्सा बनना चाहते हैं। लेकिन भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए इस आईपीओ में पैसा लगाना और शेयर पाना इतना सीधा और आसान नहीं है। भारत में कोई भी कानून निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय आईपीओ में भाग लेने से नहीं रोकता है, लेकिन इसके बावजूद कई ऐसी तकनीकी बंदिशें हैं जिन्हें जानना बेहद जरूरी है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

भारतीय निवेशक कैसे ले सकते हैं हिस्सा?

भारतीय निवेशक स्पेसएक्स के आईपीओ में सीधे तौर पर भाग नहीं ले सकते हैं। इसके लिए उनके पास एक विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट होना चाहिए। इस अकाउंट में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी LRS के तहत पैसे भेजे जा सकते हैं। LRS के तहत एक भारतीय नागरिक हर साल दो लाख पचास हजार डॉलर तक की रकम विदेश भेज सकता है और यह नियम अंतरराष्ट्रीय आईपीओ में निवेश करने से नहीं रोकता है। अगर आपके विदेशी ब्रोकर के पास इस आईपीओ का एक्सेस है, तो ही आप इसमें अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा दूसरा तरीका गिफ्ट सिटी में मौजूद इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का है, जहां डॉलर में निवेश की सुविधा मिलती है। हालांकि, गिफ्ट सिटी का रास्ता आम रिटेल निवेशकों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है क्योंकि इसके नियम काफी अलग हैं।

शेयर अलॉटमेंट मिलने की कितनी है उम्मीद

अगर आप किसी तरह इस आईपीओ में आवेदन कर भी देते हैं, तो भी शेयर मिलने की संभावना बहुत ही कम है। अमेरिकी शेयर बाजार में विदेशी रिटेल निवेशकों को आईपीओ अलॉटमेंट मिलना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, क्योंकि वहां ज्यादातर शेयर बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों को दे दिए जाते हैं। हालांकि, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस आईपीओ का करीब तीस परसेंट हिस्सा यानी लगभग बाईस पॉइंट पांच बिलियन डॉलर रिटेल निवेशकों के लिए रखा गया है। इसके बावजूद अलग-अलग देशों के कड़े पात्रता नियम, सीमित शेयर और रेगुलेटरी प्रतिबंधों के कारण भारतीय निवेशकों के लिए अलॉटमेंट पाना काफी मुश्किल होने वाला है।

बिना आईपीओ के कैसे खरीदें शेयर?

अगर आपको आईपीओ के दौरान स्पेसएक्स के शेयर नहीं मिलते हैं, तो भी आप इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं। नैस्डैक पर कंपनी की रेगुलर ट्रेडिंग शुरू होने के बाद इसे आम तरीके से खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, लिस्टिंग के तुरंत बाद स्पेसएक्स को नैस्डैक 100 इंडेक्स में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में भारतीय निवेशक उन इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स के जरिए भी निवेश का विकल्प तलाश सकते हैं जो इस इंडेक्स को ट्रैक करते हैं। हालांकि, वर्तमान में RBI की सीमाओं के कारण भारत में म्यूचुअल फंड्स के पास अंतरराष्ट्रीय निवेश के बहुत सीमित विकल्प बचे हैं। भारत के साथ-साथ ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, सऊदी अरब और जर्मनी जैसे कई देशों के लोग भी इसमें निवेश कर सकेंगे, लेकिन हर जगह कुछ न कुछ पाबंदियां लागू रहेंगी।

स्पेसएक्स का वैल्यूएशन करीब एक पॉइंट पचहत्तर ट्रिलियन डॉलर आंका गया है, जो इसके पिछले रेवेन्यू का लगभग सौ गुना है। यह वैल्यूएशन कंपनी के फ्यूचर में होने वाले तेज विकास के अनुमान पर टिका है। निवेशकों को यह समझना होगा कि यह एक ऐसा सेक्टर है जिसमें बहुत ज्यादा पूंजी की जरूरत होती है और असल परफॉर्मेंस उम्मीदों से अलग हो सकती है। कंपनी ने खुद कहा है कि उसे जल्द ही बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद नहीं है। मुनाफे और अन्य जरूरी शर्तों को पूरा न करने के कारण आने वाले समय में इसके S&P 500 इंडेक्स में शामिल होने की उम्मीद भी बहुत कम है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख