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  1. Paytm से SBI और ICICI Bank तक कई शेयर चढ़े, समझिए UPI MDR से इन कंपनियों को कैसे होगा फायदा?

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Paytm से SBI और ICICI Bank तक कई शेयर चढ़े, समझिए UPI MDR से इन कंपनियों को कैसे होगा फायदा?

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 10:29 IST

सारांश

Paytm के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि कंपनी का मर्चेंट पेमेंट कारोबार बड़ा है। Q4 FY26 में Paytm का मर्चेंट GMV ₹6.5 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 27% ज्यादा था। कंपनी का सब्सक्रिप्शन मर्चेंट बेस 1.51 करोड़ था।

शेयर सूची

UPI MDR

SBI, YES Bank, HDFC Bank, Axis Bank और ICICI Bank जैसे बैंक भी इस बदलाव से फायदा उठा सकते हैं।

आज 16 सितंबर को पेमेंट और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी हो रही है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय Paytm, One Mobikwik Systems, Bank of Baroda, SBI, YES Bank और ICICI Bank के शेयरों में तेजी देखी गई। इसकी वजह UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने की खबर है। बता दें कि नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को ऐलान किया कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2000 से ज्यादा के कुछ UPI पेमेंट पर 0.4% तक MDR लगाया जाएगा।

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किसमें कितनी तेजी?

आज के कारोबार में Paytm का शेयर करीब 7 फीसदी तक उछल गया, हालांकि बाद में इसने अपनी बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया। इसके अलावा One Mobikwik Systems में भी करीब 6 फीसदी की बढ़त नजर आई। बाद में यह शेयर भी लाल निशान पर चला गया। इसके अलावा Bank of Baroda, SBI, YES Bank और ICICI Bank में भी तेजी देखने को मिली।

ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं

यह चार्ज केवल Person-to-Merchant (P2M) यानी ग्राहक से दुकानदार या कारोबारी को किए जाने वाले ₹2000 से ज्यादा के पेमेंट पर लागू होगा। Person-to-Person (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांसफर पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि ग्राहकों को UPI से पेमेंट करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। MDR असल में मर्चेंट पेमेंट सिस्टम के अंदर लिया जाने वाला चार्ज है।

₹2,000 तक के छोटे P2M ट्रांजैक्शन पर भी कोई MDR नहीं लगेगा। सरकार के मुताबिक, ऐसे पेमेंट कुल P2M ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के 95% से ज्यादा हैं। वहीं P2P ट्रांसफर UPI के कुल वॉल्यूम का करीब 37% और कुल वैल्यू का करीब 70% हैं। इन पर भी किसी तरह का चार्ज नहीं लगाया जाएगा।

किन सेक्टरों पर कितना चार्ज

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल और कृषि इनपुट जैसे कम मार्जिन वाले जरूरी सेक्टरों में ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट MDR लगेगा। बिजली, पानी और पाइप्ड गैस जैसे सरकारी यूटिलिटी बिल और स्कूल-कॉलेज की फीस के लिए भी यही फ्लैट-फीस व्यवस्था लागू होगी। म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉकब्रोकर के जरिए किए गए पेमेंट पर 0.02% MDR लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 होगी। सामान्य P2M ट्रांजैक्शन में 0.4% MDR की सीमा ₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर ₹300 होगी।

Paytm पर खास नजर

Paytm के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि कंपनी का मर्चेंट पेमेंट कारोबार बड़ा है। Q4 FY26 में Paytm का मर्चेंट GMV ₹6.5 लाख करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 27% ज्यादा था। कंपनी का सब्सक्रिप्शन मर्चेंट बेस 1.51 करोड़ था। Paytm ने कहा है कि नया MDR उन कई मर्चेंट ट्रांजैक्शन से अतिरिक्त रेवेन्यू का रास्ता खोल सकता है, जिन पर पहले कोई चार्ज नहीं लगता था। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि नियम लागू होने के बाद इसके वास्तविक असर का आकलन किया जाएगा।

किन बैंकों को फायदा हो सकता है

SBI, YES Bank, HDFC Bank, Axis Bank और ICICI Bank जैसे बैंक भी इस बदलाव से फायदा उठा सकते हैं, क्योंकि MDR से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा बैंकिंग सिस्टम को मिलेगा। रिपोर्टेड डिस्ट्रीब्यूशन के मुताबिक, इश्यूअर बैंक को MDR का 40%, मर्चेंट एक्वायरर को 30% और UPI ऐप को 20% हिस्सा मिल सकता है। Bank of Baroda, Union Bank, Punjab National Bank और Canara Bank जैसे ज्यादा UPI वॉल्यूम वाले बैंक भी निवेशकों की नजर में रह सकते हैं। हालांकि, कमाई पर असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके कितने UPI ट्रांजैक्शन चार्ज वाली कैटेगरी में आते हैं और बैंक की भूमिका क्या है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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