मार्केट न्यूज़

5 min read | अपडेटेड September 16, 2026, 09:50 IST
सारांश
2010 में बनी, ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड एक फसाड सॉल्यूशंस और फेनिस्ट्रेशन प्रोवाइडर है, जो भारत के साथ-साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे इंटरनेशनल मार्केट में भी काम करती है। वहीं 1972 में बनी, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भारत में ट्रांसफॉर्मर बनाने का काम करती है।

आज मार्केट में तीन आईपीओ की लिस्टिंग (Photo: Shutterstock)
आज तीन मेनबोर्ड आईपीओ लिस्ट हुए हैं, जिसमें से दो का सब्सक्रिप्शन ठीक-ठाक रहा था। ग्लास वॉल सिस्टम्स और कनोहर इलेक्ट्रिकल्स आईपीओ में दांव लगाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग पर मामूली मुनाफा हुआ है, वहीं प्रसोल केमिकल्स की लिस्टिंग डिस्काउंटेड प्राइस पर हुई है। कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के शेयर एनएसई पर 8.47% प्रीमियम यानी कि प्रति शेयर 53.50 रुपये के मुनाफे के साथ 685.50 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। वहीं ग्लास वॉल सिस्टम्स के शेयर एनएसई पर 6.59% प्रीमियम यानी कि प्रति शेयर 12 रुपये के प्रॉफिट के साथ 194 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। प्रसोल केमिकल्स की लिस्टिंग पर निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसके शेयर एनएसई पर 9.76% के डिस्काउंट यानी कि प्रति शेयर 66 रुपये के नुकसान के साथ 610 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। चलिए एक नजर डालते हैं तीनों आईपीओ की अहम डीटेल्स पर साथ ही कंपनी के बिजनेस पर-
ग्लास वॉल सिस्टम्स आईपीओ 427.89 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 60 करोड़ रुपये के 32.97 लाख नए शेयरों का इश्यू और 367.89 करोड़ रुपये के 2.02 करोड़ शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। ग्लास वॉल सिस्टम्स आईपीओ के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 182 प्रति शेयर तय किया गया। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 82 शेयर रखा गया। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी कम से कम निवेश की रकम 14,924 रुपये (82 शेयर) तय की गई। ग्लास वॉल सिस्टम्स आईपीओ 81.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 10 सितंबर, 2026 को शाम 6:54:06 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 33.18 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 167.93 गुना और NII कैटेगरी में 79.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
2010 में बनी, ग्लास लॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड एक फसाड सॉल्यूशंस और फेनिस्ट्रेशन प्रोवाइडर है, जो भारत के साथ-साथ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे इंटरनेशनल मार्केट में भी काम करती है। कंपनी के पास इस इंडस्ट्री का दो दशकों से ज्यादा का अनुभव है और 31 मार्च, 2026 तक इसने 158 से ज्यादा प्रोजेक्ट पूरे कर लिए हैं।
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स आईपीओ 1,055.74 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 300 करोड़ रुपये के 47.47 लाख नए शेयरों का इश्यू और 755.74 करोड़ रुपये के 1.20 करोड़ शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। कनोहर इलेक्ट्रिकल्स आईपीओ की फाइनल इश्यू कीमत 632 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 23 शेयर रखा गया। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी कम से कम निवेश राशि 14,536 रुपये (23 शेयर) तय की गई। कनोहर इलेक्ट्रिकल्स आईपीओ 90.59 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 10 सितंबर, 2026 को शाम 6:54:17 बजे (तीसरे दिन) तक, पब्लिक इश्यू रिटेल कैटेगरी में 20.51 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 215.37 गुना और NII कैटेगरी में 87.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
1972 में बनी, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भारत में ट्रांसफॉर्मर बनाने का काम करती है। कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे बिजनेसों की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी दो बिजनेस सेगमेंट के जरिए काम करती है- (1) ट्रांसफॉर्मर बनाना और (2) इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC)। यह भारत की उन चार मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जिन्हें इंडियन रेलवे की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा, रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने के लिए सर्टिफाई किया है। कंपनी के पांच रीजनल ऑफिस NCT दिल्ली, मुंबई (महाराष्ट्र), कोलकाता (पश्चिम बंगाल), बैंगलोर (कर्नाटक) और चेन्नई (तमिलनाडु) में हैं।
प्रसोल केमिकल्स आईपीओ 500 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ड इश्यू है। इस इश्यू में 80 करोड़ रुपये के 11.83 लाख नए शेयरों का इश्यू और 420 करोड़ रुपये के 62.13 लाख शेयरों की बिक्री का ऑफर (OFS) शामिल है। प्रसोल केमिकल्स IPO की फाइनल इश्यू कीमत 676 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 22 शेयर रखा गया। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी न्यूनतम निवेश राशि 14,872 रुपये (22 शेयर) तय की गई। प्रसोल केमिकल्स आईपीओ 3.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 10 सितंबर, 2026 को शाम 6:54:53 बजे (तीसरे दिन) तक, पब्लिक इश्यू रिटेल कैटेगरी में 1.79 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 7.59 गुना और NII कैटेगरी में 1.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
1992 में बनी प्रासोल केमिकल्स, स्पेशलिटी केमिकल्स इंडस्ट्री में काम करती है। कंपनी 150 से ज्यादा स्पेशलिटी केमिकल्स बनाती है, जिनमें एसीटोन-बेस्ड, फॉस्फोरस-बेस्ड और दूसरे कॉम्प्लेक्स केमिकल्स शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 21 एसीटोन-बेस्ड केमिकल्स, 53 फॉस्फोरस-बेस्ड केमिकल्स और 76 दूसरे स्पेशलिटी केमिकल्स (जैसे सर्फेक्टेंट्स, एस्टर्स, एसिड्स) शामिल हैं। इसके प्रोडक्ट्स 5 मुख्य इंडस्ट्रीज की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिनमें परफॉर्मेंस केमिकल्स (जैसे लुब्रिकेंट और माइनिंग एडिटिव्स), पेंट, इंक, कंस्ट्रक्शन और एडहेसिव्स (PICA), फार्मास्यूटिकल्स, एग्रोकेमिकल्स और होम एंड पर्सनल केयर शामिल हैं।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख