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Wipro Buyback 2026: 56 शेयर पर 11 शेयर खरीदने की गारंटी, समझें एंटाइटलमेंट, एक्सेप्टेंस रेशियो और टैक्स का पूरा गणित

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड June 11, 2026, 15:07 IST

सारांश

Wipro Buyback 2026: विप्रो के इस बायबैक में वही निवेशक हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास रिकॉर्ड डेट यानी 5 जून 2026 तक विप्रो के शेयर थे। रिकॉर्ड डेट तक शेयर रखने वाले सभी निवेशक इस ऑफर के लिए पात्र हैं।

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Wipro: बायबैक का मतलब होता है कि कंपनी बाजार में मौजूद अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है।

Wipro Buyback 2026: अगर आप आईटी कंपनी विप्रो के शेयर बायबैक में हिस्सा लेना चाहते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। ₹15,000 करोड़ का यह बायबैक आज 11 जून से शुरू हो गया है। कंपनी अपने करीब 60 करोड़ शेयर ₹250 प्रति शेयर के भाव पर वापस खरीद रही है। यह बायबैक टेंडर रूट के जरिए होगा, यानी पात्र शेयरधारक अपने शेयर कंपनी को बेचने के लिए ऑफर कर सकते हैं। निवेशक 17 जून शाम 5 बजे तक इस बायबैक ऑफर में अपने शेयर टेंडर कर सकते हैं। विप्रो के शेयर आज BSE पर 1 फीसदी की गिरावट के साथ 177 रुपये प्रति शेयर के भाव पर हैं।
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ये निवेशक ही बायबैक में ले सकते हैं हिस्सा

विप्रो के इस बायबैक में वही निवेशक हिस्सा ले सकते हैं जिनके पास रिकॉर्ड डेट यानी 5 जून 2026 तक विप्रो के शेयर थे। रिकॉर्ड डेट तक शेयर रखने वाले सभी निवेशक इस ऑफर के लिए पात्र हैं। बता दें कि बायबैक का मतलब होता है कि कंपनी बाजार में मौजूद अपने ही शेयर निवेशकों से वापस खरीदती है। इससे बाजार में शेयरों की संख्या कम हो जाती है।

क्या है एंटाइटलमेंट रेशियो

रिटेल शेयरधारकों के लिए विप्रो ने आरक्षित कोटा रखा है। रिटेल कैटेगरी में 56 शेयर रखने पर 11 शेयरों का एंटाइटलमेंट मिलेगा। वहीं अन्य निवेशकों के लिए 197 शेयरों पर 10 शेयरों का एंटाइटलमेंट तय किया गया है। एंटाइटलमेंट रेशियो का मतलब यह है कि अगर आपके पास विप्रो के 56 शेयर हैं तो आपके कम से कम 11 शेयर कंपनी पक्के तौर पर खरीदेगी। हालांकि अगर एक्सेप्टेंस रेशियो ज्यादा रहा तो आपके अधिक शेयर भी खरीदे जा सकते हैं।

एक्सेप्टेंस रेशियो से हो सकता है फैसला

निवेशकों को होने वाला असल फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने निवेशक बायबैक में हिस्सा लेते हैं और कंपनी वास्तव में कितने शेयर खरीदती है। इसे एक्सेप्टेंस रेशियो कहा जाता है। दरअसल, बहुत से लोग जानकारी न होने के कारण या लंबी अवधि के लिए शेयर रखने के चक्कर में बायबैक में अप्लाई नहीं करते हैं। जो लोग अप्लाई नहीं करते, उनका कोटा खाली रह जाता है। वह खाली कोटा उन लोगों में बांट दिया जाता है जिन्होंने अपने सभी शेयरों के लिए अप्लाई किया था।

उदारहण से समझें फायदे का गणित

मान लीजिए आपने विप्रो के 112 शेयर ₹200 के भाव पर खरीदे थे और कंपनी उन्हें ₹250 में वापस खरीद रही है। ऐसे में प्रति शेयर ₹50 का फायदा बनता है। लेकिन यह फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके कितने शेयर कंपनी स्वीकार करती है।

विप्रो के तय एनटाइटलमेंट रेशियो के मुताबिक आपके 112 शेयरों में से 22 शेयर तो कंपनी पक्के तौर पर खरीदेगी। इससे आपको प्रति शेयर ₹50 के हिसाब से कम से कम ₹1100 (22 शेयर × ₹50) का नकद मुनाफा होगा।

अब मान लीजिए बायबैक खत्म होने के बाद कंपनी 50% का एक्सेप्टेंस रेशियो तय करती है। इस मामले में कंपनी आपके 50 परसेंट यानी 112 में से 56 शेयर 250 रुपये के भाव पर खरीदेगी। इससे आपको हर शेयर पर 50 रुपये यानी कुल 2800 रुपये का फायदा होगा। बाकी बचे 56 शेयर आपके डीमैट अकाउंट में सुरक्षित वापस आ जाएंगे।

टैक्स समेत इन फैक्टर्स के हिसाब से तय होगा फाइनल प्रॉफिट

अंतिम मुनाफा निकालते समय सिर्फ खरीद मूल्य और बायबैक मूल्य का अंतर नहीं देखना चाहिए। ब्रोकरेज, STT और टैक्स जैसी लागतें भी जुड़ती हैं, जिससे वास्तविक कमाई कम हो जाती है।

अब टैक्स का नियम भी बदल गया है। 1 अप्रैल, 2026 से पहले कंपनियां खुद बायबैक टैक्स देती थीं, इसलिए निवेशकों को बायबैक का पैसा टैक्स-फ्री मिलता था। लेकिन अब नए नियमों के तहत टैक्स का बोझ सीधे निवेशकों पर आ गया है।

अगर आपने Wipro के शेयर 12 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखे हैं, तो आपके मुनाफे पर 12.5% का LTCG टैक्स लगेगा। अगर होल्डिंग पीरियड 12 महीने से कम है, तो मुनाफे पर 20% का STCG लगेगा।

एक्सपर्ट्स की क्या है राय

एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटेल निवेशकों को आमतौर पर बड़े निवेशकों की तुलना में ज्यादा एक्सेप्टेंस रेशियो मिलता है। हालांकि इस बार प्रमोटर समूह भी बायबैक में हिस्सा लेने की योजना बना रहा है, इसलिए रिटेल निवेशकों का एक्सेप्टेंस रेशियो कुछ कम हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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