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4 min read | अपडेटेड June 11, 2026, 15:07 IST
सारांश
Wipro Buyback 2026: विप्रो के इस बायबैक में वही निवेशक हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास रिकॉर्ड डेट यानी 5 जून 2026 तक विप्रो के शेयर थे। रिकॉर्ड डेट तक शेयर रखने वाले सभी निवेशक इस ऑफर के लिए पात्र हैं।
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Wipro: बायबैक का मतलब होता है कि कंपनी बाजार में मौजूद अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है।
विप्रो के इस बायबैक में वही निवेशक हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास रिकॉर्ड डेट यानी 5 जून 2026 तक विप्रो के शेयर थे। रिकॉर्ड डेट तक शेयर रखने वाले सभी निवेशक इस ऑफर के लिए पात्र हैं। बता दें कि बायबैक का मतलब होता है कि कंपनी बाजार में मौजूद अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है। इससे बाजार में शेयरों की संख्या कम हो जाती है।
रिटेल शेयरधारकों के लिए विप्रो ने आरक्षित कोटा रखा है। रिटेल कैटेगरी में 56 शेयर रखने पर 11 शेयरों का एंटाइटलमेंट मिलेगा। वहीं अन्य निवेशकों के लिए 197 शेयरों पर 10 शेयरों का एंटाइटलमेंट तय किया गया है। एंटाइटलमेंट रेशियो का मतलब यह है कि अगर आपके पास विप्रो के 56 शेयर हैं तो आपके कम से कम 11 शेयर कंपनी पक्के तौर पर खरीदेगी। हालांकि अगर एक्सेप्टेंस रेशियो ज्यादा रहा तो आपके अधिक शेयर भी खरीदे जा सकते हैं।
निवेशकों को होने वाला असल फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने निवेशक बायबैक में हिस्सा लेते हैं और कंपनी वास्तव में कितने शेयर खरीदती है। इसे एक्सेप्टेंस रेशियो कहा जाता है। दरअसल, बहुत से लोग जानकारी न होने के कारण या लंबी अवधि के लिए शेयर रखने के चक्कर में बायबैक में अप्लाई नहीं करते हैं। जो लोग अप्लाई नहीं करते, उनका कोटा खाली रह जाता है। वह खाली कोटा उन लोगों में बांट दिया जाता है जिन्होंने अपने सभी शेयरों के लिए अप्लाई किया था।
मान लीजिए आपने विप्रो के 112 शेयर ₹200 के भाव पर खरीदे थे और कंपनी उन्हें ₹250 में वापस खरीद रही है। ऐसे में प्रति शेयर ₹50 का फायदा बनता है। लेकिन यह फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके कितने शेयर कंपनी स्वीकार करती है।
विप्रो के तय एनटाइटलमेंट रेशियो के मुताबिक आपके 112 शेयरों में से 22 शेयर तो कंपनी पक्के तौर पर खरीदेगी। इससे आपको प्रति शेयर ₹50 के हिसाब से कम से कम ₹1100 (22 शेयर × ₹50) का नकद मुनाफा होगा।
अब मान लीजिए बायबैक खत्म होने के बाद कंपनी 50% का एक्सेप्टेंस रेशियो तय करती है। इस मामले में कंपनी आपके 50 परसेंट यानी 112 में से 56 शेयर 250 रुपये के भाव पर खरीदेगी। इससे आपको हर शेयर पर 50 रुपये यानी कुल 2800 रुपये का फायदा होगा। बाकी बचे 56 शेयर आपके डीमैट अकाउंट में सुरक्षित वापस आ जाएंगे।
अंतिम मुनाफा निकालते समय सिर्फ खरीद मूल्य और बायबैक मूल्य का अंतर नहीं देखना चाहिए। ब्रोकरेज, STT और टैक्स जैसी लागतें भी जुड़ती हैं, जिससे वास्तविक कमाई कम हो जाती है।
अब टैक्स का नियम भी बदल गया है। 1 अप्रैल, 2026 से पहले कंपनियां खुद बायबैक टैक्स देती थीं, इसलिए निवेशकों को बायबैक का पैसा टैक्स-फ्री मिलता था। लेकिन अब नए नियमों के तहत टैक्स का बोझ सीधे निवेशकों पर आ गया है।
अगर आपने Wipro के शेयर 12 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखे हैं, तो आपके मुनाफे पर 12.5% का LTCG टैक्स लगेगा। अगर होल्डिंग पीरियड 12 महीने से कम है, तो मुनाफे पर 20% का STCG लगेगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटेल निवेशकों को आमतौर पर बड़े निवेशकों की तुलना में ज्यादा एक्सेप्टेंस रेशियो मिलता है। हालांकि इस बार प्रमोटर समूह भी बायबैक में हिस्सा लेने की योजना बना रहा है, इसलिए रिटेल निवेशकों का एक्सेप्टेंस रेशियो कुछ कम हो सकता है।
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